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बेटिंग ऐप प्रमोशन केस: राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा, प्रकाश राज ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा मामला
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बेटिंग ऐप प्रमोशन मामले में राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा, प्रकाश राज ने सफाई दी है. इस मामले में 25 हस्तियों पर केस दर्ज हुआ है.
तेलंगाना में साइबराबाद पुलिस ने सट्टेबाजी ऐप को बढ़ावा देने के लिए मशहूर तेलुगु फिल्म सितारों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स समेत 25 व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं. आरोपियों में राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा, प्रकाश राज, मांचू लक्ष्मी, प्रणिता और निधि अग्रवाल जैसे प्रमुख सितारे शामिल हैं. इस मामले में नाम आने के बाद राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा और प्रकाश राज ने आधिकारिक बयानों के माध्यम से इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.
बेटिंग ऐप प्रमोशन मामले में राणा दग्गुबाती की टीम ने गुरुवार, 20 मार्च को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनका समर्थन कानून के पूर्ण अनुपालन में है. एक बयान में, राणा की टीम ने साफ किया कि एक्टर ने स्किल बेस्ड गेम्स के लिए एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो 2017 में समाप्त हो गया. उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों तक ही सीमित था जहां ऐसे खेलों को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी.
क्या है राणा दुग्गबाती के बयान में?
बयान में कहा गया है, 'यह साफ किया जाता है कि राणा दग्गुबाती ने स्किल बेस्ड गेम्स के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करने के लिए एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो 2017 में समाप्त हो गया था. उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों तक ही सीमित था, जहां ऑनलाइन स्किल बेस्ड गेम्स को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी. राणा दग्गुबाती की लीगल टीम किसी भी पार्टनरशिप से पहले सभी एग्रीमेंट्स की गहन समीक्षा करती है. सावधानीपूर्वक कानूनी समीक्षा के बाद, वह कानून का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए, प्लेटफॉर्म का समर्थन करने के लिए सहमत हुए.'
बयान में आगे यह जोड़ा गया है, 'यह प्रेस नोट किसी भी गलतफहमी को दूर करने और यह पुष्टि करने के लिए जारी किया जा रहा है कि राणा दग्गुबाती द्वारा कानूनी और स्किल बेस्ड गेमिंग प्लेटफॉर्म का समर्थन पूरी तरह से कानून का अनुपालन करता है. यह साफ करना जरूरी है कि इन ऑनलाइन गेम्स को भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा जुए से अलग माना गया है. कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ये गेम्स स्किल पर आधारित हैं, न कि मौके पर. इसलिए कानूनी रूप से अनुमति हैं.'
विजय देवरकोंडा की टीम ने जारी किया बयान
इस मामले में विजय देवरकोंडा की टीम ने भी सफाई दी है. प्रेस स्टेटमेंट में विजय देवरकोंडा की टीम ने साफ किया कि एक्टर ने स्किल बेस्ड गेम्स के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया और उन क्षेत्रों और कंपनी का समर्थन किया, जहां ऑनलाइन स्किल बेस्ड गेम्स को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी.
बयान में कहा गया, 'उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों और प्रदेशों तक ही सीमित था जहां ऑनलाइन स्किल बेस्ड गेम्स को कानूनी रूप से अनुमति है. यह साफ करना जरूरी है कि स्किल बेस्ड गेम्स, जिसमें रम्मी जैसे ऑनलाइन गेम शामिल हैं, को भारत की सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार-बार जुए या गेमिंग से अलग माना गया है. कोर्ट ने माना है कि ऐसे गेम्स में मौके के बजाय स्किल शामिल होता है, जिससे वे कानूनी रूप से स्वीकार्य हो जाते हैं.
बयान में आगे कहा गया है, 'विजय देवरकोंडा की लीगल टीम और एजेंसियां किसी भी एग्रीमेंट करने से पहले सभी एसोसिएशनों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करती हैं. पूरी तरह से कानूनी समीक्षा के बाद, उन्होंने स्किल बेस्ड गेमिंग प्लेटफॉर्म A23 का समर्थन करने के लिए सहमति जताई थी, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनका सहयोग कानूनी मानकों के अनुरूप है. हालांकि, यह 2023 में समाप्त हो गया, और वे अब ब्रांड से जुड़े नहीं हैं. यह प्रेस विज्ञप्ति किसी भी गलत धारणा / गलत सूचना को खत्म करने और इस बात पर जोर देने के लिए जारी की जा रही है कि विजय देवरकोंडा द्वारा कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त स्किल बेस्ड गेमिंग कंपनी का पिछला समर्थन पूरी तरह से वैध था.'
