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तृषा पर कथित टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन पर केस, पुलिस ने हिरासत में लिया
Digital Desk
कावेरी मुद्दे की रैली में दिए बयान पर बढ़ा विवाद, छह धाराओं में मामला दर्ज; डीएमके ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता और डीएमके के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ छह अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद उदयनिधि ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
यह मामला तंजावुर में आयोजित कावेरी जल विवाद से जुड़ी एक रैली के दौरान सामने आया। उदयनिधि स्टालिन इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की नीतियों पर हमला बोल रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाने शुरू कर दिए। आरोप है कि इसके जवाब में उदयनिधि ने ऐसा बयान दिया, जिसे विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने अभिनेत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक और महिलाओं का अपमान करने वाला बताया।
विवाद बढ़ने पर उदयनिधि स्टालिन ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का संबंध केवल कावेरी नदी के पानी से था और उन्होंने किसी अभिनेत्री या महिला का नाम लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। उनका कहना है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकालकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया है। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनके समर्थकों और डीएमके कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध किया। चेन्नई स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जमा हो गए, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर हटाया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक दलों ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेताओं ने इस बयान को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों का चयन बेहद सावधानी से करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि से सार्वजनिक माफी की मांग की। भाजपा की वरिष्ठ नेता खुशबू सुंदर ने कहा कि यदि किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी हुई है तो उसके लिए बिना शर्त माफी मांगी जानी चाहिए।
दूसरी ओर डीएमके ने पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद टी.आर. बालू ने कहा कि उदयनिधि ने किसी महिला का नाम नहीं लिया और उनके बयान को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। पूर्व मंत्री टी. मनो थंगराज ने भी कहा कि कावेरी जल विवाद और किसानों के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस विवाद को हवा दी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बीच अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। तृषा दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हैं और उन्होंने अभिनेता विजय के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया है। दोनों कलाकारों के निजी संबंधों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि दोनों ने कभी इन अटकलों की पुष्टि नहीं की। इस मामले में तृषा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उदयनिधि स्टालिन इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विवादों में रह चुके हैं। वर्ष 2023 में सनातन धर्म को लेकर दिए गए उनके बयान ने देशभर में राजनीतिक बहस छेड़ दी थी। उस बयान के बाद उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में शिकायतें दर्ज हुई थीं। वर्ष 2026 में भी विधानसभा के भीतर दिए गए उनके एक बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था। ऐसे में यह नया विवाद उनके राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
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तृषा पर कथित टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन पर केस, पुलिस ने हिरासत में लिया
Digital Desk
तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता और डीएमके के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ छह अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद उदयनिधि ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
यह मामला तंजावुर में आयोजित कावेरी जल विवाद से जुड़ी एक रैली के दौरान सामने आया। उदयनिधि स्टालिन इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की नीतियों पर हमला बोल रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाने शुरू कर दिए। आरोप है कि इसके जवाब में उदयनिधि ने ऐसा बयान दिया, जिसे विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने अभिनेत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक और महिलाओं का अपमान करने वाला बताया।
विवाद बढ़ने पर उदयनिधि स्टालिन ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का संबंध केवल कावेरी नदी के पानी से था और उन्होंने किसी अभिनेत्री या महिला का नाम लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। उनका कहना है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकालकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया है। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनके समर्थकों और डीएमके कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध किया। चेन्नई स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जमा हो गए, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर हटाया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक दलों ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेताओं ने इस बयान को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों का चयन बेहद सावधानी से करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि से सार्वजनिक माफी की मांग की। भाजपा की वरिष्ठ नेता खुशबू सुंदर ने कहा कि यदि किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी हुई है तो उसके लिए बिना शर्त माफी मांगी जानी चाहिए।
दूसरी ओर डीएमके ने पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद टी.आर. बालू ने कहा कि उदयनिधि ने किसी महिला का नाम नहीं लिया और उनके बयान को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। पूर्व मंत्री टी. मनो थंगराज ने भी कहा कि कावेरी जल विवाद और किसानों के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस विवाद को हवा दी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बीच अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। तृषा दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हैं और उन्होंने अभिनेता विजय के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया है। दोनों कलाकारों के निजी संबंधों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि दोनों ने कभी इन अटकलों की पुष्टि नहीं की। इस मामले में तृषा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उदयनिधि स्टालिन इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विवादों में रह चुके हैं। वर्ष 2023 में सनातन धर्म को लेकर दिए गए उनके बयान ने देशभर में राजनीतिक बहस छेड़ दी थी। उस बयान के बाद उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में शिकायतें दर्ज हुई थीं। वर्ष 2026 में भी विधानसभा के भीतर दिए गए उनके एक बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था। ऐसे में यह नया विवाद उनके राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
