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इंदौर में वीजा खत्म होने के बाद रह रहा नाइजीरियन युवक डिपोर्ट, तीन साल बाद पुलिस की कार्रवाई
इंदौर (म.प्र.)
हीरानगर क्षेत्र से पकड़े गए डॉन पेड्रो चार्लिस को प्रक्रिया पूरी कर 1 मार्च को नाइजीरिया भेजा गया; फर्जी दस्तावेज से वीजा बढ़ाने की कोशिश सामने आई।
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद तीन साल से रह रहे एक नाइजीरियन नागरिक को पुलिस ने कार्रवाई के बाद उसके देश वापस भेज दिया। हीरानगर पुलिस ने विदेशी नागरिक डॉन पेड्रो चार्लिस को फरवरी में हिरासत में लिया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1 मार्च 2026 को उसे नाइजीरिया डिपोर्ट कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार डॉन पेड्रो चार्लिस कई साल पहले भारत आया था और इंदौर में रहकर एक बीपीओ कंपनी में काम कर रहा था। उसका वीजा वर्ष 2023 में समाप्त हो गया था, लेकिन उसने इसकी जानकारी संबंधित विभागों को नहीं दी और भारत में ही रहना जारी रखा। विदेशी नागरिकों के रिकॉर्ड की जांच के दौरान यह मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
हीरानगर थाना पुलिस ने 17 फरवरी 2026 को उसे शहर के सनसिटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। बताया गया कि वह उस समय अपनी एक परिचित महिला से मिलने आया था। पूछताछ के दौरान युवक ने पुलिस को बताया कि उसने बेंगलुरु के एक व्यक्ति के माध्यम से वीजा बढ़वाने की कोशिश की थी। उस व्यक्ति ने उससे पैसे लेकर ऑनलाइन एक पीडीएफ दस्तावेज भेजा, जिसे वीजा विस्तार का प्रमाण बताया गया था। हालांकि जांच में यह दस्तावेज फर्जी पाया गया और वीजा की अवधि आधिकारिक रूप से कभी नहीं बढ़ी।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद विदेशी नागरिकों से संबंधित यूनिट को सूचना दी। इसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान युवक को थाने में ही अलग सेल में रखा गया था। आवश्यक कागजी कार्रवाई और यात्रा व्यवस्था पूरी होने के बाद उसे विमान से नाइजीरिया भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने युवक के परिवार के बारे में भी जानकारी जुटाई। अधिकारियों के मुताबिक डॉन पेड्रो के पिता डॉन चार्ल्स नाइजीरिया के एक शहर में पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके परिवार को बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों से खतरा रहा है। इसी वजह से उन्होंने अपने बच्चों को अलग-अलग देशों में पढ़ाई और सुरक्षा के लिए भेजा था। डॉन पेड्रो भारत आया था, जबकि उसके अन्य भाई पुर्तगाल, यूनाइटेड किंगडम और अन्य देशों में रहते हैं।
इंदौर पुलिस का कहना है कि शहर में रहने वाले विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की समय-समय पर जांच की जाती है। जिन लोगों का वीजा समाप्त हो चुका है या जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई विदेशी नागरिक संदिग्ध परिस्थितियों में रह रहा हो तो इसकी सूचना पुलिस को दें।
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