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स्टील प्रोडक्ट्स पर 200 दिनों के लिए सरकार ने लगाया सुरक्षा शुल्क, जानें क्यों उठाया गया ये कदम
Business News
भारत सरकार ने घरेलू इस्पात उद्योग को विदेशी आयात से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने हॉट रोल्ड कॉइल, शीट और प्लेट सहित पांच प्रकार के स्टील उत्पादों पर 12 प्रतिशत का अनंतिम सुरक्षा शुल्क (Provisional Safeguard Duty) लगाने की घोषणा की है, जो 200 दिनों तक लागू रहेगा।
क्या है फैसला?
वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली जांच शाखा डीजीटीआर (DGTR - Directorate General of Trade Remedies) की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। यह शुल्क 675 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से लेकर 964 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के आयात मूल्य से कम दर पर भारत में आने वाले शिपमेंट पर लागू होगा।
अगर स्टील उत्पाद इन निर्धारित कीमतों से ऊपर के आयात मूल्यों पर भारत में आ रहे हैं, तो उन पर यह शुल्क नहीं लगेगा।
किन प्रोडक्ट्स पर लागू होगा शुल्क?
यह निर्णय इन 5 प्रमुख स्टील कैटेगरीज पर लागू होगा:
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हॉट रोल्ड कॉइल, शीट और प्लेट
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हॉट रोल्ड प्लेट मिल प्लेट
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कोल्ड रोल्ड कॉइल और शीट
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मेटैलिक कोटेड स्टील कॉइल और शीट
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कलर कोटेड कॉइल और शीट (चाहे प्रोफाइल किए गए हों या नहीं)
क्यों लिया गया यह फैसला?
डीजीटीआर की जांच में सामने आया कि भारत में इन उत्पादों का आयात अचानक, तीव्र और बड़े पैमाने पर बढ़ा है, जिससे घरेलू उत्पादकों को गंभीर नुकसान हो रहा है।
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2021-22 में इन उत्पादों का आयात 2.293 मिलियन टन था, जो 2023-24 की जांच अवधि में बढ़कर 6.612 मिलियन टन तक पहुंच गया।
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यह वृद्धि विशेष रूप से चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से हुई है, जहां उत्पादन क्षमता ज्यादा है लेकिन घरेलू मांग कम है।
किसने की थी शिकायत?
इस जांच की शुरुआत भारतीय इस्पात संघ (ISA) की शिकायत के बाद की गई थी। शिकायतकर्ताओं में देश की प्रमुख स्टील कंपनियाँ शामिल थीं, जैसे:
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आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AMNS)
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JSW स्टील और JSW कोटेड प्रोडक्ट्स
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भूषण पावर एंड स्टील
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जिंदल स्टील एंड पावर
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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)
DGTR ने क्या कहा?
18 मार्च 2025 को जारी नोटिफिकेशन में DGTR ने कहा:
"हालात इतने गंभीर हैं कि सुरक्षा उपायों को तुरंत लागू न किया जाए, तो नुकसान इतना गहरा हो सकता है कि उसकी भरपाई असंभव हो जाएगी।"
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स्टील प्रोडक्ट्स पर 200 दिनों के लिए सरकार ने लगाया सुरक्षा शुल्क, जानें क्यों उठाया गया ये कदम
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सरकार ने हॉट रोल्ड कॉइल, शीट और प्लेट सहित पांच प्रकार के स्टील उत्पादों पर 12 प्रतिशत का अनंतिम सुरक्षा शुल्क (Provisional Safeguard Duty) लगाने की घोषणा की है, जो 200 दिनों तक लागू रहेगा।
क्या है फैसला?
वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली जांच शाखा डीजीटीआर (DGTR - Directorate General of Trade Remedies) की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। यह शुल्क 675 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से लेकर 964 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के आयात मूल्य से कम दर पर भारत में आने वाले शिपमेंट पर लागू होगा।
अगर स्टील उत्पाद इन निर्धारित कीमतों से ऊपर के आयात मूल्यों पर भारत में आ रहे हैं, तो उन पर यह शुल्क नहीं लगेगा।
किन प्रोडक्ट्स पर लागू होगा शुल्क?
यह निर्णय इन 5 प्रमुख स्टील कैटेगरीज पर लागू होगा:
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हॉट रोल्ड कॉइल, शीट और प्लेट
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हॉट रोल्ड प्लेट मिल प्लेट
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कोल्ड रोल्ड कॉइल और शीट
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मेटैलिक कोटेड स्टील कॉइल और शीट
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कलर कोटेड कॉइल और शीट (चाहे प्रोफाइल किए गए हों या नहीं)
क्यों लिया गया यह फैसला?
डीजीटीआर की जांच में सामने आया कि भारत में इन उत्पादों का आयात अचानक, तीव्र और बड़े पैमाने पर बढ़ा है, जिससे घरेलू उत्पादकों को गंभीर नुकसान हो रहा है।
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2021-22 में इन उत्पादों का आयात 2.293 मिलियन टन था, जो 2023-24 की जांच अवधि में बढ़कर 6.612 मिलियन टन तक पहुंच गया।
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यह वृद्धि विशेष रूप से चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से हुई है, जहां उत्पादन क्षमता ज्यादा है लेकिन घरेलू मांग कम है।
किसने की थी शिकायत?
इस जांच की शुरुआत भारतीय इस्पात संघ (ISA) की शिकायत के बाद की गई थी। शिकायतकर्ताओं में देश की प्रमुख स्टील कंपनियाँ शामिल थीं, जैसे:
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आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AMNS)
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JSW स्टील और JSW कोटेड प्रोडक्ट्स
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भूषण पावर एंड स्टील
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जिंदल स्टील एंड पावर
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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)
DGTR ने क्या कहा?
18 मार्च 2025 को जारी नोटिफिकेशन में DGTR ने कहा:
"हालात इतने गंभीर हैं कि सुरक्षा उपायों को तुरंत लागू न किया जाए, तो नुकसान इतना गहरा हो सकता है कि उसकी भरपाई असंभव हो जाएगी।"
