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आज का पंचांग 7 मई 2026 : ज्येष्ठ पंचमी पर जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का पूरा समय
धर्म डेस्क
जानें 7 मई 2026 का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और पूजा के लिए सही समय। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से कैसा रहेगा।
7 मई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ माह की कृष्ण पंचमी तिथि है जो सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार आज ग्रह-नक्षत्रों की चाल सामान्य मानी जा रही है, लेकिन कुछ समय विशेष कार्यों के लिए अत्यंत शुभ और कुछ समय अशुभ भी बताए गए हैं। सुबह से लेकर रात तक चलने वाले इन मुहूर्तों का असर दैनिक जीवन और धार्मिक कार्यों पर देखा जाता है।
आज का दिन सूर्य के उत्तरायण में रहने के साथ उत्तर गोल और वसंत ऋतु का हिस्सा है। सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर सूर्य का उदय हुआ और शाम 7 बजे सूर्यास्त होगा। चंद्रमा की स्थिति धनु राशि में बनी हुई है, जो रात 1 बजकर 26 मिनट (8 मई) तक इसी राशि में रहेगा। वहीं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शाम 6 बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। इस नक्षत्र का संबंध शुक्र देव से बताया जाता है और इसका प्रभाव व्यक्ति के आत्मविश्वास, लोकप्रियता और निर्णय क्षमता पर पड़ता है।
दिन के शुभ योगों की बात करें तो साध्य योग रात 2 बजे (8 मई) तक रहेगा, इसके बाद शुभ योग की शुरुआत होगी। वहीं करण में तैतिल सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक और उसके बाद गरज करण रात 11 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों और करणों का प्रभाव पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत पर पड़ता है।
आज के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 6 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, जिसे ध्यान, पूजा और साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। वहीं अमृत काल दोपहर 1 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ समय की श्रेणी में रखा गया है।
दूसरी ओर आज कुछ अशुभ समय भी बताए गए हैं जिनमें सावधानी बरतनी चाहिए। राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी नया कार्य शुरू करना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इन समयों में महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
आज किसी बड़े व्रत या त्योहार का उल्लेख नहीं है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से दिन को शांत और साधारण माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज का दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ, ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे लोग आमतौर पर आत्मविश्वासी, भाग्यशाली और मिलनसार स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोग अपने जीवन में साहस और समझदारी के साथ आगे बढ़ते हैं।
आज का विशेष उपाय भी बताया गया है। मान्यता है कि आज भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और उन्हें पीले फूल अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही गुरुवार के दिन चने की दाल का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे कार्यों में सफलता और बाधाओं का निवारण होता है।
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आज का पंचांग 7 मई 2026 : ज्येष्ठ पंचमी पर जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का पूरा समय
धर्म डेस्क
7 मई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ माह की कृष्ण पंचमी तिथि है जो सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार आज ग्रह-नक्षत्रों की चाल सामान्य मानी जा रही है, लेकिन कुछ समय विशेष कार्यों के लिए अत्यंत शुभ और कुछ समय अशुभ भी बताए गए हैं। सुबह से लेकर रात तक चलने वाले इन मुहूर्तों का असर दैनिक जीवन और धार्मिक कार्यों पर देखा जाता है।
आज का दिन सूर्य के उत्तरायण में रहने के साथ उत्तर गोल और वसंत ऋतु का हिस्सा है। सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर सूर्य का उदय हुआ और शाम 7 बजे सूर्यास्त होगा। चंद्रमा की स्थिति धनु राशि में बनी हुई है, जो रात 1 बजकर 26 मिनट (8 मई) तक इसी राशि में रहेगा। वहीं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शाम 6 बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। इस नक्षत्र का संबंध शुक्र देव से बताया जाता है और इसका प्रभाव व्यक्ति के आत्मविश्वास, लोकप्रियता और निर्णय क्षमता पर पड़ता है।
दिन के शुभ योगों की बात करें तो साध्य योग रात 2 बजे (8 मई) तक रहेगा, इसके बाद शुभ योग की शुरुआत होगी। वहीं करण में तैतिल सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक और उसके बाद गरज करण रात 11 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों और करणों का प्रभाव पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत पर पड़ता है।
आज के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 6 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, जिसे ध्यान, पूजा और साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। वहीं अमृत काल दोपहर 1 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ समय की श्रेणी में रखा गया है।
दूसरी ओर आज कुछ अशुभ समय भी बताए गए हैं जिनमें सावधानी बरतनी चाहिए। राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी नया कार्य शुरू करना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इन समयों में महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
आज किसी बड़े व्रत या त्योहार का उल्लेख नहीं है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से दिन को शांत और साधारण माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज का दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ, ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे लोग आमतौर पर आत्मविश्वासी, भाग्यशाली और मिलनसार स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोग अपने जीवन में साहस और समझदारी के साथ आगे बढ़ते हैं।
आज का विशेष उपाय भी बताया गया है। मान्यता है कि आज भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और उन्हें पीले फूल अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही गुरुवार के दिन चने की दाल का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे कार्यों में सफलता और बाधाओं का निवारण होता है।
