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थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर ब्रेक: मद्रास हाईकोर्ट ने 21 जनवरी तक लगाई अस्थायी रोक
बालीवुड न्यूज़
CBFC की याचिका पर डिवीजन बेंच का हस्तक्षेप, U/A सर्टिफिकेट को लेकर फिर उठे सवाल
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर फिलहाल विराम लग गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिल्म की रिलीज पर 21 जनवरी तक अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने इससे पहले सिंगल जज द्वारा दिए गए उस आदेश को भी स्थगित कर दिया, जिसमें फिल्म को U/A सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था।
यह मामला 9 जनवरी को हुई सुनवाई से जुड़ा है, जब हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सेंसर बोर्ड को फिल्म के लिए U/A सर्टिफिकेट जारी करने को कहा था। हालांकि, इस आदेश को चुनौती देते हुए CBFC ने डिवीजन बेंच का रुख किया और फिल्म की दोबारा जांच के लिए रिवाइजिंग कमेटी गठित करने की मांग की। बोर्ड का तर्क था कि सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने से पहले फिल्म को रिलीज की अनुमति देना नियमों के खिलाफ है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने की। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि CBFC को अपनी आपत्ति दर्ज कराने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। पीठ ने फिल्म निर्माताओं से यह सवाल भी किया कि बिना वैध सर्टिफिकेट के रिलीज डेट तय करना कैसे उचित ठहराया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि फिल्म की रिलीज की तारीख घोषित कर प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने यह भी जोड़ा कि सर्टिफिकेशन से पहले किसी भी फिल्म की व्यावसायिक रिलीज की घोषणा नियमों के दायरे से बाहर जाती है।
फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि सर्टिफिकेशन पैनल द्वारा फिल्म की समीक्षा की जा चुकी थी और बोर्ड के केवल एक सदस्य ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने यह भी बताया कि ‘जन नायकन’ को 9 जनवरी को रिलीज करने की योजना थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण इसे टालना पड़ा।
गौरतलब है कि ‘जन नायकन’ को थलापति विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद उनके सक्रिय राजनीति में उतरने की चर्चाएं हैं। फिल्म में बॉबी देओल मुख्य खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं, जिससे दर्शकों में उत्सुकता और बढ़ गई है।
फिलहाल, हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 21 जनवरी तय की है। तब तक फिल्म की रिलीज पर रोक जारी रहेगी। यह मामला न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि सेंसरशिप प्रक्रिया से जुड़े नियमों पर भी अहम असर डाल सकता है।
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तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर फिलहाल विराम लग गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिल्म की रिलीज पर 21 जनवरी तक अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने इससे पहले सिंगल जज द्वारा दिए गए उस आदेश को भी स्थगित कर दिया, जिसमें फिल्म को U/A सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था।
यह मामला 9 जनवरी को हुई सुनवाई से जुड़ा है, जब हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सेंसर बोर्ड को फिल्म के लिए U/A सर्टिफिकेट जारी करने को कहा था। हालांकि, इस आदेश को चुनौती देते हुए CBFC ने डिवीजन बेंच का रुख किया और फिल्म की दोबारा जांच के लिए रिवाइजिंग कमेटी गठित करने की मांग की। बोर्ड का तर्क था कि सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने से पहले फिल्म को रिलीज की अनुमति देना नियमों के खिलाफ है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने की। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि CBFC को अपनी आपत्ति दर्ज कराने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। पीठ ने फिल्म निर्माताओं से यह सवाल भी किया कि बिना वैध सर्टिफिकेट के रिलीज डेट तय करना कैसे उचित ठहराया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि फिल्म की रिलीज की तारीख घोषित कर प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने यह भी जोड़ा कि सर्टिफिकेशन से पहले किसी भी फिल्म की व्यावसायिक रिलीज की घोषणा नियमों के दायरे से बाहर जाती है।
फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि सर्टिफिकेशन पैनल द्वारा फिल्म की समीक्षा की जा चुकी थी और बोर्ड के केवल एक सदस्य ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने यह भी बताया कि ‘जन नायकन’ को 9 जनवरी को रिलीज करने की योजना थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण इसे टालना पड़ा।
गौरतलब है कि ‘जन नायकन’ को थलापति विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद उनके सक्रिय राजनीति में उतरने की चर्चाएं हैं। फिल्म में बॉबी देओल मुख्य खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं, जिससे दर्शकों में उत्सुकता और बढ़ गई है।
फिलहाल, हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 21 जनवरी तय की है। तब तक फिल्म की रिलीज पर रोक जारी रहेगी। यह मामला न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि सेंसरशिप प्रक्रिया से जुड़े नियमों पर भी अहम असर डाल सकता है।
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