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नाना पटवारी का कबूलनामा: '3 साल पहले तक ड्रग्स लेता था, अब पूरी तरह छोड़ चुका हूं', पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
INDORE, MP
ड्रग्स मामले में पूछताछ के बाद नाना पटवारी पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने स्वीकार किया कि तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन अब पूरी तरह छोड़ चुके हैं। वहीं, जीतू पटवारी ने मामले को राजनीतिक प्रताड़ना बताया।
ड्रग्स मामले में पुलिस पूछताछ के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी ने कई अहम बयान दिए। उन्होंने स्वीकार किया कि करीब तीन साल पहले तक वे ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन अब पूरी तरह इससे दूरी बना चुके हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को राजनीतिक प्रताड़ना बताया।
नाना पटवारी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वे जीतू पटवारी के भाई हैं। उनके मुताबिक, वे अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए ले जा रहे थे, तभी सन सिटी कॉलोनी के गेट से पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे दिन उन्हें शहर में घुमाया गया, लेकिन यह तक नहीं बताया गया कि आखिर किस मामले में हिरासत में लिया गया है। थाने पहुंचने पर केवल नाम पूछा गया और बाद में जानकारी देने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनसे उनका कोई संबंध नहीं है। नाना पटवारी के अनुसार, संजय कौशल और इरफान चुनाव के दौरान कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी गाड़ी संजय कौशल के यहां धुलती थी और गोलू वहीं काम करता था। जिस स्कॉर्पियो वाहन की चर्चा हो रही है, वह संजय कौशल की है और उसमें मिले सामान से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पुलिस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।
नाना पटवारी ने मीडिया से बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि वे तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने न सिर्फ ड्रग्स बल्कि शराब भी पूरी तरह छोड़ दी। उन्होंने कहा कि अब वे न तो किसी प्रकार का नशा करते हैं और न ही शराब को हाथ लगाते हैं।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि उनके परिवार को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार उनके परिवार को निशाना बनाना चाहती है तो वे उसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन दबाव में आने वाले नहीं हैं।
इस बीच जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार ने नाना पटवारी के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने बताया कि कुल नौ मामलों में से पांच किसानों के आंदोलन से जुड़े हैं, जबकि दो मामले चुनाव के दौरान थाने के घेराव से संबंधित हैं, जिनमें नाना पटवारी की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। एक मामला जमीन विवाद का है, जिसमें उन्हें जमानत मिल चुकी है। वहीं, नौ में से दो मामलों में वे पहले ही अदालत से बरी हो चुके हैं।
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नाना पटवारी का कबूलनामा: '3 साल पहले तक ड्रग्स लेता था, अब पूरी तरह छोड़ चुका हूं', पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
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ड्रग्स मामले में पुलिस पूछताछ के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी ने कई अहम बयान दिए। उन्होंने स्वीकार किया कि करीब तीन साल पहले तक वे ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन अब पूरी तरह इससे दूरी बना चुके हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को राजनीतिक प्रताड़ना बताया।
नाना पटवारी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वे जीतू पटवारी के भाई हैं। उनके मुताबिक, वे अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए ले जा रहे थे, तभी सन सिटी कॉलोनी के गेट से पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे दिन उन्हें शहर में घुमाया गया, लेकिन यह तक नहीं बताया गया कि आखिर किस मामले में हिरासत में लिया गया है। थाने पहुंचने पर केवल नाम पूछा गया और बाद में जानकारी देने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनसे उनका कोई संबंध नहीं है। नाना पटवारी के अनुसार, संजय कौशल और इरफान चुनाव के दौरान कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी गाड़ी संजय कौशल के यहां धुलती थी और गोलू वहीं काम करता था। जिस स्कॉर्पियो वाहन की चर्चा हो रही है, वह संजय कौशल की है और उसमें मिले सामान से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पुलिस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।
नाना पटवारी ने मीडिया से बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि वे तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने न सिर्फ ड्रग्स बल्कि शराब भी पूरी तरह छोड़ दी। उन्होंने कहा कि अब वे न तो किसी प्रकार का नशा करते हैं और न ही शराब को हाथ लगाते हैं।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि उनके परिवार को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार उनके परिवार को निशाना बनाना चाहती है तो वे उसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन दबाव में आने वाले नहीं हैं।
इस बीच जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार ने नाना पटवारी के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने बताया कि कुल नौ मामलों में से पांच किसानों के आंदोलन से जुड़े हैं, जबकि दो मामले चुनाव के दौरान थाने के घेराव से संबंधित हैं, जिनमें नाना पटवारी की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। एक मामला जमीन विवाद का है, जिसमें उन्हें जमानत मिल चुकी है। वहीं, नौ में से दो मामलों में वे पहले ही अदालत से बरी हो चुके हैं।
