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टी-20 सीरीज बचाने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर-1 बनने और क्लीन स्वीप पर
स्पोर्ट्स डेस्क
साउथैम्प्टन के रोज बाउल में आज होगा पांचवां मुकाबला, हार से भारत पहली बार गंवा सकता है तीन से ज्यादा मैचों की टी-20 सीरीज; जीतते ही इंग्लैंड बनेगा दुनिया की नंबर-1 टीम
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का अंतिम मुकाबला शनिवार को साउथैम्प्टन के ऐतिहासिक रोज बाउल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होने वाले इस मैच पर दोनों टीमों की नजरें टिकी हैं। हालांकि सीरीज का फैसला पहले ही हो चुका है और इंग्लैंड ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली है, लेकिन आखिरी मुकाबले की अहमियत कम नहीं है। भारत जहां सम्मान बचाने और जीत के साथ दौरे का समापन करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड की कोशिश क्लीन स्वीप करने के साथ टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 टीम बनने की होगी।
सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा था, जबकि उसके बाद खेले गए लगातार तीनों मुकाबलों में इंग्लैंड ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत को मात दी। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में मेजबान टीम ने शानदार खेल दिखाया, जबकि भारतीय टीम लगातार अपनी कमजोरियों से जूझती नजर आई।
टी-20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। 8 मार्च को विश्व कप जीतने के बाद से टीम एक भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं जीत सकी है। भारत लगातार छह मैचों से जीत का इंतजार कर रहा है। यदि टीम आखिरी मुकाबला भी हार जाती है तो यह पहली बार होगा जब भारत तीन या उससे अधिक मैचों वाली किसी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में हार का सामना करेगा। ऐसे में यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं बल्कि भारतीय टीम की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है।
भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने भी यह मैच बेहद महत्वपूर्ण है। कप्तानी संभालने के बाद वे अब तक एक भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं जीत सके हैं। हालांकि व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से उन्होंने निराश नहीं किया है। मौजूदा सीरीज में उनके बल्ले से दो शानदार अर्धशतक निकले हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की थी, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ नहीं मिलने से टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी।
भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू रोज बाउल स्टेडियम का रिकॉर्ड है। भारत ने इस मैदान पर अब तक केवल एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला है और उसमें शानदार जीत हासिल की थी। जुलाई 2022 में खेले गए उस मैच में हार्दिक पंड्या ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 51 रन बनाए और चार विकेट लेकर भारत को 50 रन से जीत दिलाई थी। इसी मैदान पर तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। ऐसे में भारतीय टीम इस मैदान की अच्छी यादों को दोहराने की उम्मीद करेगी।
टीम की नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेंगी। महज 15 वर्षीय इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अब तक तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनमें बड़ी पारी खेलने की क्षमता है और आखिरी मुकाबले में वे अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता लगातार बल्लेबाजी में अस्थिरता रही है। हालांकि विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने वर्ष 2026 में खेले गए 19 टी-20 मुकाबलों में 611 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 185.15 का रहा है और उन्होंने एक शतक तथा चार अर्धशतक भी लगाए हैं। टीम को उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
गेंदबाजी विभाग में भारतीय तेज गेंदबाज नई गेंद से विकेट लेने में सफल रहे हैं, लेकिन रन रोकने में संघर्ष करते दिखाई दिए हैं। इस वर्ष भारतीय तेज गेंदबाजों ने 18 मुकाबलों में 25 विकेट जरूर लिए हैं, लेकिन उनका इकोनॉमी रेट चिंता का विषय बना हुआ है। डेथ ओवरों में लगातार रन लुटाने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा है।
दूसरी ओर इंग्लैंड पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। पूर्व कप्तान जोस बटलर इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। पिछले 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में वे एक भी बार 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके हैं और उनका औसत भी बेहद कम रहा है। इसके बावजूद इंग्लैंड की बल्लेबाजी कमजोर नहीं दिखी है। कप्तान हैरी ब्रूक, फिल सॉल्ट और जैकब बेथेल लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बेथेल ने इस वर्ष 15 मैचों में 425 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 175 से अधिक रहा है। गेंदबाजी में अनुभवी लेग स्पिनर आदिल राशिद इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज साबित हुए हैं। उन्होंने 15 मुकाबलों में 22 विकेट हासिल किए हैं। वहीं जोफ्रा आर्चर और जोश टंग नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते रहे हैं।
रोज बाउल स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में नई गेंद से अच्छी स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती है बल्लेबाजी आसान हो जाती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रन है, जबकि दूसरी पारी का औसत स्कोर 138 रन रहा है। यहां का सर्वोच्च टी-20 स्कोर 248 रन है, जो इंग्लैंड के नाम दर्ज है।
