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अमित शाह बोले- आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 15% आरक्षण, बस्तर में किए कई बड़े ऐलान
रायपुर (छ.ग.)
बस्तर में अमित शाह ने गुंडाधुर की धरती को तीर्थस्थल बनाने और आदिवासी युवाओं को 15% आरक्षण देने की घोषणा की। डायल-112 वाहन भी लॉन्च किए गए।
बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेतानार में सोमवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गुंडाधुर की ये धरती अब तीर्थस्थल के रूप में विकसित की जाएगी। बस्तर दौरे के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा व्यवस्था जिस तरह से मजबूत हुई है, उसके चलते ये क्षेत्र अब विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। अमित शाह ने आदिवासी युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण देने की भी घोषणा की, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।
अपने संबोधन में, अमित शाह ने अतीत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां एक समय ऐसा था जब पुलिस बल पर हमले होते थे, स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था और आम लोगों का जीवन प्रभावित रहता था। अब हालात बदल चुके हैं, और सरकार ने सुरक्षा और विकास दोनों को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासी समुदाय के बच्चों को वो सुविधाएं मिल रही हैं, जो पहले सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं। पीने के साफ पानी, आधार और राशन जैसी सुविधाओं के लिए सरकार की योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
कार्यक्रम स्थल का माहौल सामान्य राजनीतिक सभा जैसा नहीं था, बल्कि सुरक्षा और विकास पर स्पष्ट फोकस था। अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि विकास और संस्कृति से होनी चाहिए। गुंडाधुर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस भूमि को सम्मान और विरासत के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
इससे पहले रायपुर में भी गृह मंत्री ने डायल-112 सेवा के 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को पुलिस, मेडिकल, और फायर इमरजेंसी सेवाओं को एक ही नंबर से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें जीपीएस, कैमरे और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे घटनास्थल पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करेगी।
रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह सीधे बस्तर पहुंचे, जहां उन्होंने नेतानार में अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे जगदलपुर रवाना हो गए, जहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक होनी है। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा, विकास और अंतरराज्यीय समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है।
दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने बैठक के लिए बस्तर आने और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि यह दौरा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है और इससे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर के सुरक्षा कैंपों को धीरे-धीरे सुविधा केंद्रों में बदला जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
दौरे के अंतिम चरण में, अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके बाद वे शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर के लिए एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
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अमित शाह बोले- आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 15% आरक्षण, बस्तर में किए कई बड़े ऐलान
रायपुर (छ.ग.)
बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेतानार में सोमवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गुंडाधुर की ये धरती अब तीर्थस्थल के रूप में विकसित की जाएगी। बस्तर दौरे के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा व्यवस्था जिस तरह से मजबूत हुई है, उसके चलते ये क्षेत्र अब विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। अमित शाह ने आदिवासी युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण देने की भी घोषणा की, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।
अपने संबोधन में, अमित शाह ने अतीत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां एक समय ऐसा था जब पुलिस बल पर हमले होते थे, स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था और आम लोगों का जीवन प्रभावित रहता था। अब हालात बदल चुके हैं, और सरकार ने सुरक्षा और विकास दोनों को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासी समुदाय के बच्चों को वो सुविधाएं मिल रही हैं, जो पहले सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं। पीने के साफ पानी, आधार और राशन जैसी सुविधाओं के लिए सरकार की योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
कार्यक्रम स्थल का माहौल सामान्य राजनीतिक सभा जैसा नहीं था, बल्कि सुरक्षा और विकास पर स्पष्ट फोकस था। अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि विकास और संस्कृति से होनी चाहिए। गुंडाधुर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस भूमि को सम्मान और विरासत के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
इससे पहले रायपुर में भी गृह मंत्री ने डायल-112 सेवा के 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को पुलिस, मेडिकल, और फायर इमरजेंसी सेवाओं को एक ही नंबर से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें जीपीएस, कैमरे और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे घटनास्थल पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करेगी।
रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह सीधे बस्तर पहुंचे, जहां उन्होंने नेतानार में अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे जगदलपुर रवाना हो गए, जहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक होनी है। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा, विकास और अंतरराज्यीय समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है।
दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने बैठक के लिए बस्तर आने और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि यह दौरा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है और इससे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर के सुरक्षा कैंपों को धीरे-धीरे सुविधा केंद्रों में बदला जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
दौरे के अंतिम चरण में, अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके बाद वे शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर के लिए एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
