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सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी: दिल्ली जल बोर्ड केस में अब तक क्या हुआ
Sandeep Patel
सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी मामले में FIR से लेकर ACB कार्रवाई और कोर्ट की 14 दिन की न्यायिक हिरासत तक पूरी प्रक्रिया जानिए।
सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को पूर्व मंत्री को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं, टेंडर शर्तों में बदलाव और वित्तीय लेनदेन की जांच से जुड़ा है।
2024 में दर्ज हुई FIR
दिल्ली एंटी करप्शन ब्रांच ने इस मामले में 11 मई 2024 को FIR दर्ज की थी। FIR दिल्ली सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत के आधार पर दर्ज हुई। जांच में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
ACB का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और एक खास निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने की स्थिति बनी।
टेंडर प्रक्रिया में आरोप
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि STP परियोजनाओं के टेंडर तैयार करने और उनकी शर्तों में बदलाव के दौरान कुछ अधिकारियों, सलाहकारों और निजी पक्षों के बीच कथित सांठगांठ हुई।
मामले में पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अनिकेत श्रीवास्तव और निजी पक्षों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी आरोपी बनाया गया।
ACB के अनुसार, जांच में कुछ संचार, बैठकों और टेंडर की शर्तों तथा corrigendum में कथित बदलावों की भी जांच की जा रही है।
1.52 करोड़ का मनी ट्रेल
मामले में सामने आए सबसे अहम आरोपों में से एक कथित 1.52 करोड़ रुपये का वित्तीय ट्रेल है। ACB का कहना है कि यह रकम उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों तक पहुंची और कथित तौर पर अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल हुई।
जांच एजेंसी अब इस रकम के स्रोत, उसके हस्तांतरण और उससे जुड़े अन्य लेनदेन की पड़ताल कर रही है। यह आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
18 अगस्त को छह गिरफ्तार
ACB ने 18 अगस्त 2026 को सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में जैन के अलावा पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, अनिकेत श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद मामले में पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत को लेकर सुनवाई हुई।
कोर्ट में जैन की दलील
सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी। उन्होंने अदालत में कहा कि जिस टेंडर को लेकर जांच हो रही है, वह दिसंबर 2022 में जारी हुआ था और उस समय तक वह जल मंत्री के पद पर नहीं थे। जैन ने यह भी कहा कि वह टेंडर की तकनीकी प्रक्रिया में शामिल नहीं थे और तकनीकी मामलों में विशेषज्ञों पर निर्भर रहते थे।
अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग स्वीकार नहीं की और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पांच न्यायिक, एक पुलिस हिरासत
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन, उदित प्रकाश राय, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
वहीं, अनिकेत श्रीवास्तव को आगे की पूछताछ के लिए दो दिन की ACB हिरासत दी गई। अदालत के इस आदेश के बाद जांच एजेंसी को आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की जांच आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
जैन की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। जैन ने भी गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए इसे पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि कार्रवाई कथित वित्तीय ट्रेल तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर हुई है।
अब आगे क्या होगा
मामले में अब ACB कथित टेंडर हेरफेर, बैंक लेनदेन, दस्तावेजों, संचार और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच आगे बढ़ाएगी। अदालत में आरोपों की अगली कानूनी प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी अपने आप में दोष साबित नहीं करती। जैन और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप अभी न्यायिक जांच के अधीन हैं और अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी: दिल्ली जल बोर्ड केस में अब तक क्या हुआ
Sandeep Patel
सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को पूर्व मंत्री को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं, टेंडर शर्तों में बदलाव और वित्तीय लेनदेन की जांच से जुड़ा है।
2024 में दर्ज हुई FIR
दिल्ली एंटी करप्शन ब्रांच ने इस मामले में 11 मई 2024 को FIR दर्ज की थी। FIR दिल्ली सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत के आधार पर दर्ज हुई। जांच में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
ACB का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और एक खास निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने की स्थिति बनी।
टेंडर प्रक्रिया में आरोप
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि STP परियोजनाओं के टेंडर तैयार करने और उनकी शर्तों में बदलाव के दौरान कुछ अधिकारियों, सलाहकारों और निजी पक्षों के बीच कथित सांठगांठ हुई।
मामले में पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अनिकेत श्रीवास्तव और निजी पक्षों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी आरोपी बनाया गया।
ACB के अनुसार, जांच में कुछ संचार, बैठकों और टेंडर की शर्तों तथा corrigendum में कथित बदलावों की भी जांच की जा रही है।
1.52 करोड़ का मनी ट्रेल
मामले में सामने आए सबसे अहम आरोपों में से एक कथित 1.52 करोड़ रुपये का वित्तीय ट्रेल है। ACB का कहना है कि यह रकम उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों तक पहुंची और कथित तौर पर अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल हुई।
जांच एजेंसी अब इस रकम के स्रोत, उसके हस्तांतरण और उससे जुड़े अन्य लेनदेन की पड़ताल कर रही है। यह आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
18 अगस्त को छह गिरफ्तार
ACB ने 18 अगस्त 2026 को सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में जैन के अलावा पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, अनिकेत श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद मामले में पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत को लेकर सुनवाई हुई।
कोर्ट में जैन की दलील
सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी। उन्होंने अदालत में कहा कि जिस टेंडर को लेकर जांच हो रही है, वह दिसंबर 2022 में जारी हुआ था और उस समय तक वह जल मंत्री के पद पर नहीं थे। जैन ने यह भी कहा कि वह टेंडर की तकनीकी प्रक्रिया में शामिल नहीं थे और तकनीकी मामलों में विशेषज्ञों पर निर्भर रहते थे।
अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग स्वीकार नहीं की और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पांच न्यायिक, एक पुलिस हिरासत
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन, उदित प्रकाश राय, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
वहीं, अनिकेत श्रीवास्तव को आगे की पूछताछ के लिए दो दिन की ACB हिरासत दी गई। अदालत के इस आदेश के बाद जांच एजेंसी को आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की जांच आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
जैन की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। जैन ने भी गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए इसे पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि कार्रवाई कथित वित्तीय ट्रेल तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर हुई है।
अब आगे क्या होगा
मामले में अब ACB कथित टेंडर हेरफेर, बैंक लेनदेन, दस्तावेजों, संचार और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच आगे बढ़ाएगी। अदालत में आरोपों की अगली कानूनी प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
सत्येंद्र जैन गिरफ्तारी अपने आप में दोष साबित नहीं करती। जैन और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप अभी न्यायिक जांच के अधीन हैं और अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
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