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विंबलडन में सिनर का जलवा, जोकोविच का 25वें ग्रैंड स्लैम का सपना फिर अधूरा
स्पोर्ट्स डेस्क
विश्व नंबर-1 जैनिक सिनर ने सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में हराया, पहली बार फाइनल में पहुंचे अलेक्जेंडर ज्वेरेव; सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल और रोजर फेडरर रहे आकर्षण का केंद्र
विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप 2026 में पुरुष एकल वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला टेनिस प्रेमियों के लिए बेहद यादगार साबित हुआ। विश्व नंबर-1 इटली के जैनिक सिनर ने सात बार के विंबलडन चैंपियन और 24 ग्रैंड स्लैम विजेता नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में हराकर न सिर्फ फाइनल का टिकट हासिल किया, बल्कि दिग्गज सर्बियाई खिलाड़ी के रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम जीतने के सपने को भी एक बार फिर अधूरा छोड़ दिया। लंदन के प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले गए इस मुकाबले में 24 वर्षीय सिनर ने 39 वर्षीय जोकोविच को 6-4, 6-4 और 6-4 से मात दी।
करीब दो घंटे 20 मिनट तक चले इस मुकाबले में जैनिक सिनर ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उनकी दमदार सर्विस, सटीक बेसलाइन शॉट्स और बेहतरीन कोर्ट कवरेज के सामने जोकोविच अपनी लय हासिल नहीं कर सके। तीनों सेटों में सिनर ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई और एक भी सेट गंवाए बिना मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह जीत जैनिक सिनर के लिए कई मायनों में खास रही। पिछले साल भी उन्होंने विंबलडन के फाइनल में जगह बनाई थी और इस बार लगातार दूसरे वर्ष फाइनल में पहुंचने में सफल रहे। इसके साथ ही उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में जोकोविच से मिली हार का बदला भी पूरा कर लिया। विश्व नंबर-1 खिलाड़ी के रूप में सिनर ने साबित कर दिया कि वे मौजूदा दौर के सबसे मजबूत टेनिस खिलाड़ियों में शामिल हैं।
दूसरी ओर, नोवाक जोकोविच के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। 24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके सर्बियाई स्टार रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने के इरादे से विंबलडन पहुंचे थे, लेकिन सेमीफाइनल में उनका सफर समाप्त हो गया। जोकोविच का आखिरी ग्रैंड स्लैम खिताब 2023 के यूएस ओपन में आया था। इसके बाद वे कई बड़े टूर्नामेंटों में खिताब के करीब पहुंचे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
इस साल भी उनका अभियान उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्हें फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, जबकि फ्रेंच ओपन में उनका सफर तीसरे दौर में ही समाप्त हो गया। विंबलडन में भी वे फाइनल तक पहुंचने में असफल रहे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका संघर्ष और फिटनेस प्रशंसकों के लिए प्रेरणा बनी हुई है, लेकिन युवा खिलाड़ियों की चुनौती लगातार कठिन होती जा रही है।
मैच समाप्त होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने खेल भावना का शानदार परिचय दिया। जैनिक सिनर और नोवाक जोकोविच ने नेट पर एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद जोकोविच ने सेंटर कोर्ट पर मौजूद दर्शकों का अभिवादन किया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ इस महान खिलाड़ी का सम्मान किया।
अब विंबलडन 2026 के पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में जैनिक सिनर का सामना जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। पहले सेमीफाइनल में ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2 और 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई। 29 वर्षीय ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक केवल दो सेट गंवाए हैं और शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं।
फाइनल मुकाबले को लेकर टेनिस विशेषज्ञों में उत्साह है। एक ओर विश्व नंबर-1 जैनिक सिनर हैं, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर पहली बार विंबलडन फाइनल में पहुंचे अलेक्जेंडर ज्वेरेव हैं, जो अपने पहले खिताब के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मुकाबले के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विंबलडन का यह सेमीफाइनल केवल कोर्ट पर खेले गए मुकाबले के कारण ही नहीं, बल्कि रॉयल बॉक्स में मौजूद खेल जगत की दिग्गज हस्तियों की वजह से भी चर्चा में रहा। भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा और नीदरलैंड्स के फुटबॉलर वर्जिल वान डाइक सहित कई अंतरराष्ट्रीय सितारों ने सेंटर कोर्ट से मुकाबले का आनंद लिया।
विंबलडन आयोजकों ने सचिन तेंदुलकर का विशेष स्वागत करते हुए उन्हें "क्रिकेट रॉयल्टी" बताया। मैच के दौरान सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल की मुलाकात टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर से भी हुई। तीनों दिग्गजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं और खेल प्रेमियों ने इसे अलग-अलग खेलों के महान खिलाड़ियों का यादगार संगम बताया।
रॉयल बॉक्स विंबलडन की सबसे प्रतिष्ठित परंपराओं में से एक माना जाता है। करीब 80 सीटों वाली यह विशेष दीर्घा 1922 से विंबलडन का हिस्सा रही है। यहां बैठने के लिए टिकट नहीं खरीदे जा सकते। ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के चेयरमैन स्वयं खेल, संस्कृति, समाज और सार्वजनिक जीवन की प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित करते हैं। यही वजह है कि रॉयल बॉक्स में मौजूद होना अपने आप में सम्मान माना जाता है।
