शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से परे, मेगाट्रेंड्स पर भरोसा: बजाज फिनसर्व AMC

Digital Desk

बाजार की तेज़ उठापटक के बीच अगर कोई एक बात निवेशकों को सबसे अधिक स्थिरता दे सकती है, तो वह है बड़े और टिकाऊ बदलावों को समझना। बजाज फिनसर्व AMC के CIO, निमेश चंदन इसी विचार को निवेश की सबसे अहम कुंजी मानते हैं। उनके मुताबिक, अल्पकालिक शोर के बजाय उन मेगाट्रेंड्स पर ध्यान देना चाहिए जो आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था, उद्योगों और उपभोक्ता व्यवहार की दिशा बदल सकते हैं।

उनका मानना है कि निवेश के सबसे बड़े अवसर तिमाही नतीजों या बाजार की छोटी अवधि की चाल से नहीं बनते। वे उन बड़े और दीर्घकालिक बदलावों से पैदा होते हैं, जिन्हें वे मेगाट्रेंड्स कहते हैं, जो समय के साथ अर्थव्यवस्था, उद्योगों और उपभोक्ताओं के व्यवहार को बदल देते हैं।

चंदन कहते हैं: निवेश का असली अवसर उन कंपनियों में छिपा होता है जो किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव के सही पक्ष पर खड़ी हों। यह बदलाव तकनीक, डिजिटाइजेशन, रेगुलेशन, डेमोग्राफी, सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्राथमिकताओं में आ रहे दीर्घकालिक परिवर्तनों से जन्म लेते हैं। उनके अनुसार, इन्हीं मेगाट्रेंड्स से भविष्य की अगली बड़ी विजेता कंपनियाँ निकलती हैं।

उदाहरण के तौर पर, एआई को अक्सर सिर्फ एक तकनीकी बदलाव माना जाता है, जबकि इसका असर इससे कई बड़ा हो सकता है। नए तकनीकी बदलाव संसाधनों की मांग बढ़ाते हैं, जिससे कमोडिटी, मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़े क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि वित्तीय सेवाएं, औद्योगिक क्षेत्र और मटेरियल्स जैसे सेक्टर उन्हें लंबे समय के अवसर नजर आते हैं। भारत में बढ़ता वित्तीयकरण, मैन्युफैक्चरिंग को मिल रही मजबूती और संसाधनों की बढ़ती जरूरत ऐसे बदलाव हैं जो आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं।

यही सोच निवेशकों को एक अलग फ्रेमवर्क देती है। मेगाट्रेंड अप्रोच कहती है कि पहले यह पहचानिए कि कौन-सा सेक्टर आने वाले 5 से 10 वर्षों में मजबूत विस्तार देख सकता है, और फिर यह जांचिए कि कौन-सी कंपनियाँ उस अवसर का सबसे बेहतर लाभ उठा सकती हैं।

भारत जैसे बाजार में कई बड़े अवसर अभी बन रहे हैं। वित्तीयकरण, उपभोग में वृद्धि, स्वास्थ्य सेवाएँ, निर्माण, ऊर्जा बदलाव और डिजिटल अपनाने की गति ऐसे क्षेत्र हैं जो लंबी अवधि में मजबूत परिणाम दे सकते हैं। चंदन का मानना है कि निवेशकों को तुरंत नतीजों के बजाय धैर्य और अनुशासन के साथ इन बदलावों में भागीदार बनना चाहिए।

आज के बदलते बाजार में आगे वही निवेशक निकलेंगे जो शॉर्ट टर्म शोर नहीं, बल्कि लंबे समय के रुझानों पर ध्यान देंगे। सही मेगाट्रेंड पहचानना, धैर्य रखना और अच्छी कंपनियों के साथ बने रहना ही निमेश चंदन के निवेश मंत्र का मूल है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
16 Jun 2026 By दैनिक जागरण

शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से परे, मेगाट्रेंड्स पर भरोसा: बजाज फिनसर्व AMC

Digital Desk

उनका मानना है कि निवेश के सबसे बड़े अवसर तिमाही नतीजों या बाजार की छोटी अवधि की चाल से नहीं बनते। वे उन बड़े और दीर्घकालिक बदलावों से पैदा होते हैं, जिन्हें वे मेगाट्रेंड्स कहते हैं, जो समय के साथ अर्थव्यवस्था, उद्योगों और उपभोक्ताओं के व्यवहार को बदल देते हैं।

