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तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ की कहानी पर उठाए सवाल, बोले- सिर्फ बड़े सेटअप से नहीं बनती अच्छी कहानी
बालीवुड न्यूज़
फिल्मों में घटती मौलिकता पर निर्देशक की चिंता, कॉरपोरेट कल्चर और तय फॉर्मूले को बताया बड़ी वजह
फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा हिंदी सिनेमा में कहानी लेखन और फिल्म निर्माण के तरीकों को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि आज कई फिल्मों में मौलिक कहानियों की जगह एक तय फॉर्मूला हावी होता जा रहा है।
धूलिया ने यह टिप्पणी एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की ओर से आयोजित राजेंद्र माथुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान की। कार्यक्रम में उन्होंने कमर्शियल सिनेमा में कहानी और प्रस्तुति के बीच बढ़ते अंतर पर बात की।
‘धुरंधर’ की कहानी पर कही बात
तिग्मांशु धूलिया ने मेनस्ट्रीम फिल्मों का उदाहरण देते हुए ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई बार फिल्म की प्रस्तुति, एक्शन और तकनीकी पक्ष दर्शकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन जब मूल कहानी के बारे में पूछा जाता है तो उसे स्पष्ट रूप से बताना मुश्किल होता है।
‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए धूलिया ने कहा कि फिल्म का पहला हिस्सा उन्हें पसंद आया। उन्होंने इसकी प्रस्तुति, संगीत और एंगेजमेंट की तारीफ भी की, लेकिन कहानी के स्तर पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने अपने अंदाज में फिल्म की कहानी को समझाते हुए कहा कि अगर एक अंडरकवर एजेंट दूसरे देश में जाता है और वहां बड़े स्तर पर कार्रवाई करता है, तो केवल इतना आधार किसी पूरी कहानी के लिए पर्याप्त नहीं है।
हिंदी सिनेमा में कहानी की कमी पर चिंता
धूलिया ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कॉरपोरेट संस्कृति बढ़ने के बाद कई बार जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है। नए और अलग तरह के विषयों पर फिल्म बनाने को लेकर निर्माताओं में हिचक दिखाई देती है। उनके मुताबिक, कई मेकर्स को डर रहता है कि प्रयोगात्मक या अलग कहानियों वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं होंगी।
फॉर्मूला आधारित फिल्मों पर सवाल
निर्देशक ने कहा कि दर्शकों को आकर्षित करने के लिए बड़े स्टार, शानदार लोकेशन और बड़े पैमाने पर बनाई गई फिल्मों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जबकि मजबूत कहानी फिल्म की सबसे जरूरी जरूरत होती है। तिग्मांशु धूलिया ने अपने करियर में ‘पान सिंह तोमर’, ‘हासिल’ और ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है, जिनमें अलग तरह की कहानी और किरदारों के लिए उन्हें जाना जाता है।
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