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भारत ने पाकिस्तान मिशन पर कार्रवाई को बताया ‘अनुपातिक जवाब’
Sandeep Patel
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर ढांचे हटाने की भारत की कार्रवाई को इस्लामाबाद के कदम का अनुपातिक जवाब बताया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अस्थायी ढांचों को हटाना, इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिक मिशन के बाहर इसी तरह की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया “अनुपातिक कदम” था।
MEA ने दिल्ली कार्रवाई समझाई
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अस्थायी ढांचों को हटाने की कार्रवाई को “अनुपातिक जवाब” बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कदम इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान की ओर से की गई इसी तरह की कार्रवाई के बाद उठाया गया।
जायसवाल के अनुसार, भारत ने पहले पाकिस्तान से भारतीय मिशन के बाहर मौजूद ढांचों को नहीं हटाने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद पाकिस्तान ने उन्हें हटा दिया, जिसके बाद नई दिल्ली में भी जवाबी कार्रवाई की गई।
दिल्ली में हटाए गए ढांचे
नई दिल्ली में कार्रवाई पाकिस्तान उच्चायोग के निर्धारित परिसर के बाहर स्थित अस्थायी ढांचों पर की गई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई में राजनयिक मिशन के बाहर सड़क पर लगाए गए कतार प्रबंधन से जुड़े बैरियर शामिल थे। रिपोर्टों में इन्हें वीजा अनुभाग के पास लगाए गए क्यू लाइनर और अन्य संबंधित ढांचे बताया गया है।
पाकिस्तान उच्चायोग के मुख्य परिसर को इस कार्रवाई से प्रभावित नहीं किया गया।
इस्लामाबाद में पहले हुई कार्रवाई
भारत की कार्रवाई से पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर मौजूद कुछ ढांचों को हटा दिया था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन के सामने कुछ ढांचे पार्किंग की सुविधा के लिए लगाए गए थे। भारत ने पाकिस्तान से इन्हें नहीं हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस्लामाबाद ने कार्रवाई जारी रखी।
इसके बाद नई दिल्ली ने पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर मौजूद अस्थायी ढांचों को हटाया।
जायसवाल ने बताया अनुपातिक कदम
रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत की कार्रवाई को व्यापक राजनयिक टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत ने पहले पाकिस्तान के कदम पर आपत्ति जताई थी और कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया था। पाकिस्तान द्वारा ढांचे हटाए जाने के बाद भारत ने भी उसी तरह का कदम उठाया।
विदेश मंत्रालय ने इसे सीमित और अनुपातिक प्रतिक्रिया के तौर पर पेश किया है।
भारत-पाक संबंध पहले से तनावपूर्ण
दोनों देशों के बीच यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं।
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में और गिरावट आई थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद दोनों देशों ने कई राजनयिक और सुरक्षा संबंधी कदम उठाए हैं। ऐसे माहौल में राजनयिक मिशनों के बाहर की छोटी घटनाएं भी राजनीतिक और कूटनीतिक महत्व हासिल कर लेती हैं।
दोनों देशों में जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तान द्वारा भारतीय उच्चायोग के बाहर ढांचे हटाए जाने के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर इसी तरह की कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच “टिट-फॉर-टैट” कूटनीति की तस्वीर पेश की है।
हालांकि, मौजूदा विवाद राजनयिक परिसरों की औपचारिक स्थिति या दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को बदलने से जुड़ा नहीं है।
यह मामला फिलहाल मिशनों के बाहर लगाए गए अस्थायी और सुविधा संबंधी ढांचों तक सीमित है।
आगे क्या होगा?
भारत ने फिलहाल अपनी कार्रवाई को पाकिस्तान के कदम के जवाब में उठाया गया सीमित और अनुपातिक कदम बताया है।
इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव जरूर सामने आया है, लेकिन इससे राजनयिक संबंधों में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं मिलता।
हालांकि, यदि दोनों पक्ष आगे भी एक-दूसरे के राजनयिक मिशनों से जुड़े मामलों में जवाबी कार्रवाई जारी रखते हैं, तो इससे पहले से संवेदनशील भारत-पाक संबंधों पर और दबाव बढ़ सकता है।
नई दिल्ली का मौजूदा रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद भारत ने समान प्रकृति का जवाब दिया और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
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