पतंजलि ने आयुर्वेद को ऐसे बनाया हेल्थ और बिजनेस की दुनिया का ‘हीरो’

JAGRAN DESK

करीब 20 साल पहले जब बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ 2006 में पजंजलि आयुर्वेद की शुरुआत की, तब उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि आने वाले समय में आयुर्वेद एक बड़ी इंडस्ट्री होगी. हेल्थ और बिजनेस की दुनिया में आयुर्वेद को 'हीरो' बनाने में पतंजलि का एक बड़ा योगदान है. चलिए समझते हैं इसे...

महाकवि तुलसीदास ने ‘श्रीरामचरितमानस’ लिखकर भगवान राम के आदर्श और उनकी कहानी को आम लोगों के बीच घर-घर पहुंचाने का जो काम सदियों पहले किया. 21वीं सदी में योग, आयुर्वेद और स्वास्थ्य की रक्षा के विचार को आम लोगों तक पहुंचाने का यही काम बाबा रामदेव और उनकी पतंजलि आयुर्वेद ने किया है.

आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में योग और आयुर्वेद का दूसरा नाम ‘बाबा रामदेव’ और ‘पतंजलि आयुर्वेद’ ही है. साल 2006 में जब बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ मिलकर पतंजलि की शुरुआत की थी, तब उन्हें भी अंदाजा नहीं होगा कि वह भारत में 800 अरब रुपये की एक बड़ी इंडस्ट्री को खड़ा करने में सहयोग कर रहे हैं.

पतंजलि ने बदला जीवन का तरीका

पतंजलि आयुर्वेद की जब शुरुआत हुई तो ‘दिव्य फार्मेसी’ के तहत मुख्य तौर पर आयुर्वेदिक दवाओं को ही कंपनी ने लॉन्च किया. इसके बाद पतंजलि ब्रांड के तहत कंपनी ने दंतकांति से लेकर शैंपू और साबुन जैसे डेली यूज के सामान को बाजार में उतारा. इसमें दंतकांति कंपनी का हीरो प्रोडक्ट बनकर बाहर आया.

यहां तक कि भारतीय बाजार में मौजूद ज्यादातर टूथपेस्ट की सेल डाउन जाने लगी और कई कंपनियों ने अपने पॉपुलर ब्रांड के ‘आयुर्वेदिक वर्जन’ निकालकर मार्केट में नए प्रोडक्ट लॉन्च किए. इस तरह पतंजलि के प्रोडक्ट्स ने लोगों की जिंदगी में आयुर्वेद को शामिल कराने का काम किया और उनके जीवन जीने के तरीके को ही बदल दिया.

पतंजलि ऐसे बना लोगों की पसंद

भारतीयों के बीच रसोई में मौजूद मसालों, अनाज और अन्य सामान के स्वास्थ्य लाभ की एक सामान्य जानकारी पहले से है. दादी-नानी के नुस्खे की एक किताब आम भारतीयों के परिवार में आपको आसानी से मिल जाएगी. पतंजलि ने आयुर्वेद की इन्हीं बातों को लोगों के बीच पहुंचाया. लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी कंपनी के सामान शुद्ध तरीके से तैयार हो रहे हैं. यहां तक की बाबा रामदेव वीडियो के माध्यम से लोगों को कंपनी की फैक्टरी के बीच लेकर गए और इससे पतंजलि लोगों की पसंद बन गया.

इतना ही नहीं, पतंजलि ने मार्केटिंग के कई पैमानों को भी तोड़ा. कंपनी ने शुरुआत में पतंजलि के उत्पादों की सेल के लिए ‘एक्सक्लूसिव स्टोर’ खोले, ना कि उन्हें मॉल या किरानों की दुकान पर सामान्य प्रोडक्ट्स की तरह पहुंचाया. वहीं कई बड़े स्टोर पर आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक को रखा, जो लोगों को मुफ्त में देखकर उन्हें आयुर्वेदिक इलाज उपलब्ध कराते. उनके इलाज के लिए पतंजलि के प्रोडक्ट उपलब्ध कराते. इससे लोगों के बीच पतंजलि के प्रोडक्ट्स को लेकर भरोसा कायम हुआ.