सोशल मीडिया पर प्रकाश राज ने दी सफाई
उसी दिन प्रकाश राज ने भी अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया और इस मामले में पर सफाई दी. अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने कहा, मुझे पुलिस स्टेशन से कुछ भी नहीं मिला है या कोई समन भी नहीं मिला है, और जब ऐसा होगा तो मैं वहां पहुंच जाऊंगा, लेकिन मुझे लगता है कि जवाब देना और आपके लिए चीजें स्पष्ट करना मेरी जिम्मेदारी है. 2016 में, लोगों ने मुझसे एक गेमिंग ऐप के लिए संपर्क किया, और मैंने ऐसा किया भी. लेकिन कुछ ही महीनों में, मेरी अंतरात्मा ने, शायद यह कानूनी था, लेकिन मुझे लगा कि यह सही नहीं है. लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता था, इसलिए मैंने इसे एक साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए छोड़ दिया. जब उन्होंने इसे रिन्यू करना चाहा, तो मैंने तुरंत मना कर दिया. मेरी अंतरात्मा यह स्वीकार नहीं करती कि मैं इसे कंटीन्यू करूं.'
प्रकाश राज ने दावा किया कि उन्होंने तब से कोई विज्ञापन नहीं किया है. उन्होंने कहा, 'यह लगभग 8-9 साल पहले हुआ था, और तब से, मैंने कोई भी ऐसा विज्ञापन नहीं किया है जो ऑनलाइन जुए को बढ़ावा देता हो. अब, 2021-22 में, यह कंपनी किसी और को बेची गई होगी, और जब उन्होंने मेरे ये स्निपेट कुछ सोशल मीडिया पर डाले, तो हमने उन्हें एक नोटिस भेजा. एक ईमेल में, मैंने कहा कि देखो. नहीं, मैं इसका हिस्सा नहीं हूं. आप इसका अवैध रूप से उपयोग नहीं कर सकते. इसकी समय सीमा समाप्त हो गई है. इसके बाद उन्होंने इसे बंद कर दिया. यह मेरा जवाब है.'
क्या है मामला?
तेलंगाना पुलिस ने विजय देवरकोंडा, राणा दुग्गबाती, प्रकाश राज और मांचू लक्ष्मी जैसी मशहूर हस्तियों समेत 25 लोगों के खिलाफ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी और जुए ऐप्स को बढ़ावा देने के आरोप में केस दर्ज की गई है. 32 साल के बिजनेसमैन पीएम फणींद्र सरमा की शिकायत के बाद हैदराबाद के मियापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई.
अपनी शिकायत में सरमा ने दावा किया कि 16 मार्च को अपने कम्यूनिटी युथ के साथ बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि कई व्यक्तियों को इन जुआ ऐप्स में अपना पैसा इनवेस्ट करने के लिए इंफ्लुएंस किया गया था, जिनका सोशल मीडिया हस्तियों द्वारा बड़े पैमाने पर विज्ञापन किया गया था.
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तेलंगाना में साइबराबाद पुलिस ने सट्टेबाजी ऐप को बढ़ावा देने के लिए मशहूर तेलुगु फिल्म सितारों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स समेत 25 व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं. आरोपियों में राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा, प्रकाश राज, मांचू लक्ष्मी, प्रणिता और निधि अग्रवाल जैसे प्रमुख सितारे शामिल हैं. इस मामले में नाम आने के बाद राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा और प्रकाश राज ने आधिकारिक बयानों के माध्यम से इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.
बेटिंग ऐप प्रमोशन मामले में राणा दग्गुबाती की टीम ने गुरुवार, 20 मार्च को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनका समर्थन कानून के पूर्ण अनुपालन में है. एक बयान में, राणा की टीम ने साफ किया कि एक्टर ने स्किल बेस्ड गेम्स के लिए एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो 2017 में समाप्त हो गया. उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों तक ही सीमित था जहां ऐसे खेलों को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी.
क्या है राणा दुग्गबाती के बयान में?
बयान में कहा गया है, 'यह साफ किया जाता है कि राणा दग्गुबाती ने स्किल बेस्ड गेम्स के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करने के लिए एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो 2017 में समाप्त हो गया था. उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों तक ही सीमित था, जहां ऑनलाइन स्किल बेस्ड गेम्स को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी. राणा दग्गुबाती की लीगल टीम किसी भी पार्टनरशिप से पहले सभी एग्रीमेंट्स की गहन समीक्षा करती है. सावधानीपूर्वक कानूनी समीक्षा के बाद, वह कानून का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए, प्लेटफॉर्म का समर्थन करने के लिए सहमत हुए.'
बयान में आगे यह जोड़ा गया है, 'यह प्रेस नोट किसी भी गलतफहमी को दूर करने और यह पुष्टि करने के लिए जारी किया जा रहा है कि राणा दग्गुबाती द्वारा कानूनी और स्किल बेस्ड गेमिंग प्लेटफॉर्म का समर्थन पूरी तरह से कानून का अनुपालन करता है. यह साफ करना जरूरी है कि इन ऑनलाइन गेम्स को भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा जुए से अलग माना गया है. कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ये गेम्स स्किल पर आधारित हैं, न कि मौके पर. इसलिए कानूनी रूप से अनुमति हैं.'
