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फ्रांस लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में, मोरक्को को 2-0 से हराकर रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
कप्तान किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले के गोल से मिली जीत, एम्बाप्पे ने मेसी के वर्ल्ड कप गोल रिकॉर्ड की बराबरी की; लंदन में जश्न के बीच हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बना ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांसीसी टीम ने मोरक्को को 2-0 से हराकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि पिछले कई वर्षों से विश्व फुटबॉल में उसकी बादशाहत कायम है। इस मुकाबले में कप्तान किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों के गोल की बदौलत फ्रांस ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को की चुनौती को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया। इससे पहले टीम 2018 और 2022 में भी अंतिम चार में पहुंची थी। अब उसकी नजर लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाने और एक और विश्व कप खिताब जीतने पर होगी। सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
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मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक अंदाज अपनाया। शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने गोल करने की कोशिश की, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका लगने से बचा लिया। इसके बाद भी फ्रांस लगातार हमले करता रहा। दायो उपामेकानो, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलीसे ने कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को की मजबूत रक्षापंक्ति ने पहले हाफ तक मुकाबले को गोलरहित बनाए रखा। पहले हाफ का सबसे अहम पल 26वें मिनट में आया, जब बॉक्स के भीतर एम्बाप्पे को गिराए जाने पर फ्रांस को पेनल्टी मिली। पूरी दुनिया की निगाहें एम्बाप्पे पर थीं, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार डाइव लगाकर उनका शॉट रोक दिया। इस बचाव ने मोरक्को के खिलाड़ियों और समर्थकों में नई उम्मीद जगा दी और पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति में और आक्रामकता दिखाई। टीम लगातार गेंद पर कब्जा बनाए रही और मोरक्को के डिफेंस पर दबाव बनाती रही। आखिरकार 60वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ फ्रांस को महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई और स्टेडियम में मौजूद फ्रांसीसी समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
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एम्बाप्पे के गोल के केवल छह मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने शानदार स्ट्राइक लगाकर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। मोरक्को के गोलकीपर ने गेंद को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन शॉट इतना सटीक था कि गेंद गोललाइन पार कर गई। इसके बाद फ्रांस ने संयमित खेल दिखाते हुए मुकाबले को अपने नियंत्रण में रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस मुकाबले में किलियन एम्बाप्पे ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। टूर्नामेंट में यह उनका आठवां गोल था, जिसके साथ उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली। दोनों खिलाड़ियों के अब इस वर्ल्ड कप में आठ-आठ गोल हैं। हालांकि एम्बाप्पे तीन असिस्ट के कारण गोल्डन बूट की दौड़ में फिलहाल सबसे आगे पहुंच गए हैं। कुल मिलाकर वर्ल्ड कप इतिहास में एम्बाप्पे के अब 20 गोल हो चुके हैं, जबकि मेसी के नाम 21 गोल दर्ज हैं। इससे साफ है कि युवा फ्रांसीसी कप्तान विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
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मोरक्को के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। अफ्रीकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था और क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। लेकिन फ्रांस जैसी मजबूत टीम के सामने उसके खिलाड़ियों की मेहनत रंग नहीं ला सकी। इस हार के साथ टूर्नामेंट में अफ्रीका की आखिरी उम्मीद भी समाप्त हो गई। हालांकि मोरक्को ने अपने जुझारू खेल से दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जरूर जीता। मैच समाप्त होने के बाद फ्रांस के खिलाड़ी मैदान पर जश्न मनाते नजर आए। कप्तान एम्बाप्पे ने अपने साथियों और समर्थकों का अभिवादन किया, जबकि मोरक्को के खिलाड़ी हार के बाद भावुक दिखाई दिए। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने दोनों टीमों के प्रदर्शन की सराहना की।
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फ्रांस लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में, मोरक्को को 2-0 से हराकर रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बना ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांसीसी टीम ने मोरक्को को 2-0 से हराकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि पिछले कई वर्षों से विश्व फुटबॉल में उसकी बादशाहत कायम है। इस मुकाबले में कप्तान किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों के गोल की बदौलत फ्रांस ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को की चुनौती को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया। इससे पहले टीम 2018 और 2022 में भी अंतिम चार में पहुंची थी। अब उसकी नजर लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाने और एक और विश्व कप खिताब जीतने पर होगी। सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
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मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक अंदाज अपनाया। शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने गोल करने की कोशिश की, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका लगने से बचा लिया। इसके बाद भी फ्रांस लगातार हमले करता रहा। दायो उपामेकानो, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलीसे ने कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को की मजबूत रक्षापंक्ति ने पहले हाफ तक मुकाबले को गोलरहित बनाए रखा। पहले हाफ का सबसे अहम पल 26वें मिनट में आया, जब बॉक्स के भीतर एम्बाप्पे को गिराए जाने पर फ्रांस को पेनल्टी मिली। पूरी दुनिया की निगाहें एम्बाप्पे पर थीं, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार डाइव लगाकर उनका शॉट रोक दिया। इस बचाव ने मोरक्को के खिलाड़ियों और समर्थकों में नई उम्मीद जगा दी और पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति में और आक्रामकता दिखाई। टीम लगातार गेंद पर कब्जा बनाए रही और मोरक्को के डिफेंस पर दबाव बनाती रही। आखिरकार 60वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ फ्रांस को महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई और स्टेडियम में मौजूद फ्रांसीसी समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
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एम्बाप्पे के गोल के केवल छह मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने शानदार स्ट्राइक लगाकर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। मोरक्को के गोलकीपर ने गेंद को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन शॉट इतना सटीक था कि गेंद गोललाइन पार कर गई। इसके बाद फ्रांस ने संयमित खेल दिखाते हुए मुकाबले को अपने नियंत्रण में रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस मुकाबले में किलियन एम्बाप्पे ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। टूर्नामेंट में यह उनका आठवां गोल था, जिसके साथ उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली। दोनों खिलाड़ियों के अब इस वर्ल्ड कप में आठ-आठ गोल हैं। हालांकि एम्बाप्पे तीन असिस्ट के कारण गोल्डन बूट की दौड़ में फिलहाल सबसे आगे पहुंच गए हैं। कुल मिलाकर वर्ल्ड कप इतिहास में एम्बाप्पे के अब 20 गोल हो चुके हैं, जबकि मेसी के नाम 21 गोल दर्ज हैं। इससे साफ है कि युवा फ्रांसीसी कप्तान विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
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मोरक्को के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। अफ्रीकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था और क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। लेकिन फ्रांस जैसी मजबूत टीम के सामने उसके खिलाड़ियों की मेहनत रंग नहीं ला सकी। इस हार के साथ टूर्नामेंट में अफ्रीका की आखिरी उम्मीद भी समाप्त हो गई। हालांकि मोरक्को ने अपने जुझारू खेल से दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जरूर जीता। मैच समाप्त होने के बाद फ्रांस के खिलाड़ी मैदान पर जश्न मनाते नजर आए। कप्तान एम्बाप्पे ने अपने साथियों और समर्थकों का अभिवादन किया, जबकि मोरक्को के खिलाड़ी हार के बाद भावुक दिखाई दिए। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने दोनों टीमों के प्रदर्शन की सराहना की।