लोगों ने हाथों-हाथ क्यों अपनाया योग और आयुर्वेद?

बाबा रामदेव की एक बड़ी पहचान योगगुरु के तौर पर रही है. पतंजलि के साथ उनका नाम जुड़ने से लोगों ने योग और आयुर्वेद को तुरंत अपनाया. योग के स्वास्थ्य लाभ हैं और बाबा रामदेव ने पतंजलि के साथ आयुर्वेद के फायदों को उसमें जोड़ दिया. इसलिए योग और आयुर्वेद से स्वास्थ्य के लाभ को लेकर लोगों के मन में पॉजिटिव इमेज बनी और उन्होंने इसे अपनी निजी जिंदगी में उतारना शुरू किया.

इस बीच वैश्विक स्तर पर योग और आयुर्वेद का महत्व भी बढ़ने लगा. संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के तौर पर 21 जून की तारीख को पहचान दी. देश-विदेश में योग से जुड़े इवेंट होने लगे. इससे लोगों के बीच योग और आयुर्वेद को लेकर रूझान बना.

पतंजलि ने बनाए मॉडर्न प्रोडक्ट

पतंजलि ने लोगों के बीच आयुर्वेद के रेडी-2-यूज प्रोडक्ट उतारे. जैसे आंवला और गिलॉय के रस को रेडी-2-ड्रिंक रूप में पेश किया. इसकी वजह से लोगों के बीच आयुर्वेद के प्रोडक्ट्स को खरीदने का एक्साइटमेंट बढ़ा क्योंकि पतंजलि के प्रोडक्ट झंझटों से मुक्त थे.

वहीं कंपनी ने अश्वगंधा से लेकर त्रिफला जैसे पाउडर प्रोडक्ट्स के साथ-साथ मॉर्डन रूप में टैबलेट भी उतारीं. इसकी वजह से लोगों के लिए इसका सेवन आसान हो गया. इसलिए पतंजलि लोगों की लाइफ स्टाइल का हिस्सा बनता गया.

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
25 Mar 2025 By दैनिक जागरण

पतंजलि ने आयुर्वेद को ऐसे बनाया हेल्थ और बिजनेस की दुनिया का ‘हीरो’

JAGRAN DESK

महाकवि तुलसीदास ने ‘श्रीरामचरितमानस’ लिखकर भगवान राम के आदर्श और उनकी कहानी को आम लोगों के बीच घर-घर पहुंचाने का जो काम सदियों पहले किया. 21वीं सदी में योग, आयुर्वेद और स्वास्थ्य की रक्षा के विचार को आम लोगों तक पहुंचाने का यही काम बाबा रामदेव और उनकी पतंजलि आयुर्वेद ने किया है.

आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में योग और आयुर्वेद का दूसरा नाम ‘बाबा रामदेव’ और ‘पतंजलि आयुर्वेद’ ही है. साल 2006 में जब बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ मिलकर पतंजलि की शुरुआत की थी, तब उन्हें भी अंदाजा नहीं होगा कि वह भारत में 800 अरब रुपये की एक बड़ी इंडस्ट्री को खड़ा करने में सहयोग कर रहे हैं.

पतंजलि ने बदला जीवन का तरीका

पतंजलि आयुर्वेद की जब शुरुआत हुई तो ‘दिव्य फार्मेसी’ के तहत मुख्य तौर पर आयुर्वेदिक दवाओं को ही कंपनी ने लॉन्च किया. इसके बाद पतंजलि ब्रांड के तहत कंपनी ने दंतकांति से लेकर शैंपू और साबुन जैसे डेली यूज के सामान को बाजार में उतारा. इसमें दंतकांति कंपनी का हीरो प्रोडक्ट बनकर बाहर आया.