चंदन कहते हैं: निवेश का असली अवसर उन कंपनियों में छिपा होता है जो किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव के सही पक्ष पर खड़ी हों। यह बदलाव तकनीक, डिजिटाइजेशन, रेगुलेशन, डेमोग्राफी, सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्राथमिकताओं में आ रहे दीर्घकालिक परिवर्तनों से जन्म लेते हैं। उनके अनुसार, इन्हीं मेगाट्रेंड्स से भविष्य की अगली बड़ी विजेता कंपनियाँ निकलती हैं।

उदाहरण के तौर पर, एआई को अक्सर सिर्फ एक तकनीकी बदलाव माना जाता है, जबकि इसका असर इससे कई बड़ा हो सकता है। नए तकनीकी बदलाव संसाधनों की मांग बढ़ाते हैं, जिससे कमोडिटी, मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़े क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि वित्तीय सेवाएं, औद्योगिक क्षेत्र और मटेरियल्स जैसे सेक्टर उन्हें लंबे समय के अवसर नजर आते हैं। भारत में बढ़ता वित्तीयकरण, मैन्युफैक्चरिंग को मिल रही मजबूती और संसाधनों की बढ़ती जरूरत ऐसे बदलाव हैं जो आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं।

यही सोच निवेशकों को एक अलग फ्रेमवर्क देती है। मेगाट्रेंड अप्रोच कहती है कि पहले यह पहचानिए कि कौन-सा सेक्टर आने वाले 5 से 10 वर्षों में मजबूत विस्तार देख सकता है, और फिर यह जांचिए कि कौन-सी कंपनियाँ उस अवसर का सबसे बेहतर लाभ उठा सकती हैं।

भारत जैसे बाजार में कई बड़े अवसर अभी बन रहे हैं। वित्तीयकरण, उपभोग में वृद्धि, स्वास्थ्य सेवाएँ, निर्माण, ऊर्जा बदलाव और डिजिटल अपनाने की गति ऐसे क्षेत्र हैं जो लंबी अवधि में मजबूत परिणाम दे सकते हैं। चंदन का मानना है कि निवेशकों को तुरंत नतीजों के बजाय धैर्य और अनुशासन के साथ इन बदलावों में भागीदार बनना चाहिए।

आज के बदलते बाजार में आगे वही निवेशक निकलेंगे जो शॉर्ट टर्म शोर नहीं, बल्कि लंबे समय के रुझानों पर ध्यान देंगे। सही मेगाट्रेंड पहचानना, धैर्य रखना और अच्छी कंपनियों के साथ बने रहना ही निमेश चंदन के निवेश मंत्र का मूल है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/bajaj-finserv-amc-trusts-megatrends-beyond-short-term-fluctuations/article-56069

खबरें और भी हैं

करियर राशिफल 17 जून 2026: नौकरी और व्यवसाय में बड़े बदलाव के संकेत

टाप न्यूज

करियर राशिफल 17 जून 2026: नौकरी और व्यवसाय में बड़े बदलाव के संकेत

आज का दिन कई राशियों के लिए अवसर और चुनौती दोनों लेकर आएगा, कामकाज में मिलेगी नई दिशा
राशिफल 
करियर राशिफल 17 जून 2026: नौकरी और व्यवसाय में बड़े बदलाव के संकेत

17 जून 2026 राशिफल: करियर, धन और रिश्तों में कैसा रहेगा आपका दिन, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

बुधवार का दिन कुछ राशियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा, वहीं कुछ लोगों को फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह;...
राशिफल 
17 जून 2026 राशिफल: करियर, धन और रिश्तों में कैसा रहेगा आपका दिन, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

टैरो राशिफल 17 जून 2026: नए अवसरों का दिन, कई राशियों को मिल सकते हैं सकारात्मक संकेत

टैरो कार्ड्स के अनुसार आज कुछ राशियों को करियर और आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत, वहीं कुछ लोगों को...
राशिफल 
टैरो राशिफल 17 जून 2026: नए अवसरों का दिन, कई राशियों को मिल सकते हैं सकारात्मक संकेत

17 जून 2026 का पंचांग: धार्मिक तिथि और शुभ योग का विवरण

आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास, राहुकाल और शुभ मुहूर्त पर रहेगी नजर
राशिफल 
17 जून 2026 का पंचांग: धार्मिक तिथि और शुभ योग का विवरण

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.