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MP कैबिनेट के बड़े फैसले: विकास के लिए 26,800 करोड़ मंजूर
भोपाल (म.प्र.)
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक में इस बार प्रदेश के विकास को लेकर २६ हजार ८०० करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई। वहीं लोक निर्माण विभाग की आगामी पांच वर्षों की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के लिए 26 हजार 311 करोड़ रूपए की राषि को भी मंजूदी दी गई। मंत्री परिषद ने पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये छात्रवृत्ति राषि को 1550 रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए प्रतिमाह करने को निर्णय भी लिया है। इसके अलावा ग्रामीण सिंचाई व्यवस्था के लिए लखुंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और प्रदेष की 38 हजार 901 आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्षन के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधान किए हैं। राजधानी भोपाल और रीवा के चिकित्सा काॅलेजों के लिए पुनरीक्षित प्रषासनिक स्वीकृतियां भी दी गई हैं।
मंत्रि-परिषद द्वारा शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 155 करोड़ 82 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के 17 एवं उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 ग्राम इस तरह कुल 24 ग्रामों के लिए 9 हजार 200 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना अंतर्गत लखुंदर नदी पर शाजापुर जिले में मक्सी के समीप पूर्व से ही निर्मित जलाशय से 24.37 मीट्रिक घन. मीटर जल का उद्वहन कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाऐगी।
इसके साथ ही केन्द्रीय सड़क अधोसंरचना निधि संबंधी योजनाओं के लिए 6 हजार 925 करोड़ रूपये, एफ-टाईप से उच्च श्रेणी के शासकीय आवास एवं गैर आवासीय भवनों का अनुरक्षण का कार्य संबंधी योजना के लिए 1 हजार 680 करोड़ रूपये और भू-अर्जन के लिए मुआवजा संबंधी योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है।
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा दूरस्थ अंचलों में तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पी.जी. सीट वृद्धि योजना के अंतर्गत गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के लिए रेडियोथैरिपी विभाग की ओ.पी.डी, लीनियक मशीन बंकर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथलैब का निर्माण कार्य के लिए 14 करोड़ 8 लाख रूपये की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने के साथ 79 करोड़ 16 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्रि-परिषद द्वारा श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के अंतर्गत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के तहत निर्माण कार्य के लिए 164 करोड़ 49 लाख रूपये के स्थान पर 174 करोड़ 80 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
38,901 आँगनवाड़ी भवनों में विद्युतीकरण के लिए 80 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत विद्युतविहीन आँगनवाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था अन्तर्गत 38 हजार 901 ऑगनवाड़ी भवनों में बाहय विद्युतीकरण संबंधी योजना की 16 वें वित्त आयोग की निर्धारित अवधि (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक) की स्वीकृति एवं निरंतरता के लिए 80 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
स्वीकृति अनुसार प्रदेश में संचालित कुल 97,882 आँगनवाड़ी केन्द्रों में से विद्युत व्यवस्थाविहीन 38,901 विभागीय आँगनवाड़ी भवनों में विदयुत व्यवस्था करवाई जाएगी। आंगनवाड़ी भवनों में बाहय विदयुतीकरण होने पर ट्यूबलाईट/बल्ब, पंखा, कूलर, स्मार्ट टी.वी.,वॉटर प्यूरीफायर इत्यादि के समुचित उपयोग होगा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समस्त विभागीय योजनाओं का बेहतर तरीके से संचालन होगा। विभागीय योजनाओं की गतिशीलता बढ़ेगी। आँगनवाड़ी केन्द्र के बच्चें सुविधाजनक वातावरण में शालापूर्व शिक्षा व अन्य सेवायें ले सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक कुल 38,814 विभागीय आँगनवाड़ी भवनों, धरती आबा योजना अंतर्गत शेष संभावित 69 आँगनवाड़ी भवन एवं जिला खनिज फंड से निर्मित 18 आँगनवाड़ी भवनों सहित अनुमानत 38,901 आँगनवाड़ी भवनों में बाहय विदयुतीकरण का लक्ष्य है।
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MP कैबिनेट के बड़े फैसले: विकास के लिए 26,800 करोड़ मंजूर
भोपाल (म.प्र.)