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टी-20 सीरीज बचाने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर-1 बनने और क्लीन स्वीप पर
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का अंतिम मुकाबला शनिवार को साउथैम्प्टन के ऐतिहासिक रोज बाउल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होने वाले इस मैच पर दोनों टीमों की नजरें टिकी हैं। हालांकि सीरीज का फैसला पहले ही हो चुका है और इंग्लैंड ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली है, लेकिन आखिरी मुकाबले की अहमियत कम नहीं है। भारत जहां सम्मान बचाने और जीत के साथ दौरे का समापन करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड की कोशिश क्लीन स्वीप करने के साथ टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 टीम बनने की होगी।
सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा था, जबकि उसके बाद खेले गए लगातार तीनों मुकाबलों में इंग्लैंड ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत को मात दी। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में मेजबान टीम ने शानदार खेल दिखाया, जबकि भारतीय टीम लगातार अपनी कमजोरियों से जूझती नजर आई।
टी-20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। 8 मार्च को विश्व कप जीतने के बाद से टीम एक भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं जीत सकी है। भारत लगातार छह मैचों से जीत का इंतजार कर रहा है। यदि टीम आखिरी मुकाबला भी हार जाती है तो यह पहली बार होगा जब भारत तीन या उससे अधिक मैचों वाली किसी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में हार का सामना करेगा। ऐसे में यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं बल्कि भारतीय टीम की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है।
भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने भी यह मैच बेहद महत्वपूर्ण है। कप्तानी संभालने के बाद वे अब तक एक भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं जीत सके हैं। हालांकि व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से उन्होंने निराश नहीं किया है। मौजूदा सीरीज में उनके बल्ले से दो शानदार अर्धशतक निकले हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की थी, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ नहीं मिलने से टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी।
भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू रोज बाउल स्टेडियम का रिकॉर्ड है। भारत ने इस मैदान पर अब तक केवल एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला है और उसमें शानदार जीत हासिल की थी। जुलाई 2022 में खेले गए उस मैच में हार्दिक पंड्या ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 51 रन बनाए और चार विकेट लेकर भारत को 50 रन से जीत दिलाई थी। इसी मैदान पर तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। ऐसे में भारतीय टीम इस मैदान की अच्छी यादों को दोहराने की उम्मीद करेगी।
टीम की नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेंगी। महज 15 वर्षीय इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अब तक तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनमें बड़ी पारी खेलने की क्षमता है और आखिरी मुकाबले में वे अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता लगातार बल्लेबाजी में अस्थिरता रही है। हालांकि विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने वर्ष 2026 में खेले गए 19 टी-20 मुकाबलों में 611 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 185.15 का रहा है और उन्होंने एक शतक तथा चार अर्धशतक भी लगाए हैं। टीम को उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
गेंदबाजी विभाग में भारतीय तेज गेंदबाज नई गेंद से विकेट लेने में सफल रहे हैं, लेकिन रन रोकने में संघर्ष करते दिखाई दिए हैं। इस वर्ष भारतीय तेज गेंदबाजों ने 18 मुकाबलों में 25 विकेट जरूर लिए हैं, लेकिन उनका इकोनॉमी रेट चिंता का विषय बना हुआ है। डेथ ओवरों में लगातार रन लुटाने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा है।
दूसरी ओर इंग्लैंड पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। पूर्व कप्तान जोस बटलर इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। पिछले 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में वे एक भी बार 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके हैं और उनका औसत भी बेहद कम रहा है। इसके बावजूद इंग्लैंड की बल्लेबाजी कमजोर नहीं दिखी है। कप्तान हैरी ब्रूक, फिल सॉल्ट और जैकब बेथेल लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बेथेल ने इस वर्ष 15 मैचों में 425 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 175 से अधिक रहा है। गेंदबाजी में अनुभवी लेग स्पिनर आदिल राशिद इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज साबित हुए हैं। उन्होंने 15 मुकाबलों में 22 विकेट हासिल किए हैं। वहीं जोफ्रा आर्चर और जोश टंग नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते रहे हैं।
रोज बाउल स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में नई गेंद से अच्छी स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती है बल्लेबाजी आसान हो जाती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रन है, जबकि दूसरी पारी का औसत स्कोर 138 रन रहा है। यहां का सर्वोच्च टी-20 स्कोर 248 रन है, जो इंग्लैंड के नाम दर्ज है।