विजय देवरकोंडा की टीम ने जारी किया बयान
इस मामले में विजय देवरकोंडा की टीम ने भी सफाई दी है. प्रेस स्टेटमेंट में विजय देवरकोंडा की टीम ने साफ किया कि एक्टर ने स्किल बेस्ड गेम्स के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया और उन क्षेत्रों और कंपनी का समर्थन किया, जहां ऑनलाइन स्किल बेस्ड गेम्स को कानूनी रूप से अनुमति दी गई थी.
बयान में कहा गया, 'उनका समर्थन केवल उन क्षेत्रों और प्रदेशों तक ही सीमित था जहां ऑनलाइन स्किल बेस्ड गेम्स को कानूनी रूप से अनुमति है. यह साफ करना जरूरी है कि स्किल बेस्ड गेम्स, जिसमें रम्मी जैसे ऑनलाइन गेम शामिल हैं, को भारत की सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार-बार जुए या गेमिंग से अलग माना गया है. कोर्ट ने माना है कि ऐसे गेम्स में मौके के बजाय स्किल शामिल होता है, जिससे वे कानूनी रूप से स्वीकार्य हो जाते हैं.
बयान में आगे कहा गया है, 'विजय देवरकोंडा की लीगल टीम और एजेंसियां किसी भी एग्रीमेंट करने से पहले सभी एसोसिएशनों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करती हैं. पूरी तरह से कानूनी समीक्षा के बाद, उन्होंने स्किल बेस्ड गेमिंग प्लेटफॉर्म A23 का समर्थन करने के लिए सहमति जताई थी, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनका सहयोग कानूनी मानकों के अनुरूप है. हालांकि, यह 2023 में समाप्त हो गया, और वे अब ब्रांड से जुड़े नहीं हैं. यह प्रेस विज्ञप्ति किसी भी गलत धारणा / गलत सूचना को खत्म करने और इस बात पर जोर देने के लिए जारी की जा रही है कि विजय देवरकोंडा द्वारा कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त स्किल बेस्ड गेमिंग कंपनी का पिछला समर्थन पूरी तरह से वैध था.'
सोशल मीडिया पर प्रकाश राज ने दी सफाई
उसी दिन प्रकाश राज ने भी अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया और इस मामले में पर सफाई दी. अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने कहा, मुझे पुलिस स्टेशन से कुछ भी नहीं मिला है या कोई समन भी नहीं मिला है, और जब ऐसा होगा तो मैं वहां पहुंच जाऊंगा, लेकिन मुझे लगता है कि जवाब देना और आपके लिए चीजें स्पष्ट करना मेरी जिम्मेदारी है. 2016 में, लोगों ने मुझसे एक गेमिंग ऐप के लिए संपर्क किया, और मैंने ऐसा किया भी. लेकिन कुछ ही महीनों में, मेरी अंतरात्मा ने, शायद यह कानूनी था, लेकिन मुझे लगा कि यह सही नहीं है. लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता था, इसलिए मैंने इसे एक साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए छोड़ दिया. जब उन्होंने इसे रिन्यू करना चाहा, तो मैंने तुरंत मना कर दिया. मेरी अंतरात्मा यह स्वीकार नहीं करती कि मैं इसे कंटीन्यू करूं.'
प्रकाश राज ने दावा किया कि उन्होंने तब से कोई विज्ञापन नहीं किया है. उन्होंने कहा, 'यह लगभग 8-9 साल पहले हुआ था, और तब से, मैंने कोई भी ऐसा विज्ञापन नहीं किया है जो ऑनलाइन जुए को बढ़ावा देता हो. अब, 2021-22 में, यह कंपनी किसी और को बेची गई होगी, और जब उन्होंने मेरे ये स्निपेट कुछ सोशल मीडिया पर डाले, तो हमने उन्हें एक नोटिस भेजा. एक ईमेल में, मैंने कहा कि देखो. नहीं, मैं इसका हिस्सा नहीं हूं. आप इसका अवैध रूप से उपयोग नहीं कर सकते. इसकी समय सीमा समाप्त हो गई है. इसके बाद उन्होंने इसे बंद कर दिया. यह मेरा जवाब है.'
क्या है मामला?
तेलंगाना पुलिस ने विजय देवरकोंडा, राणा दुग्गबाती, प्रकाश राज और मांचू लक्ष्मी जैसी मशहूर हस्तियों समेत 25 लोगों के खिलाफ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी और जुए ऐप्स को बढ़ावा देने के आरोप में केस दर्ज की गई है. 32 साल के बिजनेसमैन पीएम फणींद्र सरमा की शिकायत के बाद हैदराबाद के मियापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई.
अपनी शिकायत में सरमा ने दावा किया कि 16 मार्च को अपने कम्यूनिटी युथ के साथ बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि कई व्यक्तियों को इन जुआ ऐप्स में अपना पैसा इनवेस्ट करने के लिए इंफ्लुएंस किया गया था, जिनका सोशल मीडिया हस्तियों द्वारा बड़े पैमाने पर विज्ञापन किया गया था.
