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गन सेलिब्रेशन पर बढ़ा विवाद, ईरानी टीम ने लगाया आरोप- मैच के बाद तुरंत अमेरिका छोड़ने को कहा गया
स्पोर्ट्स डेस्क
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 ड्रॉ के बाद ईरानी खिलाड़ियों को तुरंत मेक्सिको लौटने का निर्देश मिलने का दावा, मोहम्मद मोहेबी के गन सेलिब्रेशन पर भी मचा विवाद
ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फीफा विश्व कप मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। ईरानी फुटबॉल टीम ने आरोप लगाया है कि मैच समाप्त होने के तुरंत बाद उसे अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने के लिए कहा गया। टीम प्रबंधन का कहना है कि खिलाड़ियों को आराम और रिकवरी का पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे उनकी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टूर्नामेंट के दौरान पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक तनाव चर्चा का विषय बना हुआ है। लॉस एंजिल्स में खेले गए ग्रुप-जी के मुकाबले में ईरान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। मैच काफी रोमांचक रहा और दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। ईरान की ओर से रेमिन रेजाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने गोल किए, जबकि न्यूजीलैंड के लिए एलिजाह जस्ट ने दोनों गोल दागे। मुकाबले के 64वें मिनट में मोहेबी ने शानदार गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर किया। गोल के बाद उन्होंने जिस तरह का सेलिब्रेशन किया, उसी ने बाद में विवाद का रूप ले लिया। मोहेबी ने गोल करने के बाद हाथों से बंदूक जैसी आकृति बनाकर जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और हालिया संघर्षों के बीच इस तरह का सेलिब्रेशन संवेदनशील माना जा सकता है। कई लोगों ने फीफा से मामले की जांच करने और खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की। हालांकि मैच के बाद ईरानी टीम या खिलाड़ी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई।
इस बीच ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने फीफा और अमेरिकी अधिकारियों पर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई। उनका कहना है कि टीम को मुकाबले के तुरंत बाद मेक्सिको स्थित अपने बेस कैंप लौटने के निर्देश दिए गए। कोच के मुताबिक टीम की योजना अगले दिन रवाना होने की थी ताकि खिलाड़ी आराम कर सकें और मेडिकल रिकवरी प्रक्रिया पूरी हो सके। लेकिन अचानक यात्रा की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे खिलाड़ियों की थकान बढ़ी। कोच ने कहा कि टूर्नामेंट जैसे बड़े आयोजन में सभी टीमों को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि लगातार यात्रा और कड़ी सुरक्षा प्रक्रियाओं के कारण खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान का आधिकारिक बेस कैंप मेक्सिको के तिजुआना शहर में बनाया गया है और अमेरिका में होने वाले प्रत्येक मैच के बाद टीम को वहीं लौटना पड़ता है।
ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि मेक्सिको से लॉस एंजिल्स पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताओं के कारण टीम को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। तारेमी ने कहा कि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान फुटबॉल पर होना चाहिए, लेकिन इस समय कई बाहरी परिस्थितियां तैयारियों को प्रभावित कर रही हैं।
मैच के दौरान और उसके बाहर राजनीतिक माहौल भी चर्चा में रहा। स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। इनमें कुछ लोग ईरानी सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे, जबकि कई समर्थक अपनी टीम के पक्ष में मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में अतिरिक्त व्यवस्था की थी। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और उसका असर खेल आयोजनों में भी दिखाई दे रहा है। ईरानी फुटबॉल महासंघ पहले भी शिकायत कर चुका है कि विश्व कप से जुड़ी तैयारियों के दौरान उसे कई प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुछ अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को वीजा मिलने में दिक्कतें आईं। इसके अलावा टिकट आवंटन को लेकर भी विवाद सामने आया था। महासंघ का दावा था कि उसके समर्थकों के लिए निर्धारित टिकटों में कटौती की गई, जिससे बड़ी संख्या में प्रशंसक मैच देखने से वंचित रह गए। इन सबके बावजूद लॉस एंजिल्स में हजारों ईरानी समर्थक अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। मैच के दौरान टीम को अच्छा समर्थन मिला और ड्रॉ के बाद भी खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा दिखाई दिया। हालांकि अब टीम के सामने असली चुनौती आगे है। ग्रुप-जी में ईरान को अगले मुकाबलों में बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दोनों टीमें टूर्नामेंट में बेहतर शुरुआत करने की क्षमता रखती हैं और ऐसे में ईरान पर अंक जुटाने का दबाव बढ़ गया है।
