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अगर आज मैं जिंदा हूँ तो पीएम मोदी और अमित शाह की वजह से: नूपुर शर्मा
नेशनल न्यूज
बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता ने महिला सम्मेलन में बताया निजी जीवन पर असर और सुरक्षा का अनुभव
बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने दिल्ली में सेवा भारती के महिला सम्मेलन में खुलासा किया कि बीते चार वर्षों से उनका जीवन बेहद कठिन रहा है और लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें सामान्य जीवन जीना लगभग असंभव हो गया। उन्होंने कहा कि आज अगर वह और उनका परिवार सुरक्षित हैं तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जाता है।
विवाद और सुरक्षा का सिलसिला
नूपुर शर्मा ने बताया कि 2022 में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर टीवी डिबेट के दौरान उनके पैगंबर मोहम्मद के संदर्भ में दिए गए विवादित बयान के बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इस बयान के कारण देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और कई मुस्लिम देशों में भी नाराजगी जताई गई। बीजेपी ने उन्हें अस्थायी रूप से पार्टी से निलंबित किया और दिल्ली पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी।
“यदि आज मैं सांस ले रही हूं और मेरा परिवार सुरक्षित है, तो इसका कारण प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से दी गई सुरक्षा व्यवस्था है,” शर्मा ने महिला सम्मेलन में कहा। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवधि में उनके निजी और पेशेवर जीवन पर गंभीर असर पड़ा और वह सार्वजनिक जीवन में बहुत सीमित रूप से ही सक्रिय रही हैं।
महिलाओं के लिए संदेश
कार्यक्रम में नूपुर शर्मा ने महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं है; महिलाओं को आत्मरक्षा और सुरक्षा के कौशल सीखने चाहिए। शर्मा ने अपने माता-पिता के द्वारा वकालत और आत्मरक्षा दोनों का प्रशिक्षण मिलने का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे वह अपने परिवार की सुरक्षा में और अधिक सक्षम होतीं।
साथ ही, उन्होंने पिछले डेढ़ दशक में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अक्सर चिंताजनक खबरें आती थीं, लेकिन आज महिलाएं अधिक आत्मविश्वास के साथ काम और पढ़ाई के लिए बाहर निकल रही हैं। शर्मा ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।
नूपुर शर्मा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी सार्वजनिक गतिविधियाँ सीमित हैं और वह लंबे समय से निजी जीवन पर ध्यान दे रही हैं। उनके अनुभव ने महिलाओं के लिए सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नूपुर शर्मा का संदेश स्पष्ट है: राजनीतिक विवादों के बावजूद सुरक्षा और नेतृत्व का समर्थन व्यक्ति की जीवन रक्षा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
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