दतिया उपचुनाव कल: 291 केंद्रों पर मतदान, सुरक्षा के बीच 2.20 लाख मतदाता करेंगे वोट

दतिया (म.प्र.)

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30 जुलाई को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा मतदान, संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी; चुनाव आयोग और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कीं

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनावी शोर अब पूरी तरह थम चुका है और जिले में मतदान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंगलवार शाम छह बजे प्रचार का समय खत्म होने के बाद अब सभी की नजर 30 जुलाई को होने वाले मतदान पर है। जिले के कुल 291 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस बार करीब 2.20 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मतदान कर्मियों की तैनाती तक सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। मतदान से एक दिन पहले पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की गतिविधियां तेज रहीं। विभिन्न इलाकों में गश्त बढ़ाई गई, सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया और संवेदनशील माने गए क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत इस उपचुनाव के लिए कुल 320 मतदान दल बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 1280 मतदान अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी उसके अपने गृह विधानसभा क्षेत्र में नहीं लगाई गई है। सभी मतदान दलों को अलग-अलग केंद्रों पर भेजा जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो सके। मंगलवार को पूरे दिन अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और ईवीएम, वीवीपैट सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। प्रशासन का कहना है कि मतदान शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर आवश्यक सामग्री और तकनीकी संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की परेशानी सामने न आए।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 291 मतदान केंद्रों में से 233 को क्रिटिकल और 28 केंद्रों को वल्नरेबल श्रेणी में रखा गया है। इन सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील केंद्रों की निगरानी के लिए 215 माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे मतदान के दौरान गतिविधियों पर नजर रखेंगे और समय-समय पर अपनी रिपोर्ट निर्वाचन अधिकारियों को भेजेंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ मध्यप्रदेश पुलिस और विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के जवान भी मौजूद रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

मतदान प्रक्रिया की निगरानी तकनीक के जरिए भी की जाएगी। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जबकि प्रमुख केंद्रों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। जिले के 12 महत्वपूर्ण चेक पोस्ट और प्रवेश मार्गों पर भी विशेष निगरानी रहेगी, जहां आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सेक्टर अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। अगर किसी मतदान केंद्र पर ईवीएम या वीवीपैट में तकनीकी समस्या आती है तो उसके लिए रिजर्व मशीनों की व्यवस्था भी पहले से कर ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी टीम पूरे दिन सक्रिय रहेगी ताकि किसी भी खराबी को तुरंत दूर किया जा सके।

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मतदान दलों के रवाना होने की प्रक्रिया भी तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी। 29 जुलाई की सुबह से ही अधिकारियों और कर्मचारियों को मतदान सामग्री वितरित की जाएगी। ईवीएम, वीवीपैट, मतदाता सूची, चुनाव संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर मतदान दल अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना होंगे। प्रशासन ने सामग्री वितरण केंद्रों पर भी अलग-अलग काउंटर बनाए हैं ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक भीड़ न हो। मतदान समाप्त होने के बाद 30 जुलाई की शाम से सभी मतदान दल निर्धारित स्ट्रांग रूम और संग्रहण केंद्रों पर वापस पहुंचकर मतदान सामग्री जमा कराएंगे। इसके लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है और सुरक्षा बल पूरे समय तैनात रहेंगे।

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उधर, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दतिया स्थित प्रसिद्ध मां पीतांबरा पीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष प्रबंधन तैयार किया है। चूंकि विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, इसलिए मंदिर में दर्शन और पूजा की अनुमति तो रहेगी, लेकिन बाहरी श्रद्धालुओं को शहर या मंदिर परिसर में रुकने की इजाजत नहीं होगी। प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं के दर्शन पूरा करने के बाद उन्हें निर्धारित मार्ग से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर रवाना किया जाएगा। इसके लिए यातायात और पुलिस विभाग ने अलग से व्यवस्था बनाई है ताकि धार्मिक गतिविधियों और चुनावी प्रक्रिया दोनों पर किसी तरह का असर न पड़े।

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चुनाव के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैध कारण के बाहरी व्यक्तियों को विधानसभा क्षेत्र में रुकने की अनुमति नहीं होगी। जिले की सीमाओं पर पुलिस लगातार जांच अभियान चला रही है और विभिन्न प्रवेश मार्गों पर वाहनों की जांच की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ लगातार पेट्रोलिंग भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि मतदान वाले दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी फील्ड में मौजूद रहेंगे और किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे मतदान के दौरान सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कंट्रोल रूम से भी की जाएगी, जहां से सुरक्षा, वेबकास्टिंग और सेक्टर अधिकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

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29 Jul 2026 By Priyanka

दतिया उपचुनाव कल: 291 केंद्रों पर मतदान, सुरक्षा के बीच 2.20 लाख मतदाता करेंगे वोट

दतिया (म.प्र.)

