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आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर
नेशनल न्यूज
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांस, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें शनिवार शाम तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देश-विदेश में शोक की लहर है और इसे भारतीय संगीत के एक युग का अंत माना जा रहा है।
परिवार के अनुसार, सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोअर परेल स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें पूर्ण सम्मान के साथ विदाई देने का निर्णय लिया है।
आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और 14 से ज्यादा भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा” और “चुरा लिया है तुमने” जैसे गीत आज भी ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया और लोकप्रिय संगीत सूची में शामिल हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हर पीढ़ी में प्रासंगिक बनाए रखा।
उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। महज 9 वर्ष की उम्र में पिता का निधन होने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। शुरुआती दौर में उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा, यहां तक कि एक समय उनकी आवाज को रिकॉर्डिंग के लिए अनुपयुक्त बताकर ठुकरा दिया गया था। लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर उन्होंने खुद को स्थापित किया।
राजनीतिक और सांस्कृतिक जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें प्रेरणादायक कलाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने पीढ़ियों तक लोगों के दिलों पर राज किया। महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
व्यक्तिगत जीवन भी चर्चा में रहा। कम उम्र में शादी, वैवाहिक संघर्ष और बाद में अलगाव के बाद उन्होंने अपने तीन बच्चों के साथ जीवन को फिर से खड़ा किया। बाद में संगीतकार आरडी बर्मन के साथ उनका रिश्ता और विवाह भी सुर्खियों में रहा।
आशा भोसले और उनकी बहन लता मंगेशकर ने मिलकर कई यादगार युगल गीत दिए, जो आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।
उनके निधन के साथ ही भारतीय संगीत उद्योग ने एक अमूल्य धरोहर खो दी है। यह पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी न केवल एक कलाकार की विदाई है, बल्कि उस दौर का अंत भी है जिसने भारतीय सिनेमा और संगीत को नई पहचान दी।
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आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर
नेशनल न्यूज
भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें शनिवार शाम तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देश-विदेश में शोक की लहर है और इसे भारतीय संगीत के एक युग का अंत माना जा रहा है।
परिवार के अनुसार, सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोअर परेल स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें पूर्ण सम्मान के साथ विदाई देने का निर्णय लिया है।
आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और 14 से ज्यादा भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा” और “चुरा लिया है तुमने” जैसे गीत आज भी ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया और लोकप्रिय संगीत सूची में शामिल हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हर पीढ़ी में प्रासंगिक बनाए रखा।
उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। महज 9 वर्ष की उम्र में पिता का निधन होने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। शुरुआती दौर में उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा, यहां तक कि एक समय उनकी आवाज को रिकॉर्डिंग के लिए अनुपयुक्त बताकर ठुकरा दिया गया था। लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर उन्होंने खुद को स्थापित किया।
राजनीतिक और सांस्कृतिक जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें प्रेरणादायक कलाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने पीढ़ियों तक लोगों के दिलों पर राज किया। महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
व्यक्तिगत जीवन भी चर्चा में रहा। कम उम्र में शादी, वैवाहिक संघर्ष और बाद में अलगाव के बाद उन्होंने अपने तीन बच्चों के साथ जीवन को फिर से खड़ा किया। बाद में संगीतकार आरडी बर्मन के साथ उनका रिश्ता और विवाह भी सुर्खियों में रहा।
आशा भोसले और उनकी बहन लता मंगेशकर ने मिलकर कई यादगार युगल गीत दिए, जो आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।
उनके निधन के साथ ही भारतीय संगीत उद्योग ने एक अमूल्य धरोहर खो दी है। यह पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी न केवल एक कलाकार की विदाई है, बल्कि उस दौर का अंत भी है जिसने भारतीय सिनेमा और संगीत को नई पहचान दी।