यहां तक कि भारतीय बाजार में मौजूद ज्यादातर टूथपेस्ट की सेल डाउन जाने लगी और कई कंपनियों ने अपने पॉपुलर ब्रांड के ‘आयुर्वेदिक वर्जन’ निकालकर मार्केट में नए प्रोडक्ट लॉन्च किए. इस तरह पतंजलि के प्रोडक्ट्स ने लोगों की जिंदगी में आयुर्वेद को शामिल कराने का काम किया और उनके जीवन जीने के तरीके को ही बदल दिया.

पतंजलि ऐसे बना लोगों की पसंद

भारतीयों के बीच रसोई में मौजूद मसालों, अनाज और अन्य सामान के स्वास्थ्य लाभ की एक सामान्य जानकारी पहले से है. दादी-नानी के नुस्खे की एक किताब आम भारतीयों के परिवार में आपको आसानी से मिल जाएगी. पतंजलि ने आयुर्वेद की इन्हीं बातों को लोगों के बीच पहुंचाया. लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी कंपनी के सामान शुद्ध तरीके से तैयार हो रहे हैं. यहां तक की बाबा रामदेव वीडियो के माध्यम से लोगों को कंपनी की फैक्टरी के बीच लेकर गए और इससे पतंजलि लोगों की पसंद बन गया.

इतना ही नहीं, पतंजलि ने मार्केटिंग के कई पैमानों को भी तोड़ा. कंपनी ने शुरुआत में पतंजलि के उत्पादों की सेल के लिए ‘एक्सक्लूसिव स्टोर’ खोले, ना कि उन्हें मॉल या किरानों की दुकान पर सामान्य प्रोडक्ट्स की तरह पहुंचाया. वहीं कई बड़े स्टोर पर आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक को रखा, जो लोगों को मुफ्त में देखकर उन्हें आयुर्वेदिक इलाज उपलब्ध कराते. उनके इलाज के लिए पतंजलि के प्रोडक्ट उपलब्ध कराते. इससे लोगों के बीच पतंजलि के प्रोडक्ट्स को लेकर भरोसा कायम हुआ.

लोगों ने हाथों-हाथ क्यों अपनाया योग और आयुर्वेद?

बाबा रामदेव की एक बड़ी पहचान योगगुरु के तौर पर रही है. पतंजलि के साथ उनका नाम जुड़ने से लोगों ने योग और आयुर्वेद को तुरंत अपनाया. योग के स्वास्थ्य लाभ हैं और बाबा रामदेव ने पतंजलि के साथ आयुर्वेद के फायदों को उसमें जोड़ दिया. इसलिए योग और आयुर्वेद से स्वास्थ्य के लाभ को लेकर लोगों के मन में पॉजिटिव इमेज बनी और उन्होंने इसे अपनी निजी जिंदगी में उतारना शुरू किया.

इस बीच वैश्विक स्तर पर योग और आयुर्वेद का महत्व भी बढ़ने लगा. संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के तौर पर 21 जून की तारीख को पहचान दी. देश-विदेश में योग से जुड़े इवेंट होने लगे. इससे लोगों के बीच योग और आयुर्वेद को लेकर रूझान बना.

पतंजलि ने बनाए मॉडर्न प्रोडक्ट

पतंजलि ने लोगों के बीच आयुर्वेद के रेडी-2-यूज प्रोडक्ट उतारे. जैसे आंवला और गिलॉय के रस को रेडी-2-ड्रिंक रूप में पेश किया. इसकी वजह से लोगों के बीच आयुर्वेद के प्रोडक्ट्स को खरीदने का एक्साइटमेंट बढ़ा क्योंकि पतंजलि के प्रोडक्ट झंझटों से मुक्त थे.

वहीं कंपनी ने अश्वगंधा से लेकर त्रिफला जैसे पाउडर प्रोडक्ट्स के साथ-साथ मॉर्डन रूप में टैबलेट भी उतारीं. इसकी वजह से लोगों के लिए इसका सेवन आसान हो गया. इसलिए पतंजलि लोगों की लाइफ स्टाइल का हिस्सा बनता गया.

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/patanjali-made-ayurveda-such-a-hero-of-the-world-of/article-15320

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.