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनावी शोर अब पूरी तरह थम चुका है और जिले में मतदान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंगलवार शाम छह बजे प्रचार का समय खत्म होने के बाद अब सभी की नजर 30 जुलाई को होने वाले मतदान पर है। जिले के कुल 291 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस बार करीब 2.20 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मतदान कर्मियों की तैनाती तक सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। मतदान से एक दिन पहले पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की गतिविधियां तेज रहीं। विभिन्न इलाकों में गश्त बढ़ाई गई, सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया और संवेदनशील माने गए क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत इस उपचुनाव के लिए कुल 320 मतदान दल बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 1280 मतदान अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी उसके अपने गृह विधानसभा क्षेत्र में नहीं लगाई गई है। सभी मतदान दलों को अलग-अलग केंद्रों पर भेजा जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो सके। मंगलवार को पूरे दिन अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और ईवीएम, वीवीपैट सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। प्रशासन का कहना है कि मतदान शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर आवश्यक सामग्री और तकनीकी संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की परेशानी सामने न आए।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 291 मतदान केंद्रों में से 233 को क्रिटिकल और 28 केंद्रों को वल्नरेबल श्रेणी में रखा गया है। इन सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील केंद्रों की निगरानी के लिए 215 माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे मतदान के दौरान गतिविधियों पर नजर रखेंगे और समय-समय पर अपनी रिपोर्ट निर्वाचन अधिकारियों को भेजेंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ मध्यप्रदेश पुलिस और विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के जवान भी मौजूद रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

मतदान प्रक्रिया की निगरानी तकनीक के जरिए भी की जाएगी। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जबकि प्रमुख केंद्रों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। जिले के 12 महत्वपूर्ण चेक पोस्ट और प्रवेश मार्गों पर भी विशेष निगरानी रहेगी, जहां आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सेक्टर अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। अगर किसी मतदान केंद्र पर ईवीएम या वीवीपैट में तकनीकी समस्या आती है तो उसके लिए रिजर्व मशीनों की व्यवस्था भी पहले से कर ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी टीम पूरे दिन सक्रिय रहेगी ताकि किसी भी खराबी को तुरंत दूर किया जा सके।

मतदान दलों के रवाना होने की प्रक्रिया भी तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी। 29 जुलाई की सुबह से ही अधिकारियों और कर्मचारियों को मतदान सामग्री वितरित की जाएगी। ईवीएम, वीवीपैट, मतदाता सूची, चुनाव संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर मतदान दल अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना होंगे। प्रशासन ने सामग्री वितरण केंद्रों पर भी अलग-अलग काउंटर बनाए हैं ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक भीड़ न हो। मतदान समाप्त होने के बाद 30 जुलाई की शाम से सभी मतदान दल निर्धारित स्ट्रांग रूम और संग्रहण केंद्रों पर वापस पहुंचकर मतदान सामग्री जमा कराएंगे। इसके लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है और सुरक्षा बल पूरे समय तैनात रहेंगे।

उधर, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दतिया स्थित प्रसिद्ध मां पीतांबरा पीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष प्रबंधन तैयार किया है। चूंकि विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, इसलिए मंदिर में दर्शन और पूजा की अनुमति तो रहेगी, लेकिन बाहरी श्रद्धालुओं को शहर या मंदिर परिसर में रुकने की इजाजत नहीं होगी। प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं के दर्शन पूरा करने के बाद उन्हें निर्धारित मार्ग से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर रवाना किया जाएगा। इसके लिए यातायात और पुलिस विभाग ने अलग से व्यवस्था बनाई है ताकि धार्मिक गतिविधियों और चुनावी प्रक्रिया दोनों पर किसी तरह का असर न पड़े।

चुनाव के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैध कारण के बाहरी व्यक्तियों को विधानसभा क्षेत्र में रुकने की अनुमति नहीं होगी। जिले की सीमाओं पर पुलिस लगातार जांच अभियान चला रही है और विभिन्न प्रवेश मार्गों पर वाहनों की जांच की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ लगातार पेट्रोलिंग भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि मतदान वाले दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी फील्ड में मौजूद रहेंगे और किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे मतदान के दौरान सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कंट्रोल रूम से भी की जाएगी, जहां से सुरक्षा, वेबकास्टिंग और सेक्टर अधिकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

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