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बरगद के नीचे सजी रात चौपाल, कलेक्टर ने गांव पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
रीवा,(म.प्र.)
दूरस्थ कूड़ी गांव में अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, राजस्व, बिजली, शिक्षा, पेयजल और पेंशन से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुरुवार रात त्योंथर विकासखंड के दूरस्थ एवं सीमावर्ती गांव कूड़ी में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित इस रात चौपाल में कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ गांववासियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने भी पहली बार किसी कलेक्टर के गांव पहुंचने पर खुशी जताई और अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अधिकारियों के दल के साथ बस से गांव पहुंचे। शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालयों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना भी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
चौपाल के दौरान गांव की छात्रा दिव्या सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर ने गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुनी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि अधिकारी समय-समय पर गांवों का दौरा करते रहेंगे तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बेहतर ढंग से पहुंचेगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों की इस भावना की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद विकास की सबसे मजबूत कड़ी है।
कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थ हैं और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने आते हैं। कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत की और दो विद्यार्थियों से पहाड़े भी सुने। बच्चों के जवाब संतोषजनक मिलने पर उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की सराहना की, लेकिन स्कूल भवन की मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति भी जानी। महिलाओं ने बताया कि गांव में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां गर्भवती महिलाओं को टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाता है और बच्चों व महिलाओं का नियमित टीकाकरण भी किया जाता है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पोषण और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचना चाहिए।
ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त विद्युत केबलों के कारण बार-बार लाइन फॉल्ट होता है और कई घरों में अभी तक बिजली मीटर नहीं लगाए गए हैं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल क्षतिग्रस्त केबल बदलने, झुके हुए बिजली खंभों को सीधा करने, लटकते तारों को ठीक कराने तथा गांव में शिविर लगाकर सभी पात्र परिवारों के घरों में मीटर लगाने के निर्देश दिए।
राजस्व संबंधी मामलों में भी ग्रामीणों ने सीमांकन, बंटवारा और अन्य लंबित प्रकरणों के आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। खाद्यान्न वितरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई पात्र परिवार राशन योजना से वंचित रह गया है तो उसे तत्काल खाद्यान्न पर्ची जारी की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृत राशि बजट प्राप्त होते ही लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी। साथ ही गांव की अधूरी नल-जल योजना को शीघ्र पूरा करने और हैंडपंपों के जल की गुणवत्ता सुधारने के भी निर्देश दिए गए।
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने राजस्व मामलों की मौके पर ही सुनवाई की। दो आवेदनों में अवैध कब्जे की शिकायत सही पाए जाने पर उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ। इसके अलावा चौपाल में 20 ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा चार हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में एसडीएम त्योंथर राकेश कुमार चौरसिया, उप संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश तांडेकर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण बसोड़ सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी और पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
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बरगद के नीचे सजी रात चौपाल, कलेक्टर ने गांव पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
रीवा,(म.प्र.)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुरुवार रात त्योंथर विकासखंड के दूरस्थ एवं सीमावर्ती गांव कूड़ी में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित इस रात चौपाल में कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ गांववासियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने भी पहली बार किसी कलेक्टर के गांव पहुंचने पर खुशी जताई और अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अधिकारियों के दल के साथ बस से गांव पहुंचे। शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालयों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना भी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
चौपाल के दौरान गांव की छात्रा दिव्या सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर ने गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुनी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि अधिकारी समय-समय पर गांवों का दौरा करते रहेंगे तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बेहतर ढंग से पहुंचेगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों की इस भावना की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद विकास की सबसे मजबूत कड़ी है।
कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थ हैं और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने आते हैं। कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत की और दो विद्यार्थियों से पहाड़े भी सुने। बच्चों के जवाब संतोषजनक मिलने पर उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की सराहना की, लेकिन स्कूल भवन की मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति भी जानी। महिलाओं ने बताया कि गांव में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां गर्भवती महिलाओं को टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाता है और बच्चों व महिलाओं का नियमित टीकाकरण भी किया जाता है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पोषण और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचना चाहिए।
ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त विद्युत केबलों के कारण बार-बार लाइन फॉल्ट होता है और कई घरों में अभी तक बिजली मीटर नहीं लगाए गए हैं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल क्षतिग्रस्त केबल बदलने, झुके हुए बिजली खंभों को सीधा करने, लटकते तारों को ठीक कराने तथा गांव में शिविर लगाकर सभी पात्र परिवारों के घरों में मीटर लगाने के निर्देश दिए।
राजस्व संबंधी मामलों में भी ग्रामीणों ने सीमांकन, बंटवारा और अन्य लंबित प्रकरणों के आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। खाद्यान्न वितरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई पात्र परिवार राशन योजना से वंचित रह गया है तो उसे तत्काल खाद्यान्न पर्ची जारी की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृत राशि बजट प्राप्त होते ही लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी। साथ ही गांव की अधूरी नल-जल योजना को शीघ्र पूरा करने और हैंडपंपों के जल की गुणवत्ता सुधारने के भी निर्देश दिए गए।
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने राजस्व मामलों की मौके पर ही सुनवाई की। दो आवेदनों में अवैध कब्जे की शिकायत सही पाए जाने पर उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ। इसके अलावा चौपाल में 20 ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा चार हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में एसडीएम त्योंथर राकेश कुमार चौरसिया, उप संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश तांडेकर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण बसोड़ सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी और पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
