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रीवा तहसील कार्यालय में रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार, 80 हजार मांगने का आरोप
रीवा
रीवा के त्योंथर तहसील कार्यालय में लोकायुक्त ने बाबू अनिल त्रिपाठी को 9500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। 80 हजार मांगने का आरोप।
रीवा जिले के त्योंथर तहसील कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त की टीम ने एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी बाबू की पहचान अनिल कुमार त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो तहसील कार्यालय में पदस्थ बताया जा रहा है। लोकायुक्त टीम ने उसे 9500 रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाबू पर एक जमीन संबंधी प्रकरण में फैसला पक्ष में करवाने और बेदखली की कार्रवाई रोकने के नाम पर 80 हजार रुपए मांगने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता अजय मिश्रा, जो त्योंथर तहसील के ग्राम डाढाकला के रहने वाले हैं, पिछले कुछ समय से तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। उनका कहना है कि मामले के निराकरण के लिए लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। इतना ही नहीं, बेदखल करने का डर दिखाकर दबाव भी बनाया जा रहा था। परेशान होकर उन्होंने 4 मई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया था कि तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल त्रिपाठी द्वारा काम के बदले रिश्वत मांगी जा रही है।
लोकायुक्त संगठन ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया। अधिकारियों के अनुसार जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई। गुरुवार 7 मई को लोकायुक्त रीवा की टीम ने तहसीलदार कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की। इसी दौरान आरोपी बाबू को 9500 रुपए लेते हुए पकड़ लिया गया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि कुछ देर के लिए कार्यालय में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। वहां मौजूद कर्मचारी भी हैरान रह गए।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी शुरुआत में पूरी रकम चाहता था, लेकिन बाद में किश्तों में पैसे लेने की बात सामने आई। लोकायुक्त टीम काफी देर से कार्यालय के आसपास निगरानी कर रही थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम आरोपी को सौंपी, टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे पकड़ लिया। मौके पर जरूरी दस्तावेजी कार्रवाई भी की गई।
लोकायुक्त रीवा के उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने बताया कि शिकायत का सत्यापन कराने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई थी। आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
कार्रवाई में निरीक्षक एस. राम मरावी सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही। स्वतंत्र शासकीय गवाहों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त संगठन ने इस कार्रवाई के बाद आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले पैसे मांगता है तो तत्काल शिकायत करें।
उधर शिकायतकर्ता अजय मिश्रा का कहना है कि वे लगातार मानसिक दबाव में थे। उन्हें डर था कि अगर पैसे नहीं दिए तो जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार दफ्तर आने-जाने के बाद भी काम नहीं हुआ और आखिरकार मजबूर होकर लोकायुक्त की मदद लेनी पड़ी। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा।
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रीवा तहसील कार्यालय में रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार, 80 हजार मांगने का आरोप
रीवा
रीवा जिले के त्योंथर तहसील कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त की टीम ने एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी बाबू की पहचान अनिल कुमार त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो तहसील कार्यालय में पदस्थ बताया जा रहा है। लोकायुक्त टीम ने उसे 9500 रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाबू पर एक जमीन संबंधी प्रकरण में फैसला पक्ष में करवाने और बेदखली की कार्रवाई रोकने के नाम पर 80 हजार रुपए मांगने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता अजय मिश्रा, जो त्योंथर तहसील के ग्राम डाढाकला के रहने वाले हैं, पिछले कुछ समय से तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। उनका कहना है कि मामले के निराकरण के लिए लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। इतना ही नहीं, बेदखल करने का डर दिखाकर दबाव भी बनाया जा रहा था। परेशान होकर उन्होंने 4 मई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया था कि तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल त्रिपाठी द्वारा काम के बदले रिश्वत मांगी जा रही है।
लोकायुक्त संगठन ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया। अधिकारियों के अनुसार जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई। गुरुवार 7 मई को लोकायुक्त रीवा की टीम ने तहसीलदार कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की। इसी दौरान आरोपी बाबू को 9500 रुपए लेते हुए पकड़ लिया गया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि कुछ देर के लिए कार्यालय में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। वहां मौजूद कर्मचारी भी हैरान रह गए।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी शुरुआत में पूरी रकम चाहता था, लेकिन बाद में किश्तों में पैसे लेने की बात सामने आई। लोकायुक्त टीम काफी देर से कार्यालय के आसपास निगरानी कर रही थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम आरोपी को सौंपी, टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे पकड़ लिया। मौके पर जरूरी दस्तावेजी कार्रवाई भी की गई।
लोकायुक्त रीवा के उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने बताया कि शिकायत का सत्यापन कराने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई थी। आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
कार्रवाई में निरीक्षक एस. राम मरावी सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही। स्वतंत्र शासकीय गवाहों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त संगठन ने इस कार्रवाई के बाद आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले पैसे मांगता है तो तत्काल शिकायत करें।
उधर शिकायतकर्ता अजय मिश्रा का कहना है कि वे लगातार मानसिक दबाव में थे। उन्हें डर था कि अगर पैसे नहीं दिए तो जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार दफ्तर आने-जाने के बाद भी काम नहीं हुआ और आखिरकार मजबूर होकर लोकायुक्त की मदद लेनी पड़ी। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा।
