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फ्री फायर गेम में हुई दोस्ती, बच्चों को सलमान से मिलने का झांसा: दिल्ली से नासिक तक पहुंची तलाश
Bollywood
दिल्ली के सदर बाजार इलाके में रहने वाले 9 से 13 साल के तीन मासूम बच्चों ने सिर्फ एक ऑनलाइन दोस्त की बातों पर भरोसा करते हुए अपना घर छोड़ दिया।
तीनों बच्चे एक्टर सलमान खान से मिलने के लालच में महाराष्ट्र के नासिक तक पहुंच गए। गनीमत रही कि दिल्ली और महाराष्ट्र पुलिस की सतर्कता से उन्हें सकुशल खोज निकाला गया।
ऑनलाइन गेम की दोस्ती, ऑफलाइन मुसीबत
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत लोकप्रिय मोबाइल गेम फ्री फायर से हुई, जहां दिल्ली के इन बच्चों की पहचान महाराष्ट्र के जालना निवासी एक युवक, वहीद, से हुई। वहीद ने दावा किया कि उसकी सलमान खान से पहचान है और वह बच्चों की उनसे मुलाकात करवा सकता है।
इस झांसे में आकर बच्चों ने बिना किसी को बताए 25 जुलाई को घर छोड़ दिया और ट्रेन के ज़रिए महाराष्ट्र रवाना हो गए।
घर से निकले, एक नोट छोड़कर
तीनों के अचानक लापता होने पर परिवार वालों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस को एक बच्चे के कमरे से एक हैंडरिटन नोट मिला, जिसमें लिखा था कि वे “वहीद भाई” से मिलने जालना जा रहे हैं। यही सुराग जांच की पहली बड़ी कड़ी साबित हुआ।
बिना टिकट सफर और बदलती योजना
जांच में सामने आया कि बच्चे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिना टिकट ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस ने CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से अंदाजा लगाया कि वे ‘सचखंड एक्सप्रेस’ से यात्रा कर रहे होंगे। इस बीच जैसे ही वहीद को पता चला कि मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है, उसने बच्चों से मिलने से इनकार कर दिया।
बच्चों ने फिर जालना न जाकर नासिक में ट्रेन से उतरने का फैसला किया।
चार दिन बाद मिली राहत
दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस और रेलवे पुलिस की मदद से संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। चार दिनों की खोजबीन के बाद मंगलवार को तीनों बच्चे नासिक रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। उन्हें अब दिल्ली वापस भेजा जा रहा है।
सवाल: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा कहां है?
यह घटना एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना अब ज़रूरी है। बच्चों के लिए खेल की दुनिया कब खतरनाक हकीकत में बदल जाए, इसका अंदाज़ा तक नहीं लगता।
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फ्री फायर गेम में हुई दोस्ती, बच्चों को सलमान से मिलने का झांसा: दिल्ली से नासिक तक पहुंची तलाश
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तीनों बच्चे एक्टर सलमान खान से मिलने के लालच में महाराष्ट्र के नासिक तक पहुंच गए। गनीमत रही कि दिल्ली और महाराष्ट्र पुलिस की सतर्कता से उन्हें सकुशल खोज निकाला गया।
ऑनलाइन गेम की दोस्ती, ऑफलाइन मुसीबत
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत लोकप्रिय मोबाइल गेम फ्री फायर से हुई, जहां दिल्ली के इन बच्चों की पहचान महाराष्ट्र के जालना निवासी एक युवक, वहीद, से हुई। वहीद ने दावा किया कि उसकी सलमान खान से पहचान है और वह बच्चों की उनसे मुलाकात करवा सकता है।
इस झांसे में आकर बच्चों ने बिना किसी को बताए 25 जुलाई को घर छोड़ दिया और ट्रेन के ज़रिए महाराष्ट्र रवाना हो गए।
घर से निकले, एक नोट छोड़कर
तीनों के अचानक लापता होने पर परिवार वालों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस को एक बच्चे के कमरे से एक हैंडरिटन नोट मिला, जिसमें लिखा था कि वे “वहीद भाई” से मिलने जालना जा रहे हैं। यही सुराग जांच की पहली बड़ी कड़ी साबित हुआ।
बिना टिकट सफर और बदलती योजना
जांच में सामने आया कि बच्चे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिना टिकट ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस ने CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से अंदाजा लगाया कि वे ‘सचखंड एक्सप्रेस’ से यात्रा कर रहे होंगे। इस बीच जैसे ही वहीद को पता चला कि मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है, उसने बच्चों से मिलने से इनकार कर दिया।
बच्चों ने फिर जालना न जाकर नासिक में ट्रेन से उतरने का फैसला किया।
चार दिन बाद मिली राहत
दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस और रेलवे पुलिस की मदद से संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। चार दिनों की खोजबीन के बाद मंगलवार को तीनों बच्चे नासिक रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। उन्हें अब दिल्ली वापस भेजा जा रहा है।
सवाल: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा कहां है?
यह घटना एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना अब ज़रूरी है। बच्चों के लिए खेल की दुनिया कब खतरनाक हकीकत में बदल जाए, इसका अंदाज़ा तक नहीं लगता।
