- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- रीवा प्रसूता मौत मामले में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा हिरासत में, मंत्रालय के बाहर कर रहे थे प्रदर्श...
रीवा प्रसूता मौत मामले में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा हिरासत में, मंत्रालय के बाहर कर रहे थे प्रदर्शन
भोपाल (म.प्र.)
CBI जांच और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे विधायक
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा बुधवार को भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अभय मिश्रा रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी स्मारक अस्पताल में हुई प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विधायक ने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग रखी। विधायक का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
मंत्रालय के बाहर बैठकर किया प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, अभय मिश्रा मंत्रालय के सामने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। वह करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन स्थल पर रहे। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें वहां से हटाया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान विधायक और अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई। इसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर वहां से ले गई।
रीवा अस्पताल मामले को लेकर उठे सवाल
यह मामला रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल से जुड़ा है, जहां प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत हुई थी। घटना के बाद परिवार और विपक्ष की ओर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि मामले में गंभीर लापरवाही हुई है और इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
विधायक के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और बेहतर इलाज सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रशासन की कार्रवाई और बातचीत
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों की ओर से प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की गई। प्रशासन की प्राथमिकता मंत्रालय क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखना थी। वहीं, विधायक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे और मामले में कार्रवाई की मांग दोहराते रहे।
रीवा की घटना के बाद मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जा रही है।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

