- Hindi News
- देश विदेश
- मानसून सत्र खत्म, लोकसभा में 1 मिनट चली कार्यवाही
मानसून सत्र खत्म, लोकसभा में 1 मिनट चली कार्यवाही
भारत
आखिरी दिन सदन में पीएम मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी रहे मौजूद; बाहर बंदर के खिलौने के साथ विपक्ष का प्रदर्शन
नई दिल्ली में संसद का मानसून सत्र गुरुवार को हंगामे और राजनीतिक खींचतान के बीच खत्म हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट में समाप्त हो गई, जबकि राज्यसभा करीब एक घंटे तक चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रियों और विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई प्रमुख सांसद मौजूद थे। सदन की बैठक शुरू होने के बाद वंदे मातरम का गायन हुआ और इसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। लंबे समय से अलग-अलग मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तकरार के बीच आखिरी दिन भी सदन में ज्यादा चर्चा या बहस नहीं हो सकी।
राज्यसभा में हालांकि लोकसभा के मुकाबले कार्यवाही कुछ ज्यादा देर चली। सदन में खनन क्षेत्र से जुड़े MMDR संशोधन विधेयक को पारित किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सदन में हल्द्वानी से जुड़े एक कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और इसे राजनीतिक तथा सामाजिक नजरिए से गंभीर विषय बताया। मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा था। छात्रों से जुड़े मामलों, कानून-व्यवस्था और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली। सरकार की ओर से विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए गए, जबकि विपक्ष का कहना रहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। आखिरी दिन भी सदन के बाहर राजनीतिक गतिविधियां जारी रहीं।
विपक्षी सांसद बंदर का खिलौना लेकर संसद परिसर के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने सरकार की नीतियों और संसद में विपक्ष की आवाज को लेकर सवाल उठाए। संसद परिसर के बाहर इस प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान खींचा। अंदर सदन की कार्यवाही कुछ ही समय में खत्म हो गई, वहीं बाहर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और प्रदर्शन का सिलसिला चलता रहा। मानसून सत्र के दौरान कई बार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते प्रभावित हुई थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा के मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पाई और कई मौकों पर सदन को स्थगित करना पड़ा। आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी की मौजूदगी के बावजूद लोकसभा में कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। राज्यसभा में विधायी कामकाज आगे बढ़ा और MMDR संशोधन विधेयक पारित हुआ, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने हल्द्वानी से जुड़े मामले को सदन में उठाया।
मानसून सत्र खत्म, लोकसभा में 1 मिनट चली कार्यवाही
भारत
नई दिल्ली में संसद का मानसून सत्र गुरुवार को हंगामे और राजनीतिक खींचतान के बीच खत्म हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट में समाप्त हो गई, जबकि राज्यसभा करीब एक घंटे तक चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रियों और विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई प्रमुख सांसद मौजूद थे। सदन की बैठक शुरू होने के बाद वंदे मातरम का गायन हुआ और इसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। लंबे समय से अलग-अलग मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तकरार के बीच आखिरी दिन भी सदन में ज्यादा चर्चा या बहस नहीं हो सकी।
राज्यसभा में हालांकि लोकसभा के मुकाबले कार्यवाही कुछ ज्यादा देर चली। सदन में खनन क्षेत्र से जुड़े MMDR संशोधन विधेयक को पारित किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सदन में हल्द्वानी से जुड़े एक कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और इसे राजनीतिक तथा सामाजिक नजरिए से गंभीर विषय बताया। मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा था। छात्रों से जुड़े मामलों, कानून-व्यवस्था और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली। सरकार की ओर से विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए गए, जबकि विपक्ष का कहना रहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। आखिरी दिन भी सदन के बाहर राजनीतिक गतिविधियां जारी रहीं।
विपक्षी सांसद बंदर का खिलौना लेकर संसद परिसर के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने सरकार की नीतियों और संसद में विपक्ष की आवाज को लेकर सवाल उठाए। संसद परिसर के बाहर इस प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान खींचा। अंदर सदन की कार्यवाही कुछ ही समय में खत्म हो गई, वहीं बाहर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और प्रदर्शन का सिलसिला चलता रहा। मानसून सत्र के दौरान कई बार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते प्रभावित हुई थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा के मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पाई और कई मौकों पर सदन को स्थगित करना पड़ा। आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी की मौजूदगी के बावजूद लोकसभा में कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। राज्यसभा में विधायी कामकाज आगे बढ़ा और MMDR संशोधन विधेयक पारित हुआ, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने हल्द्वानी से जुड़े मामले को सदन में उठाया।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
