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‘इतनी पुलिस थी कि कुछ छिप नहीं सकता था’: गोविंदा हादसे पर रागिनी खन्ना का बयान
बालीवुड न्यूज़
2024 में हुई मिसफायर की घटना को लेकर रागिनी खन्ना ने पहली बार बताई अंदर की स्थिति, कहा– जांच में कोई शक की गुंजाइश नहीं थी
अभिनेता गोविंदा को अक्टूबर 2024 में गोली लगने की घटना को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। इस बार वजह बनी हैं उनकी भांजी और अभिनेत्री रागिनी खन्ना, जिन्होंने उस दिन अस्पताल और परिवार की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की है। रागिनी ने बताया कि घटना के बाद अस्पताल के भीतर करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि गोविंदा के घर के बाहर भी भारी पुलिस बल मौजूद था। उनके मुताबिक, इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा और जांच के बीच किसी तरह की सच्चाई छिपाना संभव ही नहीं था।
यह घटना 1 अक्टूबर 2024 की सुबह करीब 4:45 बजे मुंबई के जुहू स्थित गोविंदा के घर पर हुई थी। जानकारी के मुताबिक, गोविंदा अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर की सफाई करने के बाद उसे अलमारी में रख रहे थे। इसी दौरान हथियार हाथ से फिसल गया और मिसफायर हो गया। गोली उनके बाएं पैर में घुटने के नीचे जा लगी। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अंधेरी वेस्ट स्थित क्रिटिकेयर एशिया अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई थी।
पत्रकार विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में रागिनी खन्ना ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी सबसे पहले अपनी मां से मिली थी। मां को एक फोन कॉल आया था, जिसमें बताया गया कि गोविंदा को गोली लगी है। शुरुआत में परिवार को यह सुनकर गहरा सदमा लगा। बाद में पता चला कि गोली गलती से चली थी।
रागिनी के अनुसार, उनकी मां और भाई तुरंत अस्पताल पहुंच गए थे, जबकि वह खुद मानसिक रूप से संभलने में समय लगने के कारण करीब तीन घंटे बाद वहां पहुंचीं। उस समय अस्पताल का माहौल बेहद तनावपूर्ण था और सुरक्षा व्यवस्था असाधारण रूप से कड़ी थी।
घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ हलकों में यह सवाल उठे थे कि गोली वास्तव में गलती से चली या इसके पीछे कोई और वजह थी। इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए रागिनी ने कहा कि अस्पताल के अंदर करीब 200 पुलिसकर्मी और घर के बाहर लगभग 50 पुलिसकर्मी मौजूद थे। पूरे मामले की गहन जांच हुई थी। उन्होंने साफ कहा कि अगर इसमें कोई तीसरा व्यक्ति या साजिश शामिल होती, तो पुलिस जांच में वह सामने आ ही जाती।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच, हथियार की फोरेंसिक जांच और परिवार के बयान दर्ज करने के बाद इसे दुर्घटनावश हुई घटना माना था। रागिनी ने बताया कि उन्हें मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है और जांच प्रक्रिया पारदर्शी रही।
गोविंदा को तीन दिन अस्पताल में रहने के बाद 4 अक्टूबर 2024 को छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे रिकवरी की। रागिनी खन्ना, जिन्हें ‘ससुराल गेंदा फूल’ और ‘भास्कर भारती’ जैसे टीवी शोज से पहचान मिली, आमतौर पर निजी पारिवारिक मामलों पर कम बोलती हैं। ऐसे में उनका यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे घटना को लेकर फैली शंकाओं पर काफी हद तक विराम लगता है।
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अभिनेता गोविंदा को अक्टूबर 2024 में गोली लगने की घटना को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। इस बार वजह बनी हैं उनकी भांजी और अभिनेत्री रागिनी खन्ना, जिन्होंने उस दिन अस्पताल और परिवार की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की है। रागिनी ने बताया कि घटना के बाद अस्पताल के भीतर करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि गोविंदा के घर के बाहर भी भारी पुलिस बल मौजूद था। उनके मुताबिक, इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा और जांच के बीच किसी तरह की सच्चाई छिपाना संभव ही नहीं था।
यह घटना 1 अक्टूबर 2024 की सुबह करीब 4:45 बजे मुंबई के जुहू स्थित गोविंदा के घर पर हुई थी। जानकारी के मुताबिक, गोविंदा अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर की सफाई करने के बाद उसे अलमारी में रख रहे थे। इसी दौरान हथियार हाथ से फिसल गया और मिसफायर हो गया। गोली उनके बाएं पैर में घुटने के नीचे जा लगी। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अंधेरी वेस्ट स्थित क्रिटिकेयर एशिया अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई थी।
पत्रकार विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में रागिनी खन्ना ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी सबसे पहले अपनी मां से मिली थी। मां को एक फोन कॉल आया था, जिसमें बताया गया कि गोविंदा को गोली लगी है। शुरुआत में परिवार को यह सुनकर गहरा सदमा लगा। बाद में पता चला कि गोली गलती से चली थी।
रागिनी के अनुसार, उनकी मां और भाई तुरंत अस्पताल पहुंच गए थे, जबकि वह खुद मानसिक रूप से संभलने में समय लगने के कारण करीब तीन घंटे बाद वहां पहुंचीं। उस समय अस्पताल का माहौल बेहद तनावपूर्ण था और सुरक्षा व्यवस्था असाधारण रूप से कड़ी थी।
घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ हलकों में यह सवाल उठे थे कि गोली वास्तव में गलती से चली या इसके पीछे कोई और वजह थी। इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए रागिनी ने कहा कि अस्पताल के अंदर करीब 200 पुलिसकर्मी और घर के बाहर लगभग 50 पुलिसकर्मी मौजूद थे। पूरे मामले की गहन जांच हुई थी। उन्होंने साफ कहा कि अगर इसमें कोई तीसरा व्यक्ति या साजिश शामिल होती, तो पुलिस जांच में वह सामने आ ही जाती।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच, हथियार की फोरेंसिक जांच और परिवार के बयान दर्ज करने के बाद इसे दुर्घटनावश हुई घटना माना था। रागिनी ने बताया कि उन्हें मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है और जांच प्रक्रिया पारदर्शी रही।
गोविंदा को तीन दिन अस्पताल में रहने के बाद 4 अक्टूबर 2024 को छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे रिकवरी की। रागिनी खन्ना, जिन्हें ‘ससुराल गेंदा फूल’ और ‘भास्कर भारती’ जैसे टीवी शोज से पहचान मिली, आमतौर पर निजी पारिवारिक मामलों पर कम बोलती हैं। ऐसे में उनका यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे घटना को लेकर फैली शंकाओं पर काफी हद तक विराम लगता है।
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