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रीवा कलेक्टर का सख्त एक्शन, देर से आए कर्मचारियों को लगाई फटकार
रीवा (म.प्र.)
रीवा कलेक्टर ने औचक निरीक्षण में अनुपस्थित कर्मचारियों पर जताई नाराजगी, ई-अटेंडेंस के निर्देश
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बुधवार को उस समय प्रशासनिक हलचल बढ़ गई जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी समय पर मौजूद नहीं पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई। रीवा कलेक्टर ने देरी से पहुंचे कर्मचारियों को लाइन में खड़ा कर कड़ी फटकार लगाई और अनुशासनहीनता पर सख्त संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी अनिवार्य है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच की और अनुपस्थित कर्मचारियों से जवाब तलब किया।
अनुशासन पर सख्ती
जिला पंचायत कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी देर से पहुंचे। इस पर रीवा कलेक्टर ने उन्हें लाइन में खड़ा कर स्पष्ट शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में एक घंटे की देरी और एक घंटे पहले निकल जाना गंभीर लापरवाही है, जबकि वेतन पूरा लिया जा रहा है।कलेक्टर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से उनकी कार्यशैली पर सवाल पूछे और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी।
ड्रेस कोड पर सवाल
निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी के पहनावे को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। जींस पहनकर और असामान्य स्टाइल में पहुंचे कर्मचारी को देखकर उन्होंने सख्त टिप्पणी की।रीवा कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी का चश्मा शर्ट से निकालकर हाथ में देते हुए कहा कि कार्यालय में इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे “हीरोगिरी” बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी।
ई-अटेंडेंस के निर्देश
रीवा कलेक्टर ने अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी को निर्देश दिए कि सभी विभागों में ई-अटेंडेंस प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में देरी से आने वाले कर्मचारियों से आधे दिन का अवकाश आवेदन लिया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता पर अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और वेतन कटौती जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कलेक्ट्रेट में भी जांच
जिला पंचायत के बाद कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी कुछ कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। इस पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई और कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।रीवा कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सरकारी कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है।
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रीवा कलेक्टर का सख्त एक्शन, देर से आए कर्मचारियों को लगाई फटकार
रीवा (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बुधवार को उस समय प्रशासनिक हलचल बढ़ गई जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी समय पर मौजूद नहीं पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई। रीवा कलेक्टर ने देरी से पहुंचे कर्मचारियों को लाइन में खड़ा कर कड़ी फटकार लगाई और अनुशासनहीनता पर सख्त संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी अनिवार्य है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच की और अनुपस्थित कर्मचारियों से जवाब तलब किया।
अनुशासन पर सख्ती
जिला पंचायत कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी देर से पहुंचे। इस पर रीवा कलेक्टर ने उन्हें लाइन में खड़ा कर स्पष्ट शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में एक घंटे की देरी और एक घंटे पहले निकल जाना गंभीर लापरवाही है, जबकि वेतन पूरा लिया जा रहा है।कलेक्टर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से उनकी कार्यशैली पर सवाल पूछे और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी।
ड्रेस कोड पर सवाल
निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी के पहनावे को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। जींस पहनकर और असामान्य स्टाइल में पहुंचे कर्मचारी को देखकर उन्होंने सख्त टिप्पणी की।रीवा कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी का चश्मा शर्ट से निकालकर हाथ में देते हुए कहा कि कार्यालय में इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे “हीरोगिरी” बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी।
ई-अटेंडेंस के निर्देश
रीवा कलेक्टर ने अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी को निर्देश दिए कि सभी विभागों में ई-अटेंडेंस प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में देरी से आने वाले कर्मचारियों से आधे दिन का अवकाश आवेदन लिया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता पर अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और वेतन कटौती जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कलेक्ट्रेट में भी जांच
जिला पंचायत के बाद कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी कुछ कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। इस पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई और कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।रीवा कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सरकारी कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है।
