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आग की अफवाह बनी जानलेवा, ट्रेन से कूदे यात्रियों पर चढ़ी दूसरी ट्रेन
मुरैना,(म.प्र.)
मुरैना के पास उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मची अफरा-तफरी, पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार दोपहर एक दर्दनाक रेल हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच कुछ यात्री जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए और कई लोग चलती ट्रेन से कूदने लगे। इसी दौरान समानांतर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे कुछ यात्री दूसरी दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और रेलवे प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। यह हादसा मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के बीच सरायछौला थाना क्षेत्र में स्थित हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ। बताया जा रहा है कि खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में किसी यात्री का मोबाइल फोन अचानक गर्म होकर फट गया। इसके बाद डिब्बे में धुआं और आग लगने की आशंका को लेकर अफवाह फैल गई। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच डर और घबराहट का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोग बिना स्थिति की पुष्टि किए अपनी सीट छोड़कर दरवाजों की तरफ दौड़ पड़े। इसी दौरान किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन ट्रैक पर ही रुक गई। ट्रेन रुकते ही लोग जान बचाने के लिए तेजी से नीचे उतरने लगे। कई यात्रियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस ट्रैक पर वे उतर रहे हैं, वहां से दूसरी ट्रेन गुजर सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रविवार शाम करीब 4:15 बजे गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर खड़ी थी। इसी दौरान ट्रेन के दूसरे कोच में हुई चेन पुलिंग के कारण गाड़ी को सेक्शन में रोकना पड़ा। जब तक रेलवे स्टाफ स्थिति को समझ पाता, तब तक बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से उतर चुके थे। कुछ लोग घबराहट में दूसरी लाइन तक पहुंच गए। इसी समय अप दिशा से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। तेज रफ्तार ट्रेन को देखकर कई लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कुछ लोग घायल यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक ले गए, जबकि रेलवे और प्रशासन को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कई लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही मिनट पहले तक लोग ट्रेन में सामान्य यात्रा कर रहे थे और फिर अचानक अफवाह ने पूरे माहौल को बदल दिया। हादसे के बाद कई यात्रियों की आंखों में डर और सदमे के भाव साफ दिखाई दे रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया तथा प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि मोबाइल फटने की घटना के बाद अफवाह किस तरह फैली और यात्रियों में इतनी तेजी से दहशत क्यों फैल गई। रेलवे सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसे हादसे अक्सर घबराहट और अफवाहों के कारण होते हैं। किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। बिना पुष्टि के ट्रेन से उतरना या दूसरे ट्रैक पर जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मुरैना में हुआ यह हादसा भी इसी बात की दुखद याद दिलाता है कि कई बार वास्तविक खतरे से ज्यादा अफवाहें जानलेवा बन जाती हैं। रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। शुरुआती जानकारी में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मोबाइल फटने के बाद फैली अफवाह को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। चार लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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आग की अफवाह बनी जानलेवा, ट्रेन से कूदे यात्रियों पर चढ़ी दूसरी ट्रेन
मुरैना,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार दोपहर एक दर्दनाक रेल हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच कुछ यात्री जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए और कई लोग चलती ट्रेन से कूदने लगे। इसी दौरान समानांतर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे कुछ यात्री दूसरी दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और रेलवे प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। यह हादसा मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के बीच सरायछौला थाना क्षेत्र में स्थित हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ। बताया जा रहा है कि खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में किसी यात्री का मोबाइल फोन अचानक गर्म होकर फट गया। इसके बाद डिब्बे में धुआं और आग लगने की आशंका को लेकर अफवाह फैल गई। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच डर और घबराहट का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोग बिना स्थिति की पुष्टि किए अपनी सीट छोड़कर दरवाजों की तरफ दौड़ पड़े। इसी दौरान किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन ट्रैक पर ही रुक गई। ट्रेन रुकते ही लोग जान बचाने के लिए तेजी से नीचे उतरने लगे। कई यात्रियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस ट्रैक पर वे उतर रहे हैं, वहां से दूसरी ट्रेन गुजर सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रविवार शाम करीब 4:15 बजे गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर खड़ी थी। इसी दौरान ट्रेन के दूसरे कोच में हुई चेन पुलिंग के कारण गाड़ी को सेक्शन में रोकना पड़ा। जब तक रेलवे स्टाफ स्थिति को समझ पाता, तब तक बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से उतर चुके थे। कुछ लोग घबराहट में दूसरी लाइन तक पहुंच गए। इसी समय अप दिशा से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। तेज रफ्तार ट्रेन को देखकर कई लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कुछ लोग घायल यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक ले गए, जबकि रेलवे और प्रशासन को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कई लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही मिनट पहले तक लोग ट्रेन में सामान्य यात्रा कर रहे थे और फिर अचानक अफवाह ने पूरे माहौल को बदल दिया। हादसे के बाद कई यात्रियों की आंखों में डर और सदमे के भाव साफ दिखाई दे रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया तथा प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि मोबाइल फटने की घटना के बाद अफवाह किस तरह फैली और यात्रियों में इतनी तेजी से दहशत क्यों फैल गई। रेलवे सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसे हादसे अक्सर घबराहट और अफवाहों के कारण होते हैं। किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। बिना पुष्टि के ट्रेन से उतरना या दूसरे ट्रैक पर जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मुरैना में हुआ यह हादसा भी इसी बात की दुखद याद दिलाता है कि कई बार वास्तविक खतरे से ज्यादा अफवाहें जानलेवा बन जाती हैं। रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। शुरुआती जानकारी में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मोबाइल फटने के बाद फैली अफवाह को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। चार लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
