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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, खजुराहो में पारा 46 के पार हुआ, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश भीषण गर्मी के बीच खजुराहो में 46°C तापमान दर्ज, कई जिलों में लू और आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश भीषण गर्मी इस समय पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित कर रही है। पर्यटन नगरी खजुराहो में सोमवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक है। इसके साथ ही नौगांव में 45.5 डिग्री तापमान ने भी रिकॉर्ड स्तर छू लिया। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा और लू का असर साफ देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 4 जिलों में लू और 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम का दोहरा असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय होने के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। एक ओर गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में लू का असर सबसे अधिक रहने का अनुमान है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा सहित 12 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
रिकॉर्ड तोड़ तापमान
मध्य प्रदेश भीषण गर्मी ने कई शहरों में पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खजुराहो में 1993 के 46.9 डिग्री रिकॉर्ड के करीब तापमान पहुंच गया है। भोपाल में पारा 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 43.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल महीने में इस तरह की गर्मी सामान्य है, लेकिन हाल के वर्षों में तापमान तेजी से बढ़ा है। ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी 44 से 45 डिग्री तक तापमान पहुंच चुका है।
आंधी-बारिश से नुकसान
तेज गर्मी के बीच अचानक मौसम बदलने से कई जिलों में नुकसान की भी खबरें सामने आ रही हैं। दमोह जिले के महुआ खेड़ा गांव में आंधी-बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि मौसम का यह असंतुलन ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश भीषण गर्मी और अस्थिर मौसम का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आगे का मौसम अनुमान
IMD के अनुसार, 1 मई तक प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश के आसार बने रहेंगे, लेकिन गर्मी से पूरी राहत फिलहाल संभव नहीं है। मौसम के इस मिश्रित पैटर्न के कारण आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश भीषण गर्मी का असर और तेज हो सकता है, जिससे कुछ जिलों में हीटवेव की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
निष्कर्ष
प्रदेश में इस समय मौसम का असामान्य व्यवहार देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर बारिश और आंधी का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, खजुराहो में पारा 46 के पार हुआ, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
भोपाल (म.प्र.)
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश भीषण गर्मी इस समय पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित कर रही है। पर्यटन नगरी खजुराहो में सोमवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक है। इसके साथ ही नौगांव में 45.5 डिग्री तापमान ने भी रिकॉर्ड स्तर छू लिया। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा और लू का असर साफ देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 4 जिलों में लू और 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम का दोहरा असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय होने के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। एक ओर गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में लू का असर सबसे अधिक रहने का अनुमान है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा सहित 12 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
रिकॉर्ड तोड़ तापमान
मध्य प्रदेश भीषण गर्मी ने कई शहरों में पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खजुराहो में 1993 के 46.9 डिग्री रिकॉर्ड के करीब तापमान पहुंच गया है। भोपाल में पारा 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 43.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल महीने में इस तरह की गर्मी सामान्य है, लेकिन हाल के वर्षों में तापमान तेजी से बढ़ा है। ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी 44 से 45 डिग्री तक तापमान पहुंच चुका है।
आंधी-बारिश से नुकसान
तेज गर्मी के बीच अचानक मौसम बदलने से कई जिलों में नुकसान की भी खबरें सामने आ रही हैं। दमोह जिले के महुआ खेड़ा गांव में आंधी-बारिश के दौरान कच्ची दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि मौसम का यह असंतुलन ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश भीषण गर्मी और अस्थिर मौसम का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आगे का मौसम अनुमान
IMD के अनुसार, 1 मई तक प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश के आसार बने रहेंगे, लेकिन गर्मी से पूरी राहत फिलहाल संभव नहीं है। मौसम के इस मिश्रित पैटर्न के कारण आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश भीषण गर्मी का असर और तेज हो सकता है, जिससे कुछ जिलों में हीटवेव की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
निष्कर्ष
प्रदेश में इस समय मौसम का असामान्य व्यवहार देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर बारिश और आंधी का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
