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तिरंगा-प्रेरित गाउन पर विवाद के बीच उर्वशी रौतेला की सफाई, बोलीं- यह राष्ट्रीय ध्वज की कॉपी नहीं
बालीवुड न्यूज़
जयपुर में मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के फिनाले में पहनी थी ड्रेस; सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद एक्ट्रेस ने इसे फैशन के जरिए देश के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति बताया
एक्ट्रेस और पूर्व ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला इन दिनों अपने एक गाउन को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने 23 अगस्त को जयपुर में आयोजित मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में तिरंगे के रंगों से प्रेरित कॉउचर पहना था। कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस पहनावे पर आपत्ति जताई और इसे राष्ट्रीय ध्वज से जोड़कर सवाल उठाए। उर्वशी इस प्रतियोगिता के जजिंग पैनल का हिस्सा थीं। उनके साथ सुष्मिता सेन, रिया सिंघा, प्रज्ञा कपूर और सेलिना जेटली भी जूरी में शामिल थीं। फिनाले में उर्वशी ने रैंप पर भी यह गाउन पहनकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। गाउन में केसरिया, सफेद और हरे रंग के शेड्स के साथ बीच में अशोक चक्र से प्रेरित डिजाइन नजर आया। ड्रेस पर सीक्विन वर्क और लंबा ट्रेल भी था। इस लुक की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसके डिजाइन और राष्ट्रीय ध्वज से समानता को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं।
उर्वशी ने बताया गाउन के पीछे का विचार
उर्वशी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज को ड्रेस के रूप में पेश करना नहीं था। उनके मुताबिक, वह भारत को सिर्फ अपनी राष्ट्रीयता के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी पहचान के हिस्से के रूप में देखती हैं और इसी भावना को फैशन के जरिए व्यक्त करना चाहती थीं। एक्ट्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि गाउन में इस्तेमाल किए गए रंगों, उनकी दिशा, अनुपात, सामग्री और बीच के प्रतीक को जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज से अलग रखा गया था। उन्होंने इसे तिरंगे से प्रेरित कॉउचर इंटरप्रिटेशन बताया, न कि राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू प्रतिकृति।
तीन महीने में तैयार हुआ था गाउन
उर्वशी के अनुसार यह विशेष गाउन अंतरराष्ट्रीय डिजाइनर दर्या चेरमाशेंत्सेवा ने तैयार किया था और इसे बनाने में करीब तीन महीने लगे। डिजाइन में तिरंगे के रंगों को फैशन एलिमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
सोशल मीडिया पर क्यों उठा विवाद?
गाउन सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। कुछ टिप्पणियों में ड्रेस के निचले हिस्से और उसके जमीन तक पहुंचने वाले ट्रेल को लेकर भी सवाल उठाए गए। भारत में राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल को लेकर Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 और Flag Code of India, 2002 में प्रावधान हैं। हालांकि, किसी विशेष ड्रेस को देखकर सीधे यह निष्कर्ष निकालना कि कानून का उल्लंघन हुआ है, अलग कानूनी मूल्यांकन का विषय है।
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