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गन सेलिब्रेशन पर बढ़ा विवाद, ईरानी टीम ने लगाया आरोप- मैच के बाद तुरंत अमेरिका छोड़ने को कहा गया
स्पोर्ट्स डेस्क
ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फीफा विश्व कप मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। ईरानी फुटबॉल टीम ने आरोप लगाया है कि मैच समाप्त होने के तुरंत बाद उसे अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने के लिए कहा गया। टीम प्रबंधन का कहना है कि खिलाड़ियों को आराम और रिकवरी का पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे उनकी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टूर्नामेंट के दौरान पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक तनाव चर्चा का विषय बना हुआ है। लॉस एंजिल्स में खेले गए ग्रुप-जी के मुकाबले में ईरान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। मैच काफी रोमांचक रहा और दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। ईरान की ओर से रेमिन रेजाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने गोल किए, जबकि न्यूजीलैंड के लिए एलिजाह जस्ट ने दोनों गोल दागे। मुकाबले के 64वें मिनट में मोहेबी ने शानदार गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर किया। गोल के बाद उन्होंने जिस तरह का सेलिब्रेशन किया, उसी ने बाद में विवाद का रूप ले लिया। मोहेबी ने गोल करने के बाद हाथों से बंदूक जैसी आकृति बनाकर जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और हालिया संघर्षों के बीच इस तरह का सेलिब्रेशन संवेदनशील माना जा सकता है। कई लोगों ने फीफा से मामले की जांच करने और खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की। हालांकि मैच के बाद ईरानी टीम या खिलाड़ी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई।
इस बीच ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने फीफा और अमेरिकी अधिकारियों पर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई। उनका कहना है कि टीम को मुकाबले के तुरंत बाद मेक्सिको स्थित अपने बेस कैंप लौटने के निर्देश दिए गए। कोच के मुताबिक टीम की योजना अगले दिन रवाना होने की थी ताकि खिलाड़ी आराम कर सकें और मेडिकल रिकवरी प्रक्रिया पूरी हो सके। लेकिन अचानक यात्रा की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे खिलाड़ियों की थकान बढ़ी। कोच ने कहा कि टूर्नामेंट जैसे बड़े आयोजन में सभी टीमों को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि लगातार यात्रा और कड़ी सुरक्षा प्रक्रियाओं के कारण खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान का आधिकारिक बेस कैंप मेक्सिको के तिजुआना शहर में बनाया गया है और अमेरिका में होने वाले प्रत्येक मैच के बाद टीम को वहीं लौटना पड़ता है।
ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि मेक्सिको से लॉस एंजिल्स पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताओं के कारण टीम को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। तारेमी ने कहा कि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान फुटबॉल पर होना चाहिए, लेकिन इस समय कई बाहरी परिस्थितियां तैयारियों को प्रभावित कर रही हैं।
मैच के दौरान और उसके बाहर राजनीतिक माहौल भी चर्चा में रहा। स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। इनमें कुछ लोग ईरानी सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे, जबकि कई समर्थक अपनी टीम के पक्ष में मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में अतिरिक्त व्यवस्था की थी। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और उसका असर खेल आयोजनों में भी दिखाई दे रहा है। ईरानी फुटबॉल महासंघ पहले भी शिकायत कर चुका है कि विश्व कप से जुड़ी तैयारियों के दौरान उसे कई प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुछ अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को वीजा मिलने में दिक्कतें आईं। इसके अलावा टिकट आवंटन को लेकर भी विवाद सामने आया था। महासंघ का दावा था कि उसके समर्थकों के लिए निर्धारित टिकटों में कटौती की गई, जिससे बड़ी संख्या में प्रशंसक मैच देखने से वंचित रह गए। इन सबके बावजूद लॉस एंजिल्स में हजारों ईरानी समर्थक अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। मैच के दौरान टीम को अच्छा समर्थन मिला और ड्रॉ के बाद भी खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा दिखाई दिया। हालांकि अब टीम के सामने असली चुनौती आगे है। ग्रुप-जी में ईरान को अगले मुकाबलों में बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दोनों टीमें टूर्नामेंट में बेहतर शुरुआत करने की क्षमता रखती हैं और ऐसे में ईरान पर अंक जुटाने का दबाव बढ़ गया है।
