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22 जून का मौसम: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मध्य भारत में हीटवेव की चेतावनी
Digital Desk
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत में अत्यधिक बारिश, कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है।
22 जून 2026 को जारी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग-अलग दिखाई दे रहा है। एक ओर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, तो दूसरी ओर मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इससे आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
22 जून के लिए जारी चेतावनी में असम और मेघालय में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, कोंकण-गोवा और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बंद होने, यातायात प्रभावित होने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने और कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। कच्ची सड़कों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और धूल भरी आंधी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
मध्य भारत के लिए मौसम विभाग ने अलग तरह की चेतावनी जारी की है। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति रह सकती है। तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर लू का असर देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने कहा है कि लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोगों, निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए गर्मी अधिक जोखिम पैदा कर सकती है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को ठंडा रखने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश की बात करें तो राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू की स्थिति भी रह सकती है। यह स्थिति मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक बनी रह सकती है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी मौसम विभाग ने सलाह जारी की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने, तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है। वहीं जहां गर्मी और लू की स्थिति है, वहां हल्की सिंचाई, मल्चिंग और पौधों को छायादार सुरक्षा देने की सिफारिश की गई है। मछुआरों के लिए समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने को कहा गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। 22 जून का मौसम देशभर में विविध रूप दिखाने वाला है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश, राजस्थान में आंधी, मध्य भारत में लू और दक्षिणी राज्यों में मानसूनी गतिविधियां मौसम की प्रमुख विशेषताएं रहने वाली हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना लोगों के लिए जरूरी रहेगा।
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22 जून का मौसम: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मध्य भारत में हीटवेव की चेतावनी
Digital Desk
22 जून 2026 को जारी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग-अलग दिखाई दे रहा है। एक ओर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, तो दूसरी ओर मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इससे आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
22 जून के लिए जारी चेतावनी में असम और मेघालय में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, कोंकण-गोवा और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बंद होने, यातायात प्रभावित होने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने और कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। कच्ची सड़कों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और धूल भरी आंधी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
मध्य भारत के लिए मौसम विभाग ने अलग तरह की चेतावनी जारी की है। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति रह सकती है। तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर लू का असर देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने कहा है कि लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोगों, निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए गर्मी अधिक जोखिम पैदा कर सकती है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को ठंडा रखने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश की बात करें तो राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू की स्थिति भी रह सकती है। यह स्थिति मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक बनी रह सकती है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी मौसम विभाग ने सलाह जारी की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने, तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है। वहीं जहां गर्मी और लू की स्थिति है, वहां हल्की सिंचाई, मल्चिंग और पौधों को छायादार सुरक्षा देने की सिफारिश की गई है। मछुआरों के लिए समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने को कहा गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। 22 जून का मौसम देशभर में विविध रूप दिखाने वाला है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश, राजस्थान में आंधी, मध्य भारत में लू और दक्षिणी राज्यों में मानसूनी गतिविधियां मौसम की प्रमुख विशेषताएं रहने वाली हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना लोगों के लिए जरूरी रहेगा।
