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50 हजार की सैलरी पर कितना मिलेगा होम लोन? ऐसे तय होती है आपकी लिमिट
बिजनेस डेस्क
अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है तो बैंक आपको कितना होम लोन दे सकता है? जानें EMI, ब्याज दर और लोन पात्रता का पूरा गणित।
बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच आज अपना घर खरीदना आम लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन जब भी कोई बैंक में लोन के लिए आवेदन करता है तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि आखिर उसकी सैलरी के हिसाब से कितना होम लोन मिल सकता है। अगर आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी 50 हजार रुपये है, तो भी आप अच्छी-खासी लोन राशि के पात्र बन सकते हैं। हालांकि बैंक केवल सैलरी देखकर फैसला नहीं करते, बल्कि कई दूसरे फैक्टर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
बैंक होम लोन मंजूर करने से पहले FOIR यानी Fixed Obligation to Income Ratio को ध्यान में रखता है। आसान भाषा में समझें तो बैंक यह देखता है कि आपकी कमाई का कितना हिस्सा EMI चुकाने में जा सकता है। आमतौर पर बैंक कुल सैलरी का 50 से 55 फीसदी हिस्सा ही EMI के लिए सुरक्षित मानते हैं। यानी अगर आपकी सैलरी 50 हजार रुपये है, तो बैंक यह मानकर चलते हैं कि आप हर महीने लगभग 25 हजार रुपये तक EMI दे सकते हैं। बाकी रकम आपके घर खर्च और दूसरी जरूरतों के लिए जरूरी मानी जाती है।
मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो अगर होम लोन की ब्याज दर करीब 8.75 प्रतिशत मान ली जाए और आपके ऊपर पहले से कोई बड़ा लोन न हो, तो 20 साल की अवधि के लिए आपको लगभग 26 लाख से 28 लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकता है। इस स्थिति में आपकी मासिक EMI करीब 23 हजार से 25 हजार रुपये तक बन सकती है। वहीं अगर आप लोन चुकाने के लिए 30 साल की लंबी अवधि चुनते हैं, तो बैंक आपको करीब 32 लाख से 36 लाख रुपये तक का होम लोन देने पर विचार कर सकते हैं। लंबी अवधि होने से EMI कम हो जाती है और लोन की पात्रता बढ़ जाती है।
हालांकि आपकी अंतिम लोन राशि कुछ दूसरी चीजों पर भी निर्भर करती है। अगर पहले से कार लोन, पर्सनल लोन या किसी अन्य EMI का बोझ है, तो बैंक आपकी पात्रता कम कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी में से पहले से 5 हजार रुपये EMI कट रही है, तो बैंक नई EMI की सीमा घटा देंगे। इससे होम लोन की रकम भी कम हो सकती है।
क्रेडिट स्कोर भी यहां बेहद अहम माना जाता है। अगर आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक बेहतर ब्याज दर पर ज्यादा लोन देने के लिए तैयार रहते हैं। वहीं खराब क्रेडिट स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग अपनी लोन पात्रता बढ़ाने के लिए पत्नी, पति या माता-पिता को को-एप्लीकेंट भी बनाते हैं। इससे संयुक्त आय बढ़ जाती है और बैंक ज्यादा लोन मंजूर कर सकते हैं।
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन लेने से पहले EMI, ब्याज दर और कुल भुगतान की सही गणना कर लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े। सही प्लानिंग के साथ लिया गया होम लोन लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।
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50 हजार की सैलरी पर कितना मिलेगा होम लोन? ऐसे तय होती है आपकी लिमिट
बिजनेस डेस्क
बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच आज अपना घर खरीदना आम लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन जब भी कोई बैंक में लोन के लिए आवेदन करता है तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि आखिर उसकी सैलरी के हिसाब से कितना होम लोन मिल सकता है। अगर आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी 50 हजार रुपये है, तो भी आप अच्छी-खासी लोन राशि के पात्र बन सकते हैं। हालांकि बैंक केवल सैलरी देखकर फैसला नहीं करते, बल्कि कई दूसरे फैक्टर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
बैंक होम लोन मंजूर करने से पहले FOIR यानी Fixed Obligation to Income Ratio को ध्यान में रखता है। आसान भाषा में समझें तो बैंक यह देखता है कि आपकी कमाई का कितना हिस्सा EMI चुकाने में जा सकता है। आमतौर पर बैंक कुल सैलरी का 50 से 55 फीसदी हिस्सा ही EMI के लिए सुरक्षित मानते हैं। यानी अगर आपकी सैलरी 50 हजार रुपये है, तो बैंक यह मानकर चलते हैं कि आप हर महीने लगभग 25 हजार रुपये तक EMI दे सकते हैं। बाकी रकम आपके घर खर्च और दूसरी जरूरतों के लिए जरूरी मानी जाती है।
मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो अगर होम लोन की ब्याज दर करीब 8.75 प्रतिशत मान ली जाए और आपके ऊपर पहले से कोई बड़ा लोन न हो, तो 20 साल की अवधि के लिए आपको लगभग 26 लाख से 28 लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकता है। इस स्थिति में आपकी मासिक EMI करीब 23 हजार से 25 हजार रुपये तक बन सकती है। वहीं अगर आप लोन चुकाने के लिए 30 साल की लंबी अवधि चुनते हैं, तो बैंक आपको करीब 32 लाख से 36 लाख रुपये तक का होम लोन देने पर विचार कर सकते हैं। लंबी अवधि होने से EMI कम हो जाती है और लोन की पात्रता बढ़ जाती है।
हालांकि आपकी अंतिम लोन राशि कुछ दूसरी चीजों पर भी निर्भर करती है। अगर पहले से कार लोन, पर्सनल लोन या किसी अन्य EMI का बोझ है, तो बैंक आपकी पात्रता कम कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी में से पहले से 5 हजार रुपये EMI कट रही है, तो बैंक नई EMI की सीमा घटा देंगे। इससे होम लोन की रकम भी कम हो सकती है।
क्रेडिट स्कोर भी यहां बेहद अहम माना जाता है। अगर आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक बेहतर ब्याज दर पर ज्यादा लोन देने के लिए तैयार रहते हैं। वहीं खराब क्रेडिट स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग अपनी लोन पात्रता बढ़ाने के लिए पत्नी, पति या माता-पिता को को-एप्लीकेंट भी बनाते हैं। इससे संयुक्त आय बढ़ जाती है और बैंक ज्यादा लोन मंजूर कर सकते हैं।
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन लेने से पहले EMI, ब्याज दर और कुल भुगतान की सही गणना कर लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े। सही प्लानिंग के साथ लिया गया होम लोन लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।
