- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर में पेट्रोल के दाम 103.58 रुपये प्रति लीटर पहुंचे, पंपों पर लगी लंबी लाइनें
रायपुर में पेट्रोल के दाम 103.58 रुपये प्रति लीटर पहुंचे, पंपों पर लगी लंबी लाइनें
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। प्रशासन ने 24 घंटे सप्लाई के निर्देश दिए, लोगों से घबराने से बचने की अपील।
रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार सुबह से शहर के कई इलाकों में हालात ठीक नहीं रहे। राजधानी में जब पेट्रोल 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंचा, तो लोगों में थोड़ी घबराहट देखने को मिली। इसके चलते फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सड़क पर 100 मीटर से ज्यादा लंबी लाइनें लग गईं, और लोग घंटों इंतजार करते रहे। प्रशासन का कहना है कि यह सब अफवाहों और पैनिक बाइंग का नतीजा है, जबकि असल में शहर में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है।
सुबह जैसे ही दाम बढ़ने की खबर फैली, कई लोग बिना जरूरत के भी अपने वाहनों की टंकियां भराने पहुंच गए। कुछ पेट्रोल पंपों पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों की भीड़ अचानक बढ़ गई, जिससे मैनेजमेंट में थोड़ी गड़बड़ी आ गई। कर्मचारियों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री एक ही समय में कई गुना बढ़ गई। इसी दौरान प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए तुरंत बैठक बुलाई और पेट्रोल पंप संचालकों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
रायपुर कलेक्टर ने बैठक के बाद सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए डिपो से 24 घंटे ईंधन की आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले जहां टैंकरों की एंट्री सीमित समय के लिए होती थी, अब इसे हटा दिया गया है ताकि सप्लाई लगातार सुनिश्चित हो सके और किसी भी पंप पर दबाव न बने। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। दूसरी ओर, शहर के कुछ इलाकों से ये शिकायतें भी आई हैं कि देर शाम तक कुछ पंपों पर स्टॉक कम हो गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।
इस बीच, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है, जिससे सब्जी, अनाज और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। किसानों पर भी इसका असर पड़ता है, क्योंकि खेती में डीजल से चलने वाली मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है। बस और ऑटो के किराए में भी आने वाले दिनों में बदलाव की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हाल के वैश्विक तनाव के चलते क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
हालांकि, यह भी सच है कि पिछले काफी समय से देश में ईंधन के दाम स्थिर रहे हैं और मार्च 2024 के बाद से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी गई थी। चुनाव से पहले सरकार ने कीमतों में थोड़ी राहत भी दी थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते स्थिति बदलती दिख रही है। फिलहाल, प्रशासन की कोशिश है कि शहर में किसी तरह की अफरातफरी न फैले और सप्लाई सुचारू बनी रहे, लेकिन लोगों की चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
रायपुर में पेट्रोल के दाम 103.58 रुपये प्रति लीटर पहुंचे, पंपों पर लगी लंबी लाइनें
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार सुबह से शहर के कई इलाकों में हालात ठीक नहीं रहे। राजधानी में जब पेट्रोल 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंचा, तो लोगों में थोड़ी घबराहट देखने को मिली। इसके चलते फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सड़क पर 100 मीटर से ज्यादा लंबी लाइनें लग गईं, और लोग घंटों इंतजार करते रहे। प्रशासन का कहना है कि यह सब अफवाहों और पैनिक बाइंग का नतीजा है, जबकि असल में शहर में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है।
सुबह जैसे ही दाम बढ़ने की खबर फैली, कई लोग बिना जरूरत के भी अपने वाहनों की टंकियां भराने पहुंच गए। कुछ पेट्रोल पंपों पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों की भीड़ अचानक बढ़ गई, जिससे मैनेजमेंट में थोड़ी गड़बड़ी आ गई। कर्मचारियों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री एक ही समय में कई गुना बढ़ गई। इसी दौरान प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए तुरंत बैठक बुलाई और पेट्रोल पंप संचालकों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
रायपुर कलेक्टर ने बैठक के बाद सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए डिपो से 24 घंटे ईंधन की आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले जहां टैंकरों की एंट्री सीमित समय के लिए होती थी, अब इसे हटा दिया गया है ताकि सप्लाई लगातार सुनिश्चित हो सके और किसी भी पंप पर दबाव न बने। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। दूसरी ओर, शहर के कुछ इलाकों से ये शिकायतें भी आई हैं कि देर शाम तक कुछ पंपों पर स्टॉक कम हो गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।
इस बीच, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है, जिससे सब्जी, अनाज और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। किसानों पर भी इसका असर पड़ता है, क्योंकि खेती में डीजल से चलने वाली मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है। बस और ऑटो के किराए में भी आने वाले दिनों में बदलाव की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हाल के वैश्विक तनाव के चलते क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
हालांकि, यह भी सच है कि पिछले काफी समय से देश में ईंधन के दाम स्थिर रहे हैं और मार्च 2024 के बाद से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी गई थी। चुनाव से पहले सरकार ने कीमतों में थोड़ी राहत भी दी थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते स्थिति बदलती दिख रही है। फिलहाल, प्रशासन की कोशिश है कि शहर में किसी तरह की अफरातफरी न फैले और सप्लाई सुचारू बनी रहे, लेकिन लोगों की चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
