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डेयरी पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, 116 किलो पनीर जब्त
भोपाल,(म.प्र.)
सरकारी निर्देश के बाद शुरू हुई जांच में पनीर के नमूने लिए गए, लैब रिपोर्ट आने तक विभाग ने गुणवत्ता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया
सरकार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी और दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में टीम ने एक डेयरी का निरीक्षण किया, जहां बड़ी मात्रा में पनीर रखा मिला। जांच के दौरान अधिकारियों ने 116 किलो पनीर को जब्त कर लिया और मौके से नमूने भी लिए। इन सैंपलों को खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अभी पनीर में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग की ओर से भी इसे लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम ने डेयरी में रखे खाद्य सामान के साथ साफ-सफाई और भंडारण से जुड़े इंतजाम भी देखे।
पनीर किस स्थिति में रखा गया था, उसे कैसे स्टोर किया जा रहा था और खाद्य सुरक्षा के तय मानकों का पालन हो रहा था या नहीं, इन बिंदुओं की भी जांच की गई। टीम ने कार्रवाई के दौरान पनीर के सैंपल नियमानुसार लिए और जब्त की गई सामग्री को विभागीय प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में लिया। सरकारी स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चल रहे अभियान के बीच डेयरी और दूध से बने उत्पादों की जांच पर खास जोर दिया जा रहा है। दूध, पनीर, दही और दूसरे डेयरी उत्पाद रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होते हैं, इसलिए इनके सुरक्षित होने को लेकर विभाग लगातार निरीक्षण करता है। अधिकारियों के मुताबिक बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुसार हों, इसी उद्देश्य से प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज और उत्पादों के रखरखाव की स्थिति भी देखी जा सकती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।
डेयरी से लिए गए पनीर के नमूनों को अब प्रयोगशाला जांच से गुजरना है। वहां तय खाद्य सुरक्षा मानकों के आधार पर सैंपल की जांच की जाएगी। रिपोर्ट में उत्पाद की गुणवत्ता, मानकों के अनुरूप स्थिति और किसी संभावित गड़बड़ी की जानकारी सामने आएगी। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक जब्त पनीर की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह का दावा करना जल्दबाजी होगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने भी इसी बात पर जोर दिया है कि कार्रवाई के बाद अगला कदम जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उठाया जाएगा। अगर प्रयोगशाला जांच में पनीर मानकों के मुताबिक नहीं पाया जाता है तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं रिपोर्ट में कोई गंभीर कमी नहीं मिलने पर विभाग की आगे की प्रक्रिया उसी के अनुसार होगी। खाद्य टीम के निरीक्षण से डेयरी संचालकों और खाद्य कारोबारियों के बीच भी नियमों को लेकर सतर्कता बढ़ी है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की बिक्री और भंडारण के दौरान स्वच्छता, तापमान, पैकिंग और अन्य निर्धारित मानकों का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर दूध से बने उत्पादों में साफ-सफाई और सही तरीके से रखरखाव की भूमिका अहम होती है। अभियान के दौरान अधिकारियों की नजर ऐसे प्रतिष्ठानों पर भी है जहां बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार या स्टोर की जाती है। विभागीय टीम जरूरत के मुताबिक वहां से नमूने लेकर जांच के लिए भेज सकती है। इस मामले में भी 116 किलो पनीर जब्त करने के साथ सैंपल लिए गए हैं और रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि जब्त किए गए पनीर को लेकर विभाग को आगे क्या कदम उठाना है।
डेयरी पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, 116 किलो पनीर जब्त
भोपाल,(म.प्र.)
सरकार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी और दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में टीम ने एक डेयरी का निरीक्षण किया, जहां बड़ी मात्रा में पनीर रखा मिला। जांच के दौरान अधिकारियों ने 116 किलो पनीर को जब्त कर लिया और मौके से नमूने भी लिए। इन सैंपलों को खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अभी पनीर में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग की ओर से भी इसे लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम ने डेयरी में रखे खाद्य सामान के साथ साफ-सफाई और भंडारण से जुड़े इंतजाम भी देखे।
पनीर किस स्थिति में रखा गया था, उसे कैसे स्टोर किया जा रहा था और खाद्य सुरक्षा के तय मानकों का पालन हो रहा था या नहीं, इन बिंदुओं की भी जांच की गई। टीम ने कार्रवाई के दौरान पनीर के सैंपल नियमानुसार लिए और जब्त की गई सामग्री को विभागीय प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में लिया। सरकारी स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चल रहे अभियान के बीच डेयरी और दूध से बने उत्पादों की जांच पर खास जोर दिया जा रहा है। दूध, पनीर, दही और दूसरे डेयरी उत्पाद रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होते हैं, इसलिए इनके सुरक्षित होने को लेकर विभाग लगातार निरीक्षण करता है। अधिकारियों के मुताबिक बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुसार हों, इसी उद्देश्य से प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज और उत्पादों के रखरखाव की स्थिति भी देखी जा सकती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।
डेयरी से लिए गए पनीर के नमूनों को अब प्रयोगशाला जांच से गुजरना है। वहां तय खाद्य सुरक्षा मानकों के आधार पर सैंपल की जांच की जाएगी। रिपोर्ट में उत्पाद की गुणवत्ता, मानकों के अनुरूप स्थिति और किसी संभावित गड़बड़ी की जानकारी सामने आएगी। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक जब्त पनीर की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह का दावा करना जल्दबाजी होगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने भी इसी बात पर जोर दिया है कि कार्रवाई के बाद अगला कदम जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उठाया जाएगा। अगर प्रयोगशाला जांच में पनीर मानकों के मुताबिक नहीं पाया जाता है तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं रिपोर्ट में कोई गंभीर कमी नहीं मिलने पर विभाग की आगे की प्रक्रिया उसी के अनुसार होगी। खाद्य टीम के निरीक्षण से डेयरी संचालकों और खाद्य कारोबारियों के बीच भी नियमों को लेकर सतर्कता बढ़ी है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की बिक्री और भंडारण के दौरान स्वच्छता, तापमान, पैकिंग और अन्य निर्धारित मानकों का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर दूध से बने उत्पादों में साफ-सफाई और सही तरीके से रखरखाव की भूमिका अहम होती है। अभियान के दौरान अधिकारियों की नजर ऐसे प्रतिष्ठानों पर भी है जहां बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार या स्टोर की जाती है। विभागीय टीम जरूरत के मुताबिक वहां से नमूने लेकर जांच के लिए भेज सकती है। इस मामले में भी 116 किलो पनीर जब्त करने के साथ सैंपल लिए गए हैं और रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि जब्त किए गए पनीर को लेकर विभाग को आगे क्या कदम उठाना है।
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