‘रणबीर कपूर भगवान राम के लिए बिल्कुल फिट’: अरुण गोविल

बालीवुड न्यूज़

On

नई फिल्म ‘रामायण’ की ‘आदिपुरुष’ से तुलना पर बोले रामानंद सागर के राम, कहा—हर रूपांतरण को उसके अपने संदर्भ में देखना चाहिए

भगवान राम की भूमिका से देश के हर घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी फिल्म रामायण को लेकर चल रही तुलना पर स्पष्ट और संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रामायण की तुलना फिल्म आदिपुरुष से करना उचित नहीं है, क्योंकि हर रचनात्मक प्रस्तुति अपने समय, दृष्टिकोण और उद्देश्य के अनुसार अलग होती है। साथ ही उन्होंने भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की कास्टिंग को पूरी तरह उपयुक्त बताया।

पीटीआई को दिए साक्षात्कार में अरुण गोविल ने कहा कि किसी भी पौराणिक कथा का नया रूपांतरण अपने आप में स्वतंत्र पहचान रखता है। इसे पहले बनी फिल्मों या धारावाहिकों से सीधे जोड़कर देखना दर्शकों और रचनाकारों—दोनों के साथ न्याय नहीं करता। उन्होंने कहा कि रामायण जैसे महाकाव्य को हर पीढ़ी अपने तरीके से समझती और प्रस्तुत करती है।

गोविल ने कहा कि जब कोई किरदार एक मानक स्थापित कर देता है, तो तुलना होना स्वाभाविक है, लेकिन इसे नकारात्मक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, भगवान राम जैसे आदर्श चरित्र को निभाने के लिए कलाकार के भीतर संयम, गरिमा और मानवीय संवेदनशीलता का होना बेहद जरूरी है।

रणबीर कपूर को लेकर उन्होंने कहा, “रणबीर एक अच्छे अभिनेता होने के साथ-साथ अच्छे इंसान भी हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भगवान राम का चरित्र सिर्फ अभिनय से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व से भी झलकना चाहिए। जब दर्शक आपको देखें, तो उन्हें विश्वास हो कि भगवान ऐसे हो सकते हैं।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भगवान के किरदार में बाहरी रूप जितना अहम है, उतना ही जरूरी आंतरिक भाव और आचरण भी है। स्क्रीन पर यह संतुलन बनना चाहिए, ताकि दर्शकों के मन में श्रद्धा का भाव स्वाभाविक रूप से पैदा हो।

फिल्म रामायण वर्तमान में अपने प्री-प्रोडक्शन और कास्ट को लेकर लगातार सुर्खियों में है। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि रावण के रूप में साउथ सुपरस्टार यश नजर आएंगे। माता सीता का किरदार अभिनेत्री साई पल्लवी निभा रही हैं। हनुमान की भूमिका में सनी देओल और लक्ष्मण के रूप में रवि दुबे को कास्ट किया गया है।

निर्माताओं के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य रामायण की मूल भावना और मर्यादा को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। बड़े पैमाने पर बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें भी काफी ऊंची हैं।

अरुण गोविल की टिप्पणी को फिल्म के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उनका अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि रामायण जैसी कथा को प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्तराधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में फिल्म की प्रगति और दर्शकों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

-----

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

सादगी का सवाल: क्या अब यह आउटडेटेड हो गई है?

टाप न्यूज

सादगी का सवाल: क्या अब यह आउटडेटेड हो गई है?

आधुनिक लाइफस्टाइल और सोशल मीडिया की चमक-धमक के बीच लोग अब सादगी को प्राथमिकता नहीं दे रहे, विशेषज्ञ चिंतित
लाइफ स्टाइल 
सादगी का सवाल: क्या अब यह आउटडेटेड हो गई है?

भोपाल जिला कोर्ट में हंगामा: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की वकीलों ने की पिटाई, पेशी के दौरान बिगड़े हालात

11वीं की छात्रा से रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार युवक को पुलिस ने कोर्ट लाया था; वीडियो सोशल...
मध्य प्रदेश  टॉप न्यूज़  भोपाल 
भोपाल जिला कोर्ट में हंगामा: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की वकीलों ने की पिटाई, पेशी के दौरान बिगड़े हालात

नर्सिंग कॉलेजों को राहत: जीवाजी विश्वविद्यालय ने संबद्धता शुल्क जमा करने की तारीख 9 फरवरी तक बढ़ाई

एमपी ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों के बाद लिया फैसला, 12 फरवरी तक दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा करना अनिवार्य...
मध्य प्रदेश 
नर्सिंग कॉलेजों को राहत: जीवाजी विश्वविद्यालय ने संबद्धता शुल्क जमा करने की तारीख 9 फरवरी तक बढ़ाई

हसल कल्चर बनाम मानसिक स्वास्थ्य: कब काम करने की होड़ खा रही है हमारी सेहत?

लगातार “वर्क-ऑल-डे, नींद कम, और सफलता ज्यादा” की मानसिकता से बढ़ रहे तनाव और चिंता के मामले
लाइफ स्टाइल 
हसल कल्चर बनाम मानसिक स्वास्थ्य: कब काम करने की होड़ खा रही है हमारी सेहत?

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.