- Hindi News
- बिजनेस
- EPFO के करोड़ों मेंबर्स को बड़ा झटका! कम हो सकता है PF के पैसे पर मिलने वाला ब्याज
EPFO के करोड़ों मेंबर्स को बड़ा झटका! कम हो सकता है PF के पैसे पर मिलने वाला ब्याज
Business News
माना जा रहा है कि EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी PF में जमा पैसे पर मिलने वाले में कटौती कर सकती है. शेयर बाजारों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट और ज्यादा क्लेम सेटलमेंट को मद्देनजर रखते हुए EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी FY2024-25 के लिए ब्याज दर घटा सकता है.
EPFO के करोड़ों मेंबर्स को सरकार बड़ा झटका दे सकती है. शुक्रवार को सरकार EPFO पर मिलने वाले ब्याज का ऐलान कर सकती है. ऐसे में माना जा रहा है कि EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी PF में जमा पैसे पर मिलने वाले में कटौती कर सकती है. शेयर बाजारों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट और ज्यादा क्लेम सेटलमेंट को मद्देनजर रखते हुए EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी FY2024-25 के लिए ब्याज दर घटा सकता है. इससे 300 मिलियन मेंबर्स की रिटायरमेंट सेविंग्स पर दी जाने वाली ब्याज दर पर असर पड़ेगा.
कल होनी है बैठक
2024-25 के लिए EPF की ब्याज दर पर फैसला लेने के लिए कल यानी शुक्रवार 28 फरवरी को बैठक होनी है. इस बैठक में PF में जमा पैसे पर मिलने वाले ब्याज पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है जिसका सीधा असर करोड़ों EPFO मेंबर्स के अमाउंट पर पड़ेगा. पिछले साल सरकार ने EFP की ब्याज दर को 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी किया गया था. वहीं अब ऐसा माना जा रहा है इसमें कटौती की जा सकती है.
क्यों होगी ब्याज में कटौती?
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड की निवेश समिति ने पिछले हफ्ते ईपीएफओ की इनकम और एक्सपेंडिचर प्रोफाइल पर चर्चा करने के लिए बैठक की थी, जिससे ईपीएफ दर की सिफारिश की जा सके. बोर्ड में नियोक्ता प्रतिनिधि के नाम न बताने की शर्त पर बिजनेस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल ब्याज दर पिछले साल की तुलना में कम हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है. ऐसे में अगर किसी एमर्जेन्सी से निपटने के लिए उच्च ब्याज दर की घोषणा की जाती है, तो रिटायरमेंट फंड बॉडी के पास बहुत ज्यादा सरप्लस नहीं बचेगा.
इसके अलावा क्लेम सेटलमेंट की ज्यादा डिमांड ने वार्षिक ईपीएफ क्रेडिट के लिए कम पूल छोड़ा है. जनवरी तक EPFO ने 2024-25 में ₹2.05 ट्रिलियन के 5.08 मिलियन से ज्यादा के क्लेम प्रोसेस किया है. जबकि 2023-24 में ₹1.82 ट्रिलियन के 44.5 मिलियन से ज्यादा क्लेम सेटलमेंट हुए हैं.
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
EPFO के करोड़ों मेंबर्स को बड़ा झटका! कम हो सकता है PF के पैसे पर मिलने वाला ब्याज
Business News
EPFO के करोड़ों मेंबर्स को सरकार बड़ा झटका दे सकती है. शुक्रवार को सरकार EPFO पर मिलने वाले ब्याज का ऐलान कर सकती है. ऐसे में माना जा रहा है कि EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी PF में जमा पैसे पर मिलने वाले में कटौती कर सकती है. शेयर बाजारों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट और ज्यादा क्लेम सेटलमेंट को मद्देनजर रखते हुए EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी FY2024-25 के लिए ब्याज दर घटा सकता है. इससे 300 मिलियन मेंबर्स की रिटायरमेंट सेविंग्स पर दी जाने वाली ब्याज दर पर असर पड़ेगा.
कल होनी है बैठक
2024-25 के लिए EPF की ब्याज दर पर फैसला लेने के लिए कल यानी शुक्रवार 28 फरवरी को बैठक होनी है. इस बैठक में PF में जमा पैसे पर मिलने वाले ब्याज पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है जिसका सीधा असर करोड़ों EPFO मेंबर्स के अमाउंट पर पड़ेगा. पिछले साल सरकार ने EFP की ब्याज दर को 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी किया गया था. वहीं अब ऐसा माना जा रहा है इसमें कटौती की जा सकती है.
क्यों होगी ब्याज में कटौती?
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड की निवेश समिति ने पिछले हफ्ते ईपीएफओ की इनकम और एक्सपेंडिचर प्रोफाइल पर चर्चा करने के लिए बैठक की थी, जिससे ईपीएफ दर की सिफारिश की जा सके. बोर्ड में नियोक्ता प्रतिनिधि के नाम न बताने की शर्त पर बिजनेस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल ब्याज दर पिछले साल की तुलना में कम हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है. ऐसे में अगर किसी एमर्जेन्सी से निपटने के लिए उच्च ब्याज दर की घोषणा की जाती है, तो रिटायरमेंट फंड बॉडी के पास बहुत ज्यादा सरप्लस नहीं बचेगा.
इसके अलावा क्लेम सेटलमेंट की ज्यादा डिमांड ने वार्षिक ईपीएफ क्रेडिट के लिए कम पूल छोड़ा है. जनवरी तक EPFO ने 2024-25 में ₹2.05 ट्रिलियन के 5.08 मिलियन से ज्यादा के क्लेम प्रोसेस किया है. जबकि 2023-24 में ₹1.82 ट्रिलियन के 44.5 मिलियन से ज्यादा क्लेम सेटलमेंट हुए हैं.