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विंबलडन में सिनर का जलवा, जोकोविच का 25वें ग्रैंड स्लैम का सपना फिर अधूरा
स्पोर्ट्स डेस्क
विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप 2026 में पुरुष एकल वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला टेनिस प्रेमियों के लिए बेहद यादगार साबित हुआ। विश्व नंबर-1 इटली के जैनिक सिनर ने सात बार के विंबलडन चैंपियन और 24 ग्रैंड स्लैम विजेता नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में हराकर न सिर्फ फाइनल का टिकट हासिल किया, बल्कि दिग्गज सर्बियाई खिलाड़ी के रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम जीतने के सपने को भी एक बार फिर अधूरा छोड़ दिया। लंदन के प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले गए इस मुकाबले में 24 वर्षीय सिनर ने 39 वर्षीय जोकोविच को 6-4, 6-4 और 6-4 से मात दी।
करीब दो घंटे 20 मिनट तक चले इस मुकाबले में जैनिक सिनर ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उनकी दमदार सर्विस, सटीक बेसलाइन शॉट्स और बेहतरीन कोर्ट कवरेज के सामने जोकोविच अपनी लय हासिल नहीं कर सके। तीनों सेटों में सिनर ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई और एक भी सेट गंवाए बिना मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह जीत जैनिक सिनर के लिए कई मायनों में खास रही। पिछले साल भी उन्होंने विंबलडन के फाइनल में जगह बनाई थी और इस बार लगातार दूसरे वर्ष फाइनल में पहुंचने में सफल रहे। इसके साथ ही उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में जोकोविच से मिली हार का बदला भी पूरा कर लिया। विश्व नंबर-1 खिलाड़ी के रूप में सिनर ने साबित कर दिया कि वे मौजूदा दौर के सबसे मजबूत टेनिस खिलाड़ियों में शामिल हैं।
दूसरी ओर, नोवाक जोकोविच के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। 24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके सर्बियाई स्टार रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने के इरादे से विंबलडन पहुंचे थे, लेकिन सेमीफाइनल में उनका सफर समाप्त हो गया। जोकोविच का आखिरी ग्रैंड स्लैम खिताब 2023 के यूएस ओपन में आया था। इसके बाद वे कई बड़े टूर्नामेंटों में खिताब के करीब पहुंचे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
इस साल भी उनका अभियान उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्हें फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, जबकि फ्रेंच ओपन में उनका सफर तीसरे दौर में ही समाप्त हो गया। विंबलडन में भी वे फाइनल तक पहुंचने में असफल रहे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका संघर्ष और फिटनेस प्रशंसकों के लिए प्रेरणा बनी हुई है, लेकिन युवा खिलाड़ियों की चुनौती लगातार कठिन होती जा रही है।
मैच समाप्त होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने खेल भावना का शानदार परिचय दिया। जैनिक सिनर और नोवाक जोकोविच ने नेट पर एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद जोकोविच ने सेंटर कोर्ट पर मौजूद दर्शकों का अभिवादन किया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ इस महान खिलाड़ी का सम्मान किया।
अब विंबलडन 2026 के पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में जैनिक सिनर का सामना जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। पहले सेमीफाइनल में ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2 और 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई। 29 वर्षीय ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक केवल दो सेट गंवाए हैं और शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं।
फाइनल मुकाबले को लेकर टेनिस विशेषज्ञों में उत्साह है। एक ओर विश्व नंबर-1 जैनिक सिनर हैं, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर पहली बार विंबलडन फाइनल में पहुंचे अलेक्जेंडर ज्वेरेव हैं, जो अपने पहले खिताब के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मुकाबले के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विंबलडन का यह सेमीफाइनल केवल कोर्ट पर खेले गए मुकाबले के कारण ही नहीं, बल्कि रॉयल बॉक्स में मौजूद खेल जगत की दिग्गज हस्तियों की वजह से भी चर्चा में रहा। भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा और नीदरलैंड्स के फुटबॉलर वर्जिल वान डाइक सहित कई अंतरराष्ट्रीय सितारों ने सेंटर कोर्ट से मुकाबले का आनंद लिया।
विंबलडन आयोजकों ने सचिन तेंदुलकर का विशेष स्वागत करते हुए उन्हें "क्रिकेट रॉयल्टी" बताया। मैच के दौरान सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल की मुलाकात टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर से भी हुई। तीनों दिग्गजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं और खेल प्रेमियों ने इसे अलग-अलग खेलों के महान खिलाड़ियों का यादगार संगम बताया।
रॉयल बॉक्स विंबलडन की सबसे प्रतिष्ठित परंपराओं में से एक माना जाता है। करीब 80 सीटों वाली यह विशेष दीर्घा 1922 से विंबलडन का हिस्सा रही है। यहां बैठने के लिए टिकट नहीं खरीदे जा सकते। ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के चेयरमैन स्वयं खेल, संस्कृति, समाज और सार्वजनिक जीवन की प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित करते हैं। यही वजह है कि रॉयल बॉक्स में मौजूद होना अपने आप में सम्मान माना जाता है।
