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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा
बिजनेस न्यूज
अमेरिका-इजराइल और ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयरों में तेज बिकवाली
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,500 अंकों की गिरावट के साथ 71,600 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 450 अंक फिसलकर 22,200 के करीब पहुंच गया। यह गिरावट करीब 2 प्रतिशत के आसपास रही, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा रहा कि सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। खासतौर पर बैंकिंग, मेटल, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाते हुए भारी बिकवाली की।
इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जो बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तीसरा, एशियाई बाजारों में आई कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत टूटा, जबकि जापान का निक्केई 2 प्रतिशत नीचे रहा। हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वैश्विक बाजारों में इस कमजोरी ने भारतीय निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया।
हालांकि, अमेरिकी बाजारों में एक दिन पहले सकारात्मक रुख देखने को मिला था। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक जोखिम फिलहाल बाजार की दिशा तय कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को बाजार में मजबूती देखी गई थी, जब सेंसेक्स 1,187 अंक चढ़कर 73,134 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 348 अंक की बढ़त के साथ 22,679 के स्तर पर रहा था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार ने तेज गिरावट दर्ज की, जो मौजूदा अस्थिरता को दर्शाता है।
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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा
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वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,500 अंकों की गिरावट के साथ 71,600 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 450 अंक फिसलकर 22,200 के करीब पहुंच गया। यह गिरावट करीब 2 प्रतिशत के आसपास रही, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा रहा कि सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। खासतौर पर बैंकिंग, मेटल, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाते हुए भारी बिकवाली की।
इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जो बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तीसरा, एशियाई बाजारों में आई कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत टूटा, जबकि जापान का निक्केई 2 प्रतिशत नीचे रहा। हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वैश्विक बाजारों में इस कमजोरी ने भारतीय निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया।
हालांकि, अमेरिकी बाजारों में एक दिन पहले सकारात्मक रुख देखने को मिला था। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक जोखिम फिलहाल बाजार की दिशा तय कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को बाजार में मजबूती देखी गई थी, जब सेंसेक्स 1,187 अंक चढ़कर 73,134 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 348 अंक की बढ़त के साथ 22,679 के स्तर पर रहा था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार ने तेज गिरावट दर्ज की, जो मौजूदा अस्थिरता को दर्शाता है।
