एमपी में बारिश पर लगा ब्रेक, 5 अगस्त से फिर तेज होगा मानसून; अब तक 16% कम वर्षा

मध्य प्रदेश

On

दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं, किसानों की बढ़ी चिंता; मौसम विभाग ने 5 अगस्त से कई जिलों में फिर अच्छी बारिश की संभावना जताई

मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों तक लगातार सक्रिय रहने वाला बारिश का सिस्टम अब कमजोर हो गया है, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर थम गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 5 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

प्रदेश में इस बार मानसून की शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण कुल वर्षा का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 15.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम है। यह कमी प्रदेश के कई हिस्सों में साफ दिखाई दे रही है।

बारिश की सबसे अधिक कमी पूर्वी मध्य प्रदेश में दर्ज की गई है। यहां सामान्य की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 11 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती के साथ-साथ जलस्रोतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की फसलें इस समय बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में हैं और उन्हें पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। कई जिलों में किसानों ने समय पर बुवाई तो कर दी, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में नमी कम होने लगी है। किसान अब आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि सोयाबीन, धान, मक्का, उड़द और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके।

Also Read:  मध्य प्रदेश में आज हलचल बड़ा दिन: भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई, सीएम मोहन यादव के कई कार्यक्रम

हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों में स्थिति इसके विपरीत भी रही है। बड़वानी, भिंड समेत छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। खंडवा, खरगोन और बड़वानी में हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण कई खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई। इससे सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने फसल खराब होने की शिकायत करते हुए नुकसान का सर्वे कराने और राहत देने की मांग भी की है। वर्तमान में मानसून ट्रफ सक्रिय तो है, लेकिन इसकी स्थिति कमजोर बनी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश पर कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम या साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय नहीं होने के कारण व्यापक और तेज बारिश नहीं हो रही है। इसी वजह से अगले दो दिनों तक अधिकांश जिलों में केवल हल्की से मध्यम बारिश या बादल छाए रहने जैसी स्थिति बन सकती है।

Also Read:  मध्य प्रदेश में भवन निर्माण की मंजूरी हुई आसान, कई विभागों की NOC की अनिवार्यता खत्म

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 5 अगस्त से मौसम में बदलाव शुरू होगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी प्रणाली और मानसूनी हवाओं के मजबूत होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है। इसके बाद कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।

Also Read:  दतिया उपचुनाव का फैसला आज: 15 राउंड में खुलेगा जनादेश, सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना

अगस्त का महीना मध्य प्रदेश के लिए मानसून का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। यदि इस दौरान अच्छी बारिश होती है तो खेती, जलाशयों और भूजल स्तर को बड़ा लाभ मिलता है। वहीं यदि बारिश कमजोर रहती है तो खरीफ उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। जल संसाधन विभाग भी लगातार बांधों और जलाशयों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल अधिकांश बड़े बांधों में जलभराव सामान्य से कम है। यदि अगस्त के पहले और दूसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

मौसम विभाग की ताजा जानकारी के आधार पर खेतों का प्रबंधन करें। जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है वहां नमी संरक्षण के उपाय अपनाने चाहिए, जबकि जिन जिलों में जलभराव है वहां अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें। 5 अगस्त के बाद कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और संबंधित विभागों को पहले से तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

Recommended for You

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
04 Aug 2026 By Vaishnavi.J

एमपी में बारिश पर लगा ब्रेक, 5 अगस्त से फिर तेज होगा मानसून; अब तक 16% कम वर्षा

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों तक लगातार सक्रिय रहने वाला बारिश का सिस्टम अब कमजोर हो गया है, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर थम गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 5 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

प्रदेश में इस बार मानसून की शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण कुल वर्षा का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 15.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम है। यह कमी प्रदेश के कई हिस्सों में साफ दिखाई दे रही है।

बारिश की सबसे अधिक कमी पूर्वी मध्य प्रदेश में दर्ज की गई है। यहां सामान्य की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 11 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती के साथ-साथ जलस्रोतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की फसलें इस समय बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में हैं और उन्हें पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। कई जिलों में किसानों ने समय पर बुवाई तो कर दी, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में नमी कम होने लगी है। किसान अब आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि सोयाबीन, धान, मक्का, उड़द और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके।

हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों में स्थिति इसके विपरीत भी रही है। बड़वानी, भिंड समेत छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। खंडवा, खरगोन और बड़वानी में हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण कई खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई। इससे सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने फसल खराब होने की शिकायत करते हुए नुकसान का सर्वे कराने और राहत देने की मांग भी की है। वर्तमान में मानसून ट्रफ सक्रिय तो है, लेकिन इसकी स्थिति कमजोर बनी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश पर कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम या साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय नहीं होने के कारण व्यापक और तेज बारिश नहीं हो रही है। इसी वजह से अगले दो दिनों तक अधिकांश जिलों में केवल हल्की से मध्यम बारिश या बादल छाए रहने जैसी स्थिति बन सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 5 अगस्त से मौसम में बदलाव शुरू होगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी प्रणाली और मानसूनी हवाओं के मजबूत होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है। इसके बाद कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।

अगस्त का महीना मध्य प्रदेश के लिए मानसून का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। यदि इस दौरान अच्छी बारिश होती है तो खेती, जलाशयों और भूजल स्तर को बड़ा लाभ मिलता है। वहीं यदि बारिश कमजोर रहती है तो खरीफ उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। जल संसाधन विभाग भी लगातार बांधों और जलाशयों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल अधिकांश बड़े बांधों में जलभराव सामान्य से कम है। यदि अगस्त के पहले और दूसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

मौसम विभाग की ताजा जानकारी के आधार पर खेतों का प्रबंधन करें। जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है वहां नमी संरक्षण के उपाय अपनाने चाहिए, जबकि जिन जिलों में जलभराव है वहां अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें। 5 अगस्त के बाद कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और संबंधित विभागों को पहले से तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/%E0%A4%8F%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95--5-%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%A8--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%A4%E0%A4%95-16--%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE/article-60627

टाप न्यूज

झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद गरमाया, भूख हड़ताल से सरकार पर बढ़ा दबाव

रांची में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, केंद्रीय एजेंसियों से जांच और कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष पड़ताल की मांग; कई...
देश विदेश  टॉप न्यूज़ 
झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद गरमाया, भूख हड़ताल से सरकार पर बढ़ा दबाव

पीएम मोदी का वीडियो हटाना मेटा को पड़ा भारी, संसद ने जुकरबर्ग से मांगी माफी

संसदीय समिति ने वीडियो हटाने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बताया, तकनीकी गड़बड़ी की दलील पर जताई नाराजगी; जवाबदेही तय...
देश विदेश  टॉप न्यूज़ 
पीएम मोदी का वीडियो हटाना मेटा को पड़ा भारी, संसद ने जुकरबर्ग से मांगी माफी

52वें जन्मदिन पर जानिए काजोल की जिंदगी के अनसुने किस्से, सुपरस्टार बनने तक का शानदार सफर

शरारती बचपन, यादगार फिल्में, अजय देवगन से प्रेम कहानी और शाहरुख-करण संग गहरी दोस्ती ने बनाया काजोल को बॉलीवुड की...
बालीवुड 
52वें जन्मदिन पर जानिए काजोल की जिंदगी के अनसुने किस्से, सुपरस्टार बनने तक का शानदार सफर

पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान की मजबूत पकड़, वेस्टइंडीज पर जीत का शिकंजा कसता गया

पहली पारी में 43 रन की बढ़त के बाद दूसरी पारी में वेस्टइंडीज के 6 विकेट गिरे, साजिद खान की...
स्पोर्ट्स 
पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान की मजबूत पकड़, वेस्टइंडीज पर जीत का शिकंजा कसता गया

बिजनेस

बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कंपनी की 62वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित किया बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कंपनी की 62वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित किया
बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री के. सदाशिव मूर्ति ने आज कंपनी के निदेशक मंडल की उपस्थिति में कंपनी...
डिसेंट्रलाइज्ड सेंट्रलाइज्ड फाइनेंस का नियमन: तेजी से बढ़ते VDA इकोसिस्टम में कमियों को दूर करने की जरूरत
बिना थर्ड पार्टी बीमा वाले वाहनों पर सख्ती की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और IRDA को दिए बड़े निर्देश
RBI MPC Meeting 2026: क्या बदलेगी ब्याज दर? आज 10 बजे गवर्नर करेंगे बड़ा ऐलान, रेपो रेट 5.25% पर रहने की उम्मीद
एक्सपोनेंशियल रियल एस्टेट वर्ल्ड की 9वीं फिजिकल मीट सफलतापूर्वक संपन्न: सस्टेनेबल डिज़ाइन, सहयोग और नई पीढ़ी के नवोन्मेषकों पर रहा मुख्य ज़ोर
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.