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लाल सागर में हूतियों की बढ़ी पकड़, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर बढ़ी चिंता
अंतराष्ट्रीय न्यूज
रणनीतिक रूप से अहम द्वीप पर कब्जे के दावे के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार पर निगाहें तेज
लाल सागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हूती विद्रोहियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक द्वीप पर अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा किया है, जिससे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच बड़ी मात्रा में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही होती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का अस्थिरता पैदा होना वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा परिवहन को प्रभावित कर सकता है।
रणनीतिक स्थिति के कारण अहम है द्वीप
लाल सागर के आसपास मौजूद द्वीप सैन्य और समुद्री निगरानी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन क्षेत्रों पर नियंत्रण किसी भी पक्ष को समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने और रणनीतिक बढ़त हासिल करने में मदद कर सकता है। हूतियों की बढ़ती सक्रियता ने क्षेत्र में मौजूद अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है।
बाब-अल-मंदेब क्यों है महत्वपूर्ण
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह मार्ग यूरोप और एशिया के बीच तेल, गैस और अन्य व्यापारिक सामानों की आवाजाही के लिए प्रमुख रास्ता है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से जहाजों की सुरक्षा, बीमा लागत और समुद्री परिवहन पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
हूती गतिविधियों पर बढ़ी वैश्विक नजर
यमन में सक्रिय हूती समूह पिछले कुछ समय से लाल सागर क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। उनके हमलों और समुद्री क्षेत्र में हस्तक्षेप के कारण कई देशों ने सुरक्षा उपाय बढ़ाए हैं। अंतरराष्ट्रीय शक्तियां इस क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं।
क्षेत्रीय तनाव का नया केंद्र
मध्य पूर्व पहले से ही कई राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में लाल सागर क्षेत्र में किसी रणनीतिक स्थान पर नियंत्रण बदलने की खबरें क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता आने वाले समय में प्रमुख मुद्दे बने रहेंगे।
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