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करहिया मंडी में गंदगी पर कलेक्टर का एक्शन, सफाई एजेंसी पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया
रीवा
रीवा की करहिया मंडी में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गंदगी पर नाराजगी जताई और सफाई एजेंसी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
रीवा जिले की करहिया मंडी में शुक्रवार को उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी अचानक गेहूं उपार्जन केन्द्र पहुंच गए। सुबह हुए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिल रही सुविधाओं और मंडी परिसर की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर सीधे किसानों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि केन्द्र में तौल की व्यवस्था ठीक है और पीने के पानी व बैठने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन कुछ किसानों और स्थानीय लोगों ने अव्यवस्था और सफाई को लेकर शिकायतें रखीं।
निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में कई जगह गंदगी नजर आई। बताया जा रहा है कि सफाई व्यवस्था लंबे समय से ठीक नहीं थी, जिस पर कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर ही संबंधित सफाई एजेंसी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि मंडी परिसर की नियमित सफाई कराई जाए और निगरानी भी लगातार हो। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों के आने-जाने वाले स्थानों पर गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंडी में मौजूद किसानों ने भी सफाई की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। कुछ किसानों का कहना था कि गर्मी के मौसम में गंदगी के कारण बैठना मुश्किल हो जाता है।
करहिया मंडी के गेहूं उपार्जन केन्द्र में कलेक्टर ने खरीदे जा रहे गेहूं की गुणवत्ता भी जांची। उन्होंने अपने सामने गेहूं की बोरी का वजन कराया और अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गेहूं की गुणवत्ता संतोषजनक मिली। इसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदे गए गेहूं का परिवहन तेजी से कराया जाए ताकि मंडी परिसर में ज्यादा स्टॉक जमा न हो। ऐसा कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से परिवहन की रफ्तार धीमी होने के कारण मंडी में बोरियों का दबाव बढ़ रहा था।
निरीक्षण के दौरान मंडी समिति और खाद्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। किसानों को समय पर भुगतान, तौल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाए और शिकायतों को लंबित न रखा जाए।
रीवा जिले में इन दिनों गेहूं खरीदी का काम तेज गति से चल रहा है। मंडियों में बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है। करहिया मंडी के निरीक्षण के बाद अधिकारियों में भी हलचल देखी गई।
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करहिया मंडी में गंदगी पर कलेक्टर का एक्शन, सफाई एजेंसी पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया
रीवा
रीवा जिले की करहिया मंडी में शुक्रवार को उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी अचानक गेहूं उपार्जन केन्द्र पहुंच गए। सुबह हुए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिल रही सुविधाओं और मंडी परिसर की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर सीधे किसानों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि केन्द्र में तौल की व्यवस्था ठीक है और पीने के पानी व बैठने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन कुछ किसानों और स्थानीय लोगों ने अव्यवस्था और सफाई को लेकर शिकायतें रखीं।
निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में कई जगह गंदगी नजर आई। बताया जा रहा है कि सफाई व्यवस्था लंबे समय से ठीक नहीं थी, जिस पर कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर ही संबंधित सफाई एजेंसी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि मंडी परिसर की नियमित सफाई कराई जाए और निगरानी भी लगातार हो। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों के आने-जाने वाले स्थानों पर गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंडी में मौजूद किसानों ने भी सफाई की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। कुछ किसानों का कहना था कि गर्मी के मौसम में गंदगी के कारण बैठना मुश्किल हो जाता है।
करहिया मंडी के गेहूं उपार्जन केन्द्र में कलेक्टर ने खरीदे जा रहे गेहूं की गुणवत्ता भी जांची। उन्होंने अपने सामने गेहूं की बोरी का वजन कराया और अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गेहूं की गुणवत्ता संतोषजनक मिली। इसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदे गए गेहूं का परिवहन तेजी से कराया जाए ताकि मंडी परिसर में ज्यादा स्टॉक जमा न हो। ऐसा कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से परिवहन की रफ्तार धीमी होने के कारण मंडी में बोरियों का दबाव बढ़ रहा था।
निरीक्षण के दौरान मंडी समिति और खाद्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। किसानों को समय पर भुगतान, तौल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाए और शिकायतों को लंबित न रखा जाए।
रीवा जिले में इन दिनों गेहूं खरीदी का काम तेज गति से चल रहा है। मंडियों में बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है। करहिया मंडी के निरीक्षण के बाद अधिकारियों में भी हलचल देखी गई।
