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शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 583 अंक टूटा, निफ्टी 23,998 पर
बिजनेस न्यूज
शेयर बाजार में गिरावट के बीच आईटी शेयरों में खरीदारी, मेटल और बैंकिंग सेक्टर दबाव में वैश्विक संकेतों और जियोपॉलिटिकल तनाव ने बाजार की दिशा बदल दी है। तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी बाजारों की कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क किया है।
आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है। जहां सेंसेक्स 583 अंक यानी 0.75% टूटकर 76,913 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 180 अंकों की गिरावट के साथ 23,998 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में बाजार पर दबाव बना रहा, हालांकि आईटी सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली। मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बाजार का संतुलन बिगड़ गया।
वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निवेशक जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुक रहे हैं, जिससे बाजार में गिरावट आई।
गिरावट के कारण
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहों में पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव शामिल है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव से सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। इससे वैश्विक स्तर पर व्यापार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो 2022 के बाद पहली बार हुआ है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ने और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
तीसरी वजह अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई कमजोरी है। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, अमेरिका में डाउ जोन्स और S&P 500 में कमजोरी देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
सेक्टर का हाल
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत रहा और इसमें खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आईटी कंपनियां अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन देती हैं, इसलिए निवेशक इस सेक्टर की ओर रुख करते हैं।
वहीं, मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में दबाव बना रहा। इन सेक्टर्स पर वैश्विक मांग में कमी और आर्थिक अनिश्चितता का असर देखने को मिला। एक दिन पहले यानी 29 अप्रैल को बाजार में तेजी रही थी। उस दिन सेंसेक्स 609 अंक चढ़कर 77,496 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 24,178 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, यह तेजी टिक नहीं पाई और अगले ही दिन बाजार में गिरावट आ गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं पर निर्भर है। विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतें और जियोपॉलिटिकल हालात निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं।इस गिरावट का असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर भी पड़ा है। छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ी है, जबकि संस्थागत निवेशक सतर्क रणनीति अपना रहे हैं।
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शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 583 अंक टूटा, निफ्टी 23,998 पर
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आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है। जहां सेंसेक्स 583 अंक यानी 0.75% टूटकर 76,913 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 180 अंकों की गिरावट के साथ 23,998 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में बाजार पर दबाव बना रहा, हालांकि आईटी सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली। मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बाजार का संतुलन बिगड़ गया।
वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निवेशक जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुक रहे हैं, जिससे बाजार में गिरावट आई।
गिरावट के कारण
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहों में पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव शामिल है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव से सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। इससे वैश्विक स्तर पर व्यापार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो 2022 के बाद पहली बार हुआ है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ने और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
तीसरी वजह अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई कमजोरी है। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, अमेरिका में डाउ जोन्स और S&P 500 में कमजोरी देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
सेक्टर का हाल
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत रहा और इसमें खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आईटी कंपनियां अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन देती हैं, इसलिए निवेशक इस सेक्टर की ओर रुख करते हैं।
वहीं, मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में दबाव बना रहा। इन सेक्टर्स पर वैश्विक मांग में कमी और आर्थिक अनिश्चितता का असर देखने को मिला। एक दिन पहले यानी 29 अप्रैल को बाजार में तेजी रही थी। उस दिन सेंसेक्स 609 अंक चढ़कर 77,496 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 24,178 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, यह तेजी टिक नहीं पाई और अगले ही दिन बाजार में गिरावट आ गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं पर निर्भर है। विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतें और जियोपॉलिटिकल हालात निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं।इस गिरावट का असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर भी पड़ा है। छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ी है, जबकि संस्थागत निवेशक सतर्क रणनीति अपना रहे हैं।
