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पहले 6 महीनों में जीडीपी को मिला जोर, अगले हाफ में अमेरिकी टैरिफ बने चुनौती?
Business News
चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी 8.2% बढ़ी, जो मजबूत घरेलू मांग, सर्विस एक्सपोर्ट और कम महंगाई का नतीजा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रदर्शन देश की मजबूत आर्थिक क्षमता और स्थिर घरेलू मांग को दर्शाता है।
पहले छह महीनों में टैरिफ का असर नहीं दिखा, जबकि ब्याज दर में कटौती से आम लोगों की जेब में पैसा बढ़ा और खर्च में सुधार हुआ। एसबीआई रिपोर्ट के अनुसार घरेलू मांग, श्रम-गहन क्षेत्रों में वृद्धि और सेवा निर्यात ने जीडीपी को मजबूती दी।
हालांकि, अगले छह महीनों में अमेरिकी उच्च टैरिफ और वैश्विक मंदी का असर निर्यात पर पड़ सकता है। एचडीएफसी बैंक का अनुमान है कि दूसरी छमाही में जीडीपी वृद्धि औसतन 6.6% रह सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग और नीतिगत स्थिरता अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण हैं। बावजूद इसके, अमेरिकी टैरिफ और सीमित सरकारी खर्च ग्रोथ की रफ्तार पर दबाव डाल सकते हैं।
