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बजट 2025: हेल्थ सेक्टर को लेकर हो सकते हैं बड़े फैसले, बीमा कंपनियों को ये हैं उम्मीदें
Business News
केंद्र सरकार की ओर से पेश होने वाले बजट को लेकर हेल्थ सेक्टर में काम करने वाले लोगों को काफी उम्मीदें हैं. हेल्थ बीमा देने वाली कंपनियों को टैक्स में राहत की उम्मीद है इसके साथ ही लोग यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि सेक्टर के विकास के लिए सरकार पिछले बजट से ज्यादा फंड दे.
हेल्थ सेक्टर को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं. इस सेक्टर से जुड़ी बीमा कंपनियां आशा कर रही हैं कि सरकार उन्हें रियायत देगी और उन्हें बजट से कई तरीके के लाभ मिलेंगे. आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाली केंद्रीय बजट में हर सेक्टर की तरहा हेल्थ सेक्टर के भी लाभ की उम्मीद है.
ईटी से बातचीत करते हुए एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के सीईओ नवीन चंद्र झा ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसलिए ऐसी उम्मीद है कि सरकार इस सेक्टर को और मजबूत करने के लिए बजट में कुछ ऐलान कर सकती है. उन्होंने कहा कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार की गई बीमा सुगम जैसी योजना को सपोर्ट देने के लिए सरकार उनके लिए फंड जारी कर सकती है. इसके अलावा सुदूर इलाकों का डिजिटली पहुंचने के लिए सरकार कुछ प्लान बना सकती है.
बीमा पर ऐलान
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण यानी इरडाई की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023-24 में बीमा कवर में साल 2022-23 की तुलना में कमी आई है. बीमा लेने वालो की संख्या जहां 2023-24 में 4 फीसदी थी वह घटकर 3.7 फीसदी रह गई. इसको बढ़ाने के लिए सरकार बजट में कुछ ऐलान कर सकती है. टर्म इंश्योरेंस के लिए अलग से कर कटौती शुरू करने और नई कर व्यवस्था के तहत जीवन बीमा प्रीमियम पर कर कटौती का विस्ता किया जा सकता है.
प्रीमियम की लिमिट बढ़े
मणिपाल सिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा की बढ़ती लागत और उच्च बीमा राशि कवर की आवश्यकता को देखते हुए, सरकार को स्वास्थ्य बीमा के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम के लिए इनकम टैक्स की धारा 80डी के तहत सभी लोगों के लिए लिमिट को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर देना चाहिए. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए इसे 1 लाख तक बढ़ा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार की ओर से ऐसा किया जाता है, तो सबके लिए बीमा के लक्ष्य को पाने में भी आसानी होगी और लोगों को भी फायदा होगा.
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हेल्थ सेक्टर को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं. इस सेक्टर से जुड़ी बीमा कंपनियां आशा कर रही हैं कि सरकार उन्हें रियायत देगी और उन्हें बजट से कई तरीके के लाभ मिलेंगे. आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाली केंद्रीय बजट में हर सेक्टर की तरहा हेल्थ सेक्टर के भी लाभ की उम्मीद है.
ईटी से बातचीत करते हुए एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के सीईओ नवीन चंद्र झा ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसलिए ऐसी उम्मीद है कि सरकार इस सेक्टर को और मजबूत करने के लिए बजट में कुछ ऐलान कर सकती है. उन्होंने कहा कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार की गई बीमा सुगम जैसी योजना को सपोर्ट देने के लिए सरकार उनके लिए फंड जारी कर सकती है. इसके अलावा सुदूर इलाकों का डिजिटली पहुंचने के लिए सरकार कुछ प्लान बना सकती है.
बीमा पर ऐलान
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण यानी इरडाई की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023-24 में बीमा कवर में साल 2022-23 की तुलना में कमी आई है. बीमा लेने वालो की संख्या जहां 2023-24 में 4 फीसदी थी वह घटकर 3.7 फीसदी रह गई. इसको बढ़ाने के लिए सरकार बजट में कुछ ऐलान कर सकती है. टर्म इंश्योरेंस के लिए अलग से कर कटौती शुरू करने और नई कर व्यवस्था के तहत जीवन बीमा प्रीमियम पर कर कटौती का विस्ता किया जा सकता है.
प्रीमियम की लिमिट बढ़े
मणिपाल सिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा की बढ़ती लागत और उच्च बीमा राशि कवर की आवश्यकता को देखते हुए, सरकार को स्वास्थ्य बीमा के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम के लिए इनकम टैक्स की धारा 80डी के तहत सभी लोगों के लिए लिमिट को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर देना चाहिए. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए इसे 1 लाख तक बढ़ा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार की ओर से ऐसा किया जाता है, तो सबके लिए बीमा के लक्ष्य को पाने में भी आसानी होगी और लोगों को भी फायदा होगा.
