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रीवा में पटवारी रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार, 5 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने किया ट्रैप
रीवा (म.प्र.)
रीवा में लोकायुक्त ने पटवारी मनोज पांडे को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते ट्रैप किया। जमीन सीमांकन के बदले 15 हजार की मांग की गई थी।
रीवा में लोकायुक्त ट्रैप की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां खजुआ कला हल्के में पदस्थ एक पटवारी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई शुक्रवार 16 मई 2026 को राजीव मार्ग स्थित निराला नगर इलाके में की गई। लोकायुक्त टीम की इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि मामला जमीन के सीमांकन से जुड़ा हुआ था, जिसमें पटवारी द्वारा लगातार पैसे की मांग की जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता कमलेश पटेल निवासी ग्राम खजुआ कला ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में 13 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनके पिता की जमीन के सीमांकन विवाद को निपटाने और सीमा को “बरकरार” रखने के एवज में हल्का पटवारी मनोज पांडे द्वारा 15 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। मामला सामने आने के बाद लोकायुक्त संगठन ने सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसी दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पटवारी पहले ही 10 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 5 हजार की मांग लगातार कर रहा था। यह पूरा मामला रीवा लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई की वजह बना।
सूत्रों के अनुसार, सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। योजना के तहत 16 मई को जैसे ही आरोपी पटवारी मनोज पांडे ने रिश्वत की अंतिम किश्त 5 हजार रुपये ली, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। कार्रवाई राजीव मार्ग क्षेत्र में की गई, जहां जैसे ही पैसे का लेन-देन पूरा हुआ, लोकायुक्त टीम ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आरोपी की पहचान मनोज पांडे, पिता पी.एन. पांडे, उम्र 52 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 9, राजीव मार्ग निराला नगर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में खजुआ कला हल्के में पदस्थ था। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने किया, जबकि निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित 12 सदस्यीय टीम और स्वतंत्र गवाह भी मौजूद रहे।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस तरह की ट्रैप कार्रवाई से व्यवस्था पर दबाव बनता है। लोकायुक्त संगठन ने भी स्पष्ट कहा है कि यदि किसी भी शासकीय कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो नागरिक सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे और खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
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रीवा में पटवारी रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार, 5 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने किया ट्रैप
रीवा (म.प्र.)
रीवा में लोकायुक्त ट्रैप की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां खजुआ कला हल्के में पदस्थ एक पटवारी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई शुक्रवार 16 मई 2026 को राजीव मार्ग स्थित निराला नगर इलाके में की गई। लोकायुक्त टीम की इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि मामला जमीन के सीमांकन से जुड़ा हुआ था, जिसमें पटवारी द्वारा लगातार पैसे की मांग की जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता कमलेश पटेल निवासी ग्राम खजुआ कला ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में 13 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनके पिता की जमीन के सीमांकन विवाद को निपटाने और सीमा को “बरकरार” रखने के एवज में हल्का पटवारी मनोज पांडे द्वारा 15 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। मामला सामने आने के बाद लोकायुक्त संगठन ने सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसी दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पटवारी पहले ही 10 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 5 हजार की मांग लगातार कर रहा था। यह पूरा मामला रीवा लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई की वजह बना।
सूत्रों के अनुसार, सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। योजना के तहत 16 मई को जैसे ही आरोपी पटवारी मनोज पांडे ने रिश्वत की अंतिम किश्त 5 हजार रुपये ली, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। कार्रवाई राजीव मार्ग क्षेत्र में की गई, जहां जैसे ही पैसे का लेन-देन पूरा हुआ, लोकायुक्त टीम ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आरोपी की पहचान मनोज पांडे, पिता पी.एन. पांडे, उम्र 52 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 9, राजीव मार्ग निराला नगर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में खजुआ कला हल्के में पदस्थ था। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने किया, जबकि निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित 12 सदस्यीय टीम और स्वतंत्र गवाह भी मौजूद रहे।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस तरह की ट्रैप कार्रवाई से व्यवस्था पर दबाव बनता है। लोकायुक्त संगठन ने भी स्पष्ट कहा है कि यदि किसी भी शासकीय कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो नागरिक सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे और खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
