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सोना 59 चढ़कर 1.52 लाख पार, चांदी में गिरावट
बिजनेस न्यूज
सोने की कीमत में मामूली तेजी, चांदी ₹612 सस्ती; 2026 में अब तक सोना ₹19 हजार महंगा सोना-चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। निवेशकों और खरीदारों के लिए यह बदलाव अहम संकेत दे रहा है।
देश में सोने की कीमतों में एक बार फिर हल्की बढ़त दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 21 अप्रैल को 24 कैरेट सोना 59 रुपए महंगा होकर 1,52,155 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले 20 अप्रैल को इसकी कीमत 1,52,096 रुपए थी। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई और यह 612 रुपए सस्ती होकर 2,50,063 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के कारण सोने-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यह बदलाव निवेशकों के रुझान और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर निर्भर करता है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव
सोने और चांदी की कीमतें अलग-अलग शहरों में अलग हो सकती हैं। इसके पीछे ट्रांसपोर्टेशन लागत, स्थानीय टैक्स, मांग और सप्लाई जैसे कई कारण होते हैं।ज्वेलरी मार्केट में दक्षिण भारत में अधिक खपत के कारण कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है। वहीं, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन भी अपने स्तर पर रेट तय करते हैं।
सालभर का रुझान
इस साल सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में अब तक सोना करीब 19 हजार रुपए महंगा हो चुका है।31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपए के पार पहुंच गया है। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच चुकी है।सरकारी स्तर पर भी हाल ही में एक अहम फैसला लिया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सोने-चांदी के गहनों के आयात को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है।अधिकारियों के अनुसार, अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए विशेष लाइसेंस लेना जरूरी होगा। यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दुरुपयोग को रोकने और घरेलू बाजार को संतुलित रखने के लिए उठाया गया है।
खरीदते समय सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना खरीदते समय ग्राहकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है।इसके अलावा, खरीदारी से पहले कीमत की पुष्टि करना भी जरूरी है, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं। चांदी की पहचान के लिए भी कुछ सामान्य तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे मैग्नेट टेस्ट या आइस टेस्ट, जिससे असली और नकली में फर्क किया जा सकता है।
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सोना 59 चढ़कर 1.52 लाख पार, चांदी में गिरावट
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देश में सोने की कीमतों में एक बार फिर हल्की बढ़त दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 21 अप्रैल को 24 कैरेट सोना 59 रुपए महंगा होकर 1,52,155 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले 20 अप्रैल को इसकी कीमत 1,52,096 रुपए थी। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई और यह 612 रुपए सस्ती होकर 2,50,063 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के कारण सोने-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यह बदलाव निवेशकों के रुझान और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर निर्भर करता है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव
सोने और चांदी की कीमतें अलग-अलग शहरों में अलग हो सकती हैं। इसके पीछे ट्रांसपोर्टेशन लागत, स्थानीय टैक्स, मांग और सप्लाई जैसे कई कारण होते हैं।ज्वेलरी मार्केट में दक्षिण भारत में अधिक खपत के कारण कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है। वहीं, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन भी अपने स्तर पर रेट तय करते हैं।
सालभर का रुझान
इस साल सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में अब तक सोना करीब 19 हजार रुपए महंगा हो चुका है।31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपए के पार पहुंच गया है। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच चुकी है।सरकारी स्तर पर भी हाल ही में एक अहम फैसला लिया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सोने-चांदी के गहनों के आयात को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है।अधिकारियों के अनुसार, अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए विशेष लाइसेंस लेना जरूरी होगा। यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दुरुपयोग को रोकने और घरेलू बाजार को संतुलित रखने के लिए उठाया गया है।
खरीदते समय सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना खरीदते समय ग्राहकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है।इसके अलावा, खरीदारी से पहले कीमत की पुष्टि करना भी जरूरी है, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं। चांदी की पहचान के लिए भी कुछ सामान्य तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे मैग्नेट टेस्ट या आइस टेस्ट, जिससे असली और नकली में फर्क किया जा सकता है।
