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ईको पार्क शुल्क विवाद पर आप नेता प्रमोद शर्मा पर केस दर्ज, प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोप
रीवा,(म.प्र.)
बिना अनुमति धरना, सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने और हाथापाई के आरोप; अवैध वसूली का मुद्दा उठाकर कर रहे थे विरोध
रीवा शहर के ईको पार्क में प्रवेश शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। रविवार को पार्क परिसर में हुए हंगामे के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किया, सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न की और पार्क परिसर में विवाद की स्थिति पैदा की। वहीं दूसरी ओर प्रमोद शर्मा का कहना है कि उनका विरोध पूरी तरह जनहित में था और वे पार्क में हो रही कथित अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। ईको पार्क में लगाए गए प्रवेश शुल्क को लेकर पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर असंतोष देखा जा रहा था। आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे और प्रशासन से शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे थे। रविवार को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्क परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पार्क के प्रवेश द्वार और परिसर के आसपास एकत्र हो गए थे, जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ देर बाद पार्क प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि प्रवेश शुल्क और उसके औचित्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते गए और कहासुनी हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के दौरान पार्क परिसर में मौजूद पर्यटकों और परिवारों के बीच भी असहज माहौल बन गया। कई लोग अचानक हुए विवाद से घबरा गए और पार्क से बाहर निकलने लगे। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से बड़ा विवाद टल गया। हालांकि घटना के बाद पार्क प्रबंधन और पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर प्रमोद शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी और विरोध के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।
इस मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। प्रमोद शर्मा का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ और उनके समर्थकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क कर्मचारियों ने विरोध को दबाने की कोशिश की और विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया। दूसरी तरफ पार्क प्रबंधन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के व्यवहार के कारण कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमोद शर्मा ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य ईको पार्क में कथित रूप से की जा रही अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाना था। उनका दावा है कि पार्क में प्रति व्यक्ति 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं और इस संबंध में स्पष्ट जानकारी आम लोगों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क में प्रवेश शुल्क के नाम पर लोगों से अनुचित राशि ली जा रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि पार्क परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और हाथापाई की नौबत कैसे आई। जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। ईको पार्क शुल्क को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। एक वर्ग जहां प्रवेश शुल्क व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, वहीं कुछ लोग शुल्क की दरों और उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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ईको पार्क शुल्क विवाद पर आप नेता प्रमोद शर्मा पर केस दर्ज, प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोप
रीवा,(म.प्र.)
रीवा शहर के ईको पार्क में प्रवेश शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। रविवार को पार्क परिसर में हुए हंगामे के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किया, सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न की और पार्क परिसर में विवाद की स्थिति पैदा की। वहीं दूसरी ओर प्रमोद शर्मा का कहना है कि उनका विरोध पूरी तरह जनहित में था और वे पार्क में हो रही कथित अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। ईको पार्क में लगाए गए प्रवेश शुल्क को लेकर पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर असंतोष देखा जा रहा था। आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे और प्रशासन से शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे थे। रविवार को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्क परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पार्क के प्रवेश द्वार और परिसर के आसपास एकत्र हो गए थे, जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ देर बाद पार्क प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि प्रवेश शुल्क और उसके औचित्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते गए और कहासुनी हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के दौरान पार्क परिसर में मौजूद पर्यटकों और परिवारों के बीच भी असहज माहौल बन गया। कई लोग अचानक हुए विवाद से घबरा गए और पार्क से बाहर निकलने लगे। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से बड़ा विवाद टल गया। हालांकि घटना के बाद पार्क प्रबंधन और पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर प्रमोद शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी और विरोध के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।
इस मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। प्रमोद शर्मा का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ और उनके समर्थकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क कर्मचारियों ने विरोध को दबाने की कोशिश की और विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया। दूसरी तरफ पार्क प्रबंधन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के व्यवहार के कारण कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमोद शर्मा ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य ईको पार्क में कथित रूप से की जा रही अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाना था। उनका दावा है कि पार्क में प्रति व्यक्ति 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं और इस संबंध में स्पष्ट जानकारी आम लोगों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क में प्रवेश शुल्क के नाम पर लोगों से अनुचित राशि ली जा रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि पार्क परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और हाथापाई की नौबत कैसे आई। जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। ईको पार्क शुल्क को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। एक वर्ग जहां प्रवेश शुल्क व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, वहीं कुछ लोग शुल्क की दरों और उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
