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इंदौर में MCA छात्रा ने फांसी लगाई, परीक्षा के तनाव की आशंका
इंदौर,(म.प्र.)
सहेलियां घूमकर लौटीं तो कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एमसीए की 22 वर्षीय छात्रा ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि छात्रा परीक्षा के दबाव और पढ़ाई को लेकर मानसिक तनाव में थी। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा और शोक का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले को हर एंगल से खंगाला जा रहा है। मृतका की पहचान लेखा, उम्र 22 वर्ष, पुत्री उत्तम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बुरहानपुर जिले की रहने वाली थी और पिछले करीब एक साल से इंदौर में रहकर चमेली देवी कॉलेज से एमसीए की पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह पढ़ाई में सामान्य रूप से ठीक थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से परीक्षा और रिजल्ट को लेकर काफी दबाव महसूस कर रही थी। उसके साथ रहने वाली सहेलियों के अनुसार वह पहले की तुलना में ज्यादा शांत रहने लगी थी और कई बार अकेले बैठी रहती थी। हालांकि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि हालात इस तरह अचानक बिगड़ जाएंगे। घटना उस वक्त सामने आई जब उसकी सहेलियां रविवार रात करीब 11 बजे कमरे पर वापस लौटीं। बताया जा रहा है कि शाम के समय सहेलियां उसे राजबाड़ा घूमने चलने के लिए कहकर गई थीं, लेकिन लेखा ने जाने से मना कर दिया था। सहेलियां जब बाहर से लौटकर आईं तो कमरे का दरवाजा खुला मिला और अंदर का दृश्य देखकर वे घबरा गईं। लेखा फंदे पर लटकी हुई मिली। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई और तुरंत पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर जांच शुरू की गई।
परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रा एमसीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा दे रही थी और उसके कुछ पेपर अपेक्षा के अनुसार नहीं गए थे। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली, लेकिन किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर अभी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन, बातचीत और सहेलियों के बयान के आधार पर आगे जांच की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से छात्रा का व्यवहार थोड़ा बदला हुआ था। वह पहले की तुलना में कम बोलती थी और ज्यादातर समय पढ़ाई या अकेले रहने में बिताती थी। सहेलियों ने बताया कि परीक्षा को लेकर वह काफी चिंतित रहती थी और कई बार अपने पेपर खराब होने की बात भी करती थी। हालांकि उसने कभी सीधे तौर पर किसी परेशानी या आत्महत्या जैसे विचार की बात नहीं कही थी। लेकिन अंदर ही अंदर वह तनाव से गुजर रही थी, ऐसा अब सामने आ रहा है। घटना के बाद पूरे हॉस्टल और आसपास के छात्र समुदाय में भी माहौल गंभीर हो गया है। कई छात्राएं इस घटना से सहमी हुई हैं और आपस में चर्चा कर रही हैं कि पढ़ाई का दबाव किस तरह मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह मामला संदिग्ध आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।
परिजनों को जैसे ही घटना की सूचना मिली, वे तुरंत बुरहानपुर से इंदौर के लिए रवाना हो गए। परिवार में गहरा सदमा है और घर का माहौल पूरी तरह गमगीन बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार लेखा शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती थी और अपने करियर को लेकर काफी गंभीर रहती थी। परिवार भी उसकी पढ़ाई को लेकर पूरी तरह सहयोग कर रहा था। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और कॉलेज से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जाएगी ताकि यह समझा जा सके कि छात्रा किस मानसिक स्थिति से गुजर रही थी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।
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इंदौर में MCA छात्रा ने फांसी लगाई, परीक्षा के तनाव की आशंका
इंदौर,(म.प्र.)
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एमसीए की 22 वर्षीय छात्रा ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि छात्रा परीक्षा के दबाव और पढ़ाई को लेकर मानसिक तनाव में थी। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा और शोक का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले को हर एंगल से खंगाला जा रहा है। मृतका की पहचान लेखा, उम्र 22 वर्ष, पुत्री उत्तम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बुरहानपुर जिले की रहने वाली थी और पिछले करीब एक साल से इंदौर में रहकर चमेली देवी कॉलेज से एमसीए की पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह पढ़ाई में सामान्य रूप से ठीक थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से परीक्षा और रिजल्ट को लेकर काफी दबाव महसूस कर रही थी। उसके साथ रहने वाली सहेलियों के अनुसार वह पहले की तुलना में ज्यादा शांत रहने लगी थी और कई बार अकेले बैठी रहती थी। हालांकि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि हालात इस तरह अचानक बिगड़ जाएंगे। घटना उस वक्त सामने आई जब उसकी सहेलियां रविवार रात करीब 11 बजे कमरे पर वापस लौटीं। बताया जा रहा है कि शाम के समय सहेलियां उसे राजबाड़ा घूमने चलने के लिए कहकर गई थीं, लेकिन लेखा ने जाने से मना कर दिया था। सहेलियां जब बाहर से लौटकर आईं तो कमरे का दरवाजा खुला मिला और अंदर का दृश्य देखकर वे घबरा गईं। लेखा फंदे पर लटकी हुई मिली। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई और तुरंत पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर जांच शुरू की गई।
परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रा एमसीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा दे रही थी और उसके कुछ पेपर अपेक्षा के अनुसार नहीं गए थे। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली, लेकिन किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर अभी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन, बातचीत और सहेलियों के बयान के आधार पर आगे जांच की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से छात्रा का व्यवहार थोड़ा बदला हुआ था। वह पहले की तुलना में कम बोलती थी और ज्यादातर समय पढ़ाई या अकेले रहने में बिताती थी। सहेलियों ने बताया कि परीक्षा को लेकर वह काफी चिंतित रहती थी और कई बार अपने पेपर खराब होने की बात भी करती थी। हालांकि उसने कभी सीधे तौर पर किसी परेशानी या आत्महत्या जैसे विचार की बात नहीं कही थी। लेकिन अंदर ही अंदर वह तनाव से गुजर रही थी, ऐसा अब सामने आ रहा है। घटना के बाद पूरे हॉस्टल और आसपास के छात्र समुदाय में भी माहौल गंभीर हो गया है। कई छात्राएं इस घटना से सहमी हुई हैं और आपस में चर्चा कर रही हैं कि पढ़ाई का दबाव किस तरह मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह मामला संदिग्ध आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।
परिजनों को जैसे ही घटना की सूचना मिली, वे तुरंत बुरहानपुर से इंदौर के लिए रवाना हो गए। परिवार में गहरा सदमा है और घर का माहौल पूरी तरह गमगीन बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार लेखा शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती थी और अपने करियर को लेकर काफी गंभीर रहती थी। परिवार भी उसकी पढ़ाई को लेकर पूरी तरह सहयोग कर रहा था। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और कॉलेज से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जाएगी ताकि यह समझा जा सके कि छात्रा किस मानसिक स्थिति से गुजर रही थी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।
