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देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 5 लोगों की हुई मौत, कई लोग गंभीर घायल
देवास (म.प्र.)
देवास के टोंककलां में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 5 मजदूरों की मौत और 20 से ज्यादा घायल। प्रशासन जांच में जुटा।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंकखुर्द थाना क्षेत्र के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी में 3 मौतें सामने आई थीं, लेकिन इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। मृतक ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले मजदूर हैं। घटना के बाद से फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि धमाका इतना जोरदार था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की दीवारें तक टूट गईं। आसपास के घरों में भी कंपन महसूस किया गया।
हादसे के बाद जो दृश्य सामने आए, वह बेहद भयावह थे। झुलसे हुए मजदूर किसी तरह बाहर निकलते दिखे, कई लोगों के कपड़े शरीर से चिपक गए थे और वे दर्द से कराहते नजर आए। मौके पर बाल, जले हुए कपड़े और केमिकल का मलबा बिखरा पड़ा था। हादसे के बाद भी काफी देर तक फैक्ट्री के अंदर छोटे-छोटे धमाकों और पटाखों की आवाजें आती रहीं, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं। प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को सील कर दिया है और फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री में पटाखों के निर्माण के लिए केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था और शुरूआती जांच में पोटेशियम के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा किए हैं ताकि विस्फोट के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
घायलों को तुरंत देवास जिला अस्पताल, इंदौर के एमवाय अस्पताल और चोइथराम अस्पताल रेफर किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कई मरीजों की हालत बेहद गंभीर है और कुछ 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। इंदौर में डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि घायलों का हर संभव इलाज कराया जा रहा है और सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और स्थिति की समीक्षा की। वहीं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस बीच कांग्रेस नेताओं जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने हादसे को गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मजदूर कम मजदूरी पर काम कर रहे थे और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। फिलहाल प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है और एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
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देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 5 लोगों की हुई मौत, कई लोग गंभीर घायल
देवास (म.प्र.)
मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंकखुर्द थाना क्षेत्र के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी में 3 मौतें सामने आई थीं, लेकिन इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। मृतक ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले मजदूर हैं। घटना के बाद से फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि धमाका इतना जोरदार था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की दीवारें तक टूट गईं। आसपास के घरों में भी कंपन महसूस किया गया।
हादसे के बाद जो दृश्य सामने आए, वह बेहद भयावह थे। झुलसे हुए मजदूर किसी तरह बाहर निकलते दिखे, कई लोगों के कपड़े शरीर से चिपक गए थे और वे दर्द से कराहते नजर आए। मौके पर बाल, जले हुए कपड़े और केमिकल का मलबा बिखरा पड़ा था। हादसे के बाद भी काफी देर तक फैक्ट्री के अंदर छोटे-छोटे धमाकों और पटाखों की आवाजें आती रहीं, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं। प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को सील कर दिया है और फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री में पटाखों के निर्माण के लिए केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था और शुरूआती जांच में पोटेशियम के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा किए हैं ताकि विस्फोट के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
घायलों को तुरंत देवास जिला अस्पताल, इंदौर के एमवाय अस्पताल और चोइथराम अस्पताल रेफर किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कई मरीजों की हालत बेहद गंभीर है और कुछ 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। इंदौर में डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि घायलों का हर संभव इलाज कराया जा रहा है और सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और स्थिति की समीक्षा की। वहीं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस बीच कांग्रेस नेताओं जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने हादसे को गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मजदूर कम मजदूरी पर काम कर रहे थे और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। फिलहाल प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है और एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
