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एक अक्टूबर से फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडर्स की कटेगी जेब, देना होगा डेरिवेटिव्स ट्रेड पर ज्यादा STT
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रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च 2019 में कुल टर्नओवर 219 करोड़ रुपये था जो मार्च 2024 में बढ़कर 8740 करोड़ रुपये हो गया है.
मंगलवार एक अक्टूबर 2024 से शेयर बाजार के डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग (Derivatives Trading) यानि फ्यूचर एंड ऑप्शंस (Future & Options) में ट्रेड करने वालों की जेब पर झटका लगने वाला है. 23 जुलाई 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने फ्यूचर एंड ऑप्शन के ट्रेड ( F&O Trading) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स ( Securities Transaction Tax) में जो बढ़ोतरी की है वो एक अक्टूबर 2024 से लागू होने जा रहा है.
F&O में ट्रेड पर भारी नुकसान
23 सितंबर 2024 को शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने रिपोर्ट जारी कर बताया कि पिछले तीन वर्ष में फ्यूचर एंड ऑप्शंस में ट्रेड करने वाले 1.13 करोड़ निवेशकों को 1.81 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. जबकि 2023-24 में एक ही वर्ष में निवेशकों को 75000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. ऐसे में फ्यूचर एंड ऑप्शंस में ट्रेड करने से निवेशकों को हतोत्साहित करने के लिए बजट में एफ एंड ओ ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को बढ़ाने का फैसला लिया गया था. 2023-24 में हर निवेशकों को औसतन 1.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. केवल 7.3 फीसदी निवेशक हैं जिन्हें एफ एंड ओ में ट्रेडिंग करने पर लाभ हुआ है.
F&O में ट्रेड पर देना होगा ज्यादा STT
बजट प्रस्ताव के मुताबिक ऑप्शन कॉंट्रैक्ट्स पर एसटीटी को 0.0625 फीसदी से बढ़ाकर 0.1 फीसदी कर दिया गया है. तो फ्यूचर कॉंट्रैक्ट्स को 0.0125 फीसदी से बढ़ाकर 0.02 फीसदी कर दिया गया है. जाहिर है इस फैसले जो ट्रेडर्स फ्यूचर एंड ऑप्शन में ट्रेड करते हैं उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स चुकाना होगा.
4 वर्ष में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में जोरदार उछाल
डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और उनकी गाढ़ी कमाई को हो रहे नुकसान को लेकर वित्त मंत्री से लेकर सेबी चीफ माधबी पुरी बुच ने चिंता जताई है. इस वर्ष पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे में भी डेरिवेटिव्स ट्रेड को लेकर चिंता जाहिर की है और सर्वे में कहा गया कि विकासशील देशों में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के लिए कोई स्थान नहीं है. डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च 2019 में कुल टर्नओवर 219 करोड़ रुपये था जो मार्च 2024 में बढ़कर 8740 करोड़ रुपये हो गया है. 1.jpeg)
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एक अक्टूबर से फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडर्स की कटेगी जेब, देना होगा डेरिवेटिव्स ट्रेड पर ज्यादा STT
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मंगलवार एक अक्टूबर 2024 से शेयर बाजार के डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग (Derivatives Trading) यानि फ्यूचर एंड ऑप्शंस (Future & Options) में ट्रेड करने वालों की जेब पर झटका लगने वाला है. 23 जुलाई 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने फ्यूचर एंड ऑप्शन के ट्रेड ( F&O Trading) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स ( Securities Transaction Tax) में जो बढ़ोतरी की है वो एक अक्टूबर 2024 से लागू होने जा रहा है.
F&O में ट्रेड पर भारी नुकसान
23 सितंबर 2024 को शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने रिपोर्ट जारी कर बताया कि पिछले तीन वर्ष में फ्यूचर एंड ऑप्शंस में ट्रेड करने वाले 1.13 करोड़ निवेशकों को 1.81 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. जबकि 2023-24 में एक ही वर्ष में निवेशकों को 75000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. ऐसे में फ्यूचर एंड ऑप्शंस में ट्रेड करने से निवेशकों को हतोत्साहित करने के लिए बजट में एफ एंड ओ ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को बढ़ाने का फैसला लिया गया था. 2023-24 में हर निवेशकों को औसतन 1.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. केवल 7.3 फीसदी निवेशक हैं जिन्हें एफ एंड ओ में ट्रेडिंग करने पर लाभ हुआ है.
F&O में ट्रेड पर देना होगा ज्यादा STT
बजट प्रस्ताव के मुताबिक ऑप्शन कॉंट्रैक्ट्स पर एसटीटी को 0.0625 फीसदी से बढ़ाकर 0.1 फीसदी कर दिया गया है. तो फ्यूचर कॉंट्रैक्ट्स को 0.0125 फीसदी से बढ़ाकर 0.02 फीसदी कर दिया गया है. जाहिर है इस फैसले जो ट्रेडर्स फ्यूचर एंड ऑप्शन में ट्रेड करते हैं उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स चुकाना होगा.
4 वर्ष में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में जोरदार उछाल
डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और उनकी गाढ़ी कमाई को हो रहे नुकसान को लेकर वित्त मंत्री से लेकर सेबी चीफ माधबी पुरी बुच ने चिंता जताई है. इस वर्ष पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे में भी डेरिवेटिव्स ट्रेड को लेकर चिंता जाहिर की है और सर्वे में कहा गया कि विकासशील देशों में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के लिए कोई स्थान नहीं है. डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च 2019 में कुल टर्नओवर 219 करोड़ रुपये था जो मार्च 2024 में बढ़कर 8740 करोड़ रुपये हो गया है. 1.jpeg)