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक में इस बार प्रदेश के विकास को लेकर २६ हजार ८०० करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई। वहीं लोक निर्माण विभाग की आगामी पांच वर्षों की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के लिए 26 हजार 311 करोड़ रूपए की राषि को भी मंजूदी दी गई। मंत्री परिषद ने पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये छात्रवृत्ति राषि को 1550 रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए प्रतिमाह करने को निर्णय भी लिया है। इसके अलावा ग्रामीण सिंचाई व्यवस्था के लिए लखुंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और प्रदेष की 38 हजार 901 आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्षन के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधान किए हैं। राजधानी भोपाल और रीवा के चिकित्सा काॅलेजों के लिए पुनरीक्षित प्रषासनिक स्वीकृतियां भी दी गई हैं।
मंत्रि-परिषद द्वारा शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 155 करोड़ 82 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के 17 एवं उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 ग्राम इस तरह कुल 24 ग्रामों के लिए 9 हजार 200 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना अंतर्गत लखुंदर नदी पर शाजापुर जिले में मक्सी के समीप पूर्व से ही निर्मित जलाशय से 24.37 मीट्रिक घन. मीटर जल का उद्वहन कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाऐगी।
इसके साथ ही केन्द्रीय सड़क अधोसंरचना निधि संबंधी योजनाओं के लिए 6 हजार 925 करोड़ रूपये, एफ-टाईप से उच्च श्रेणी के शासकीय आवास एवं गैर आवासीय भवनों का अनुरक्षण का कार्य संबंधी योजना के लिए 1 हजार 680 करोड़ रूपये और भू-अर्जन के लिए मुआवजा संबंधी योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है।
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा दूरस्थ अंचलों में तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पी.जी. सीट वृद्धि योजना के अंतर्गत गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के लिए रेडियोथैरिपी विभाग की ओ.पी.डी, लीनियक मशीन बंकर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथलैब का निर्माण कार्य के लिए 14 करोड़ 8 लाख रूपये की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने के साथ 79 करोड़ 16 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्रि-परिषद द्वारा श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के अंतर्गत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के तहत निर्माण कार्य के लिए 164 करोड़ 49 लाख रूपये के स्थान पर 174 करोड़ 80 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
38,901 आँगनवाड़ी भवनों में विद्युतीकरण के लिए 80 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत विद्युतविहीन आँगनवाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था अन्तर्गत 38 हजार 901 ऑगनवाड़ी भवनों में बाहय विद्युतीकरण संबंधी योजना की 16 वें वित्त आयोग की निर्धारित अवधि (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक) की स्वीकृति एवं निरंतरता के लिए 80 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
स्वीकृति अनुसार प्रदेश में संचालित कुल 97,882 आँगनवाड़ी केन्द्रों में से विद्युत व्यवस्थाविहीन 38,901 विभागीय आँगनवाड़ी भवनों में विदयुत व्यवस्था करवाई जाएगी। आंगनवाड़ी भवनों में बाहय विदयुतीकरण होने पर ट्यूबलाईट/बल्ब, पंखा, कूलर, स्मार्ट टी.वी.,वॉटर प्यूरीफायर इत्यादि के समुचित उपयोग होगा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समस्त विभागीय योजनाओं का बेहतर तरीके से संचालन होगा। विभागीय योजनाओं की गतिशीलता बढ़ेगी। आँगनवाड़ी केन्द्र के बच्चें सुविधाजनक वातावरण में शालापूर्व शिक्षा व अन्य सेवायें ले सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक कुल 38,814 विभागीय आँगनवाड़ी भवनों, धरती आबा योजना अंतर्गत शेष संभावित 69 आँगनवाड़ी भवन एवं जिला खनिज फंड से निर्मित 18 आँगनवाड़ी भवनों सहित अनुमानत 38,901 आँगनवाड़ी भवनों में बाहय विदयुतीकरण का लक्ष्य है